Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 6524 of 2023 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक धीरज यादव एवं इन््शजीत िसह की ओर से मु०अ०स० 888/2019 अन्तगर्त धारा 420/ 406 भा.दं.सं. एवं 138 एन.आई एक्ट, थाना िसिवल लाइन्स, िजला मुरादाबाद में अि्षम जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा िवचारण न्यायालय के आदेश फलक की ्ऺमािणत ्ऺितिलिप दािखल की गयी जो अनुलग्नक X से टैग है उसे प्ऴावली पर रखा जाए।
4. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदकगण िनदरॏष है, उसे उपरो्व धाराओं में ्षेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उन्हें आशंका है िक उसे उपरो्व विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उनके िवरू्ध कोई िव्षसनीय साष्य नहीं है। आवेदकगण दारा ्ऺाथिमकी में दिशत उपरो्व धाराओं का अपराध कािरत नहीं िकया गया है। आवेदकगण की ओर से यह भी आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।
5.
पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा अि्षम जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा िवचारण न्यायालय के आदेश फलक की ्ऺमािणत ्ऺितिलिप दािखल की गयी जो अनुलग्नक X से टैग है। िजसकी आख्या के अवलोकन से Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Kumar Dubey, Sachin Kumar Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dheeraj Yadav And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
िविदत हो रहा है िक आवेदकगण सम्बिन्धत िवचारण न्यायालय में िनयत ितिथयों में उपिस्थत नहीं हो रहें हैं उनके िखलाफ एन.बी.डब्लू भी जारी िकया जा चुका है।" िजससे यह पिरलि्षत हो रहा है िक आवेदकगण ्षारा जानबूझकर स्ऴ परी्षण के िनस्तारण में अनावश्यक िवलम्ब िकया जा रहा है। आवेदकगण न्याियक ्ऺि्वया में सहयोग नहीं दे रहे हैं। अिभयु्वगण ्षारा कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है इसिलए आवेदकगण को अि्षम जमानत पर मु्व िकये जाने का कोई औिचत्य ्ऺतीत नहीं होता है अतः अिभयु्वगण का अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाय। अिभयु्वगण ्षारा कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है इसिलए आवेदकगण को अि्षम जमानत पर मु्व िकये जाने का कोई औिचत्य ्ऺतीत नहीं होता है अतः अिभयु्वगण का अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाय।
6. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अि्षम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की ्ऺकृ ित और गंभीरता, अिभयु्व का पूवर्वृ्त, अिभयु्व के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयु्व के िवरु्ध उपलब्ध संपूणर् साम्षी का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयु्व की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए।
7. वतर्मान मामले में अि्षम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए और प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदकगण की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए एवं सम्पूणर् दस्तावेजों के अवलोकन से यह िविदत होता है िक आवेदकगण ्षारा पूवर् में िदये गये अंतिरम आदेश का दुपर्योग िकया जा रहा है। अतः मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, त्शुसार आवेदकगण का अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
8. उपरो्वानुसार वाद के गुण-दोष पर िटप्पणी िकये बगैर यह अि्षम जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ िनरस्त िकया जाता है।
9.
इस वाद से संबंिधत पूवर् में अंतिरम आदेश स्वतः समाप्त समझा जाए।
10. आवेदकगण िनयिमत जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ दािखल करने हेतु स्वतं्ऴ है। कायार्लय को िनदरॏिशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक ्ऺितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनि्ात करें। October 6, 2025 S.Mishra ABAIL No. 6524 of 2023 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad