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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 31842 (ALL)

SANDEEP KUMAR PANDEY v. STATE OF U.P.

BAIL/9547/2025 · 2025-09-25

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9547 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 571/2024 अन्तगर्त धारा 318(4), 316(2), 351(2), 352, 336(3), 338, 340 भारतीय न्याय संिहता, थाना मेजा, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, सूचनाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक इस वाद में न्यायालय द्वारा पािरत आदेश िदनांक 14.05.2025 के अनुपालन में आवेदक के ऊपर संभाव्य (liable) धनरािश, आवेदक द्वारा िडमांड ड्राफ्ट सं० 482743, िदनांिकत 14.08.2025 के द्वारा धनरािश अंकन 2,00,00/- रूपये (दो लाख रूपये) एवं द्वारा िडमांड ड्राफ्ट सं० 212162, िदनांिकत 03.09.2025 के द्वारा धनरािश अंकन 50,00/- रूपये (पचास हजार रूपये) के माध्यम से कु ल धनरािश अंकन 2,50,000/- रूपये (दो लाख, पचास हजार रूपये) सूचनाकतार् को संबंिधत न्यायालय के समक्ष प्रदान िकया जा चुका है। अब उभय पक्ष के मध्य कोई िववाद नहीं है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मुक्त िकये जाने योग्य है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक इस प्रकरण में िद० 13.02.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। 4. सूचनाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा यह कथन िकया गया िक अिभयुक्त की ओर से िदए गए िडमांड ड्राफ्ट सं० 482743, िदनांिकत 14.08.2025 के द्वारा धनरािश अंकन 2,00,00/- रूपये (दो लाख रूपये) एवं द्वारा िडमांड ड्राफ्ट सं० 212162, िदनांिकत 03.09.2025 के द्वारा धनरािश अंकन 50,00/- रूपये (पचास हजार रूपये) के माध्यम से कु ल धनरािश अंकन 2,50,000/- रूपये (दो लाख, पचास हजार रूपये), सूचनाकतार् को संबंिधत न्यायालय के Versus Counsel for Applicant(s) : Satya Prakash Mishra Counsel for Opposite Party(s) : Manjeet Kumar, G.A. Sandeep Kumar Pandey .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) समक्ष प्राप्त हो गया है। अब उभय पक्ष के मध्य कोई िववाद नहीं है तथा अिभयुक्त को जमानत पर िरहा करने पर उन्हें कोई आपित्त नहीं है। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा उपयुर्क्त कथन के समथर्न में सादे पृष्ठ/पेज पर िलिखत रूप में िदया गया है, इसे पत्रावली पर रखा जाय। 6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 26, 2025 CP.sahani BAIL No. 9547 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad