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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 31544 (ALL)
RANJEET v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS
NABAIL/2278/2025 · 2025-05-18
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 31544 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:83412 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 2278 of 2025 Applicant :- Ranjeet Opposite Party :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Applicant :- Krishna Kumar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक ररंजजीर ककी ओर सवे ममु०अ०सरं० 63 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 363/ 366/ 376(2) एन. भमा०दरं०गव०, एवरं 5(एल)/ 6 पपॉक्ससो एक्ट रमानमा क्यसोलगड़ियमा , जजलमा बरवेलजी मम अगग्रिम जममानर ककी मपॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारजी ककी णसरगर मम आववेदक कसो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. ससूचजी पमुनरजीगक्षिर करनवे कवे बमाद वमाद पमुकमारनवे पर गवपक्षिजी सरं . 02 ककी ओर सवे कसोई भजी गवदमान अजधवकमा उपणसरर नहहीं हहआ जबगक आदवेश फलक कवे अवलसोकन एवरं ऑगफस ररपसोटर सवे दगशरर हहै गक गवपक्षिजी सरं. 02 कसो नसोगटस गनररर ककी जमा चमुककी हहै।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवरं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कसो समुनमा ररमा पतमावलजी कमा पररशजीलन गकयमा।
4. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरसोक धमारमाओरं मम दवेषवश ररंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा रयमा हहै, उसवे आशरंकमा हहै गक उसवे उपरसोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कसोई गवश्वसनजीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भजी करन हहै गक आववेदक कमा कसोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभजी रक कसोई भजी बमाध्यकमारजी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयजी हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जपॉच कवे ददौरमान सहयसोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जपॉच एजमसजी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय
पर उपणसरर रहवेरमा एवरं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहयसोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भजी आवश्यकरमा हसोरजी वह ईममानदमारजी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कसो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभजी शरर्दोरं कसो सवजीकमार करनवे कवे जलए भजी रहैयमार हहै जसो न्यमायमालय उस पर अजधरसोगपर करवेरजी।
5.
गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरसोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध ररंभजीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवरं पररणसरगरययों कसो दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक कसो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक कसो अगग्रिम जममानर पर न छसोड़िमा जमायवे।
6. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननजीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कसो आरसोपयों ककी प्रकक गर और ररंभजीररमा, आरसोपजी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी सरंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कसो आरसोपजी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभजी समामग्रिजी कमा समावधमानजी सवे मसूल्यमारंकन करनमा चमागहए और आरसोपजी ककी वमासरगवक भसूगमकमा पर भजी गवचमार करनमा चमागहए।
7. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सरंबरंधजी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमारंरयों कसो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओरं कवे करनयों , आरसोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भसूगमकमा और ममामलवे कवे सभजी रथ्ययों एवरं पररणसरगरययों कसो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर-दसोष पर गबनमा कसोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवजीकमार गकए जमानवे यसोग्य हहै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवजीकमार गकयमा जमारमा हहै।
8. उपरसोक ममुकदममा अपरमाध सरंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारजी ककी दशमा मम, उसवे सरंबरंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारजी ककी सरंरमुगष्टि पर रू०
50,000/- कमा व्यगकरर बरंध पत एवरं उसजी धनरमागश कवे दसो प्रगरभसू प्रसरमुर करनवे पर, (सत परजीक्षिर कवे गनसरमारर रक) गनमन शरर्दो कवे अधजीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हसोरमा रसो पमुजलस अजधकमारजी दमारमा जपॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसजी व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररययों कसो प्रत्यक्षि यमा परसोक्षि रूप सवे कसोई धमककी , वमादमा यमा प्रलसोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कसो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसजी पमुजलस अजधकमारजी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा एवरं गवचमारर कवे ददौरमान सहयसोर करमरवे और जममानर ककी सवररंतरमा कमा दमुरूपयसोर नहहीं करवेरमा। उपरसोक शरर्दो कवे उलरंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारजी/अगभयसोजन पक्षि कसो, आववेदक कसो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरजीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवररंतरमा हसोरमा। Order Date :- 19.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad