Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 30980 (ALL)
SMT. SUKHJIT KAUR v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/6326/2023 · 2025-07-27
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 30980 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 30980 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:125291
Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 6326 of 2023 Applicant :- Smt. Sukhjit Kaur Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Archit Mandhyan,Jagannath Singh Counsel for Opposite Party :- Anil Kumar,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा शश्रीमरश्री ससुखजश्रीर ककौर ककी ओर सवे मसु०अ०ससं० 690 सनन् 2025, अन्रररर धमारमा 498 ए/ 323/ 307/ 308/ 376/ 504/ 506 भमा.दसं.ससं. एवसं 3/4 दहवेज प्रगरषवेध अधधगनयम, रमानमा ससूरजपसुर, धजलमा रकौरमबसुद्ध नरर मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेगदकमा कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा, पररवमादश्री कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा कको ससुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा।
3. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै, उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। पश्रीगड़िरमा गकसश्री दसुष्प्रवेरर कवे षण्डियसंत मम गकसश्री व्यगक कवे समार सणममधलर नहहीं हहई हहै। उनकमा यह भश्री करन हहै गक आववेगदकमा कमा ककोई आपरमाधधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभश्री रक ककोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयश्री हहै। पसुननः उनकमा करन हहै गक आववेगदकमा गवचमारर और जजॉच कवे दकौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरश्री हहै गक वह जजॉच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरश्री एवसं आववेगदकमा ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे धलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हकोरश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खसुद कको उपलब्ध करमाएरश्री और उन सभश्री शरर्दोसं कको सवश्रीकमार करनवे कवे धलए भश्री रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अधधरकोगपर करवेरश्री।
4. पररवमादश्री कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभयसुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा रयमा गक आववेगदकमा दमारमा कमाररर अपरमाध
रसंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयसुकमा कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयसुकमा कको अगग्रिम जममानर पर न छकोड़िमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसंभश्रीररमा, आरकोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभश्री समामग्रिश्री कमा समावधमानश्री सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपश्री ककी वमासरगवक भसूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधश्री गवधध कवे सरमागपर धसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकक गर, आववेगदकमा ककी भसूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रसुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै।
7. रद्नसुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयवे जमानवे यकोग्य हहै।
8. उपरकोक मसुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेदक ककी गररफ्रमारश्री ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर रमानवे कवे भमारसमाधक अधधकमारश्री ककी ससंरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसश्री धनरमागश कवे दको प्रगरभसू प्रसरसुर करनवे पर , पसुधलस दमारमा आरकोप पत दमाधखल हकोनवे रक गनमन शरर्दोसं कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेगदकमा, यगद आवश्यक हकोरमा रको पसुधलस अधधकमारश्री दमारमा जजॉच हवेरसु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरश्री। 2- आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसश्री व्यगक यमा पसुधलस अधधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरमा धजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसश्री पसुधलस अधधकमारश्री कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेगदकमा गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे दकौरमान सहयकोर करमरवे और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दसुरूपयकोर नहहीं करवेरश्री।
उपरकोक शरर्दोसं कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाधधकमारश्री /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेगदकमा कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरश्रीकरर हवेरसु उपयसुक आववेदन प्रसरसुर करनवे ककी सवरसंतरमा हकोरमा।
9.
रद्नसुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकोक गटप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 28.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad