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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 30660 (CHH)

LOKENDRA KUMAR CHANDRA v. KANHIYA LAL CHANDRA

CRMP/1977/2025 · 2025-06-25

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 2025:CGHC:27950 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क्रमां%क -1977 /2025 1. ल.क न्द्र क मांर चन्द्र तिपु-पुरमांश्वेर, उम्र-लगभग 50 वेर्ष", ति4वेस -ग्रामां गचक लिलया, था4 वे हस ल-जै:जै:पुर, लिजैल-जै%जैग र चम्पु, छत्ती सगढ़ -----यातिचकक"/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ 1. कन्ह:या लल चन्द्र तिपु-क? ष्र्ण लल, उम्र-लगभग 52 वेर्ष", ति4वेस -ग्रामां 4न्दाल , था4 वे हस ल-जै:जै:पुर, लिजैल-जै%जैग र चम्पु, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /तिAकयाक" यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार : श्री क? ष्र्ण ट4, अलिFवेक्त । उत्तीरवेदा /तिAकयाक" द्वार : क.ई उपुण्डिIथा 4हJ । मां44 या न्यायामांKति" श्री स%जैया क मांर जैयासवेल , न्यायाF A !! आदाA पु ठ पुर पुरिर !! 26/06/2025 1. भर या 4गरिरक सरक्षा स%तिह, 2023 क Fर-528 क ह प्रI इस आवेदा4 मांU तिवेचरर्ण न्यायालया-न्यातियाक मांलिजैIटVट प्रथामां श्रीर्ण , चम्पु, लिजैल-जै%जैग र चम्पु, छत्ती सगढ़ द्वार पुरिरवेदा प्रकरर्ण क्रमां%क-53/2022 “कन्ह:या लल चन्द्र तिवेरूद्घ ल.क न्द्र क मांर चन्द्र" अ%ग" Fर-138 पुरक्रम्या लिलख अलिFति4यामां, 1881 मांU पुरिर आदाA POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.06.26 17:03:36 +0530 2 तिदा4%क-28/01/2025 क. च4Z दा गई ह: । लिजैसक ह यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार प्रI, Fर-45 भर या सक्ष्या अलिFति4यामां क आवेदा4 ति4रI कर तिदाया गया । लिजैस आग स%क्षापु मांU "प्रश्4F 4 आदाA" स स%.लिF तिकया जै रह ह: । 2. तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्षा अतिभयाक्त पुक्षा क आवेदा4 इस आAया क था तिक पुरिरवेदा 4 चक क्रमां%क-000573 आई.स .आई.स .आई. ^क, चम्पु क अ4दारर्ण तिवेर्षयाक पुरिरवेदा प्रI तिकया ह: उसमांU अतिभयाक्त क हIक्षार 4हJ ह: । वेह स%%लिF हIक्षार क जै%च हIलिलतिपु तिवेAर्षज्ञ स करवे4 चह ह:, लिजैसक अ4मांति दा जैए । 3. तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्षा पुरिरवेदा पुक्षा 4 उक्त आवेदा4 क तिवेर.F कर हaए उल्लेलिख तिकया तिक अतिभयाक्त तिदा4%क-10/08/2022 क. न्यायालया मांU उपुण्डिIथा ह. चक था और अ%रल क पुश्च तिदा4%क-09/10/2022 क. कलिथा आवेदा4 मांत्र तिवेलम् कर4 क ति4या स पुA तिकया गया । ^क मांमां. क अ4सर चक क अ4दारर्ण हIक्षार मांU तिभन्न क करर्ण 4हJ तिकया गया ण्डिfक अतिभयाक्त क ख %दा ह.4 क आFर पुर तिकया गया । अतिभयाक्त 4 तिकस भ सक्षामां स%Iथा4 या पुलिलस मांU इस रिरपु.ट" दाजै" 4हJ करया तिक उस4 तिAकयाक"/पुरिरवेदा क पुक्षा मांU उक्त चक जैर 4हJ तिकया ह: और वेह चक फर्ज़ीi ह. । 4. तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार हIलिलतिपु तिवेAर्षज्ञ स हIक्षार क जै%च करवे4 तिवेर्षयाक आवेदा4 इस आFर पुर ति4रI कर तिदाया गया तिक चक क अ4दारर्ण हIक्षार क तिभन्न क वेजैह स 4 ह.कर ण्डिfक अतिभयाक्त क ख %दा ह.4 क आFर पुर तिकया गया ह: । तिAकयाक"/पुरिरवेदा द्वार सक्ष्या सKच मांU याKति4या4 ^क क Aख प्र%Fक क. सक्षा क रूपु मांU सण्डिम्मांलिल तिकया गया ह: लिजैसक सक्ष्या क समांया हIक्षार क तिवेर्षया मांU Iपुष्टी करर्ण लिलया जै सक ह: । 5. यातिचकक"/अतिभयाक्त पुक्षा क तिवेद्वा4 अलिFवेक्त क क" ह: तिक तिवेचरर्ण न्यायालया क 3 "प्रश्4F 4 आदाA" क4 क आFर पुर ह:, गर्ण-दा.र्ष क आFर पुर 4हJ ह: । अk "प्रश्4F 4 आदाA" अपुI कर हaए, कलिथा आवेदा4 क ति4रकरर्ण गर्ण-दा.र्ष क आFर पुर कर4 ह ति4दाlतिA तिकया जैए । 6. अतिभलख क पुरिरA ल4 स दातिA" ह. ह: तिक तिवेचरर्ण न्यायालया क. इस Iपुष्टी कर4 चतिहए था तिक हIक्षार क हIलिलतिपु तिवेAर्षज्ञ स जै%च स%%F अ4मांति क्याn प्रदा4 4हJ क जै4 चतिहए । लिजैस तिवेर्षया मांU उल्लेख 4 कर हaए ण्डिfक अ4दारर्ण क करर्ण क उल्लेख तिकया गया ह: । 7. उपुर.क्त ण्डिIथाति मांU याह न्यायालया पु ह: तिक यातिचकक"/अतिभयाक्त पुक्षा क ति4वेदा4 उतिच और उपुयाक्त ह: । 8. अk "प्रश्4F 4 आदाA" अपुI कर हaए तिवेचरर्ण न्यायालया क. ति4दाlतिA तिकया जै ह: तिक यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार प्रI Fर-45 भर या सक्ष्या अलिFति4यामां क आवेदा4 क ति4रकरर्ण पु4k उतिच स4वेई क अवेसर दा हaए गर्ण-दा.र्ष क आFर पुर तिकया जैए । 9. यातिचकक"/अतिभयाक्त क. ति4दाlतिA तिकया जै ह: तिक वे तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्षा ति4या तिलिथा 17/07/2025 क. आवेश्याक रूपु स उपुण्डिIथा रह । 10. उपुर.क्त4सर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क ति4रकरर्ण प्रर%तिभक Iर पुर तिकया जै ह: । 11. रलिजैIटV क. ति4दाlतिA तिकया जै ह: तिक इस आदाA क प्रति याथाA घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया क. सKच4था" वे पुल4था" प्रतिर्ष क जैए । सह /- (स%जैया क मांर जैयासवेल) न्यायाF A पो मन