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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 30035 (ALL)

SMT. MEENA CHAURASIYA v. STATE OF U.P. AND 2 OTHERS

NABAIL/2122/2025 · 2025-08-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:135823 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 2122 of 2025 Applicant :- Smt. Meena Chaurasiya Opposite Party :- State Of U.P. And 2 Others Counsel for Applicant :- Ashwini Kumar Ojha Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा शश्रीमरश्री मश्रीनमा चचौरससियमा ककी ओर सिवे ममु०अ०सिसं० 647/2024, अन्रररर धमारमा 111, 318, 336(3), 61(2), 340(2), 352, 351(3) बश्री.एन.एसि. एवसं धमारमा 3/21 अगनयगमर जममा ययोजनमा प्रगरबसंध असधगनयम, रमानमा कयोरवमालश्री, सजलमा लसलरपमुर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इसि प्रमाररनमा कवे सिमार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेगदकमा कयो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सिकवे । 2. आववेगदकमा कवे गवदमान असधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासिककीय असधवकमा कयो सिमुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा। 3. आववेगदकमा कवे गवदमान असधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै, उसिवे उपरयोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सिवे आसलप्त गकयमा रयमा हहै , उसिवे आशसंकमा हहै गक उसिवे उपरयोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सिकरमा हहै , जबगक उसिकवे गवरूद्ध कयोई गवश्वसिनश्रीय सिमाक्ष्य नहहीं हहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभश्री रक कयोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयश्री हहै। आववेगदकमा प्रमारगमककी मम नमागमर नहहीं हहै, दचौरमान गवववेचनमा आववेगदकमा कमा नमाम प्रकमाश मम आयमा हहै। आववेगदकमा प्रश्नरर कसं पनश्री ककी न रयो सिदसय हहै , न हश्री कयोई पदमासधकमारश्री हहै। वररममान वमाद मम गवववेचनमा प्रचसलर हहै ररमा आरयोपपत दमासखिल नहहीं हहआ हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेगदकमा गवचमारर और जमॉच कवे दचौरमान सिहययोर करनवे कमा वचन दवेरश्री हहै गक वह जमॉच एजमसिश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर सिमय पर उपणसरर रहवेरश्री एवसं आववेगदकमा ककी ओर सिवे यह आश्वमासिन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सिहययोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हयोरश्री वह ईममानदमारश्री सिवे न्यमायमालय कवे सिमक्षि खिमुद कयो उपलब्ध करमाएरश्री और उन सिभश्री शरर्दोसं कयो सवश्रीकमार करनवे कवे सलए भश्री रहैयमार हहै , जयो न्यमायमालय उसि पर असधरयोगपर करवेरश्री। 4. गवदमान अपर शमासिककीय असधवकमा दमारमा अगभयमुकमा कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरयोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इसि ममामलवे मम अगभयमुकमा ककी भनूगमकमा प्ररम दृष्टयमा पररलगक्षिर हयो रहश्री हहै ररमा इसि घटनमा मम इनककी भनूगमकमा सिसंभमाव्य हहै , इसिसलए अगभयमुकमा कयो अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सिकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे सिमय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक गर और रसंभश्रीररमा, आरयोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सिवे भमारनवे ककी सिसंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कयो आरयोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सिभश्री सिमामग्रिश्री कमा सिमावधमानश्री सिवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरयोपश्री ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सिसंबसंधश्री गवसध कवे सरमागपर ससिद्धमासंरपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान असधवकमाओसं कवे करनपों , आरयोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सिभश्री रथ्यपों एवसं पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दयोष पर गबनमा कयोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे ययोग्य हहै। 7. रद्नमुसिमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरयोक ममुकदममा अपरमाध सिसंख्यमा मम सिणममसलर आववेगदकमा ककी गररफ्रमारश्री ककी दशमा मम, उसिवे सिसंबसंसधर रमानवे कवे भमारसिमाधक असधकमारश्री ककी सिसंरमुगष्ट पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसिश्री धनरमागश कवे दयो प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे पर , पमुसलसि आख्यमा दमासखिल गकए जमानवे रक गनमन शरर्दो कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेगदकमा अगभययोजन पक्षि कवे सिमाक्ष्यपों कवे सिमार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरश्री। ii) आववेगदकमा अगभययोजन पक्षि कवे रवमाहपों कयो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरश्री। iii) आववेदक, यगद आवश्यक हयोरमा रयो पमुसलसि असधकमारश्री कवे सिमक्षि जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर प्रत्यवेक गरसर एवसं गनयर सिमय पर उपणसरर रहवेरश्री ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरश्री। iv) आववेगदकमा उसि अपरमाध कवे सिममान कयोई अपरमाध नहहीं करवेरश्री, सजसिकमा आरयोप आववेगदकमा पर लरमायमा रयमा हहै यमा सजसिकवे गकए जमानवे कमा सिसंदवेह हहै। v) आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्यपों सिवे पररगचर गकसिश्री व्यगक कयो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सिवे कयोई प्रलयोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरश्री सजसिसिवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसिश्री पमुसलसि असधकमारश्री कवे सिमक्षि रथ्यपों कमा खिमुलमासिमा करनवे सिवे गवममुखि हयो जमाए यमा सिमाक्ष्यपों कवे सिमार छवेड़छमाड़ करवे। 9. उपरयोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम अगभययोजन पक्षि कयो , आववेगदकमा कयो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरश्रीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हयोरश्री। Order Date :- 11.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad