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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25275 of 2023 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 81/2020 अन्तगर्त धारा 188, 271, 272, 304, 420 भारतीय दण्ड संिहता व धारा 60A आबकारी अिधिनयम/उत्तर प्रदेश उत्पाद-शुल्क, थाना सजेती, िजला कानपुर शहर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक का यह िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 45731/2022 में इस न्यायालय के इसी न्यायपीठ के आदेश िदनांक 11.01.2023 के द्वारा िनरस्त िकया गया है।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने नवीन तकर् यह प्रस्तुत िकया िक इस मामलें के सत्र परीक्षण में अिभयोजन साक्षीगण उपिस्थत नहीं हो रहे थे, िजसके कारण अिभयोजन साक्षी के िवरूद्ध गैर जमानतीय अिधपत्र िनगर्त हुआ तब वो िवचारण में उपिस्थत हुए। आगे यह भी कहा गया िक इस मामलें के िवचारण में अिभयोजन साक्षी सं० 1 (िववेचना अिधकारी) एवं अिभयोजन साक्षी सं० 3 (िववेचना अिधकारी) द्वारा अपने परीक्षण में आवेदक के नाम का उल्लेख नहीं िकया गया और न ही आवेदक के िवरूद्ध कोई िविशष्ट आक्षेप उल्लेिखत िकया है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक आवेदक के िवरूद्ध कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। इसिलए आवेदक जमानत पर मुक्त िकये जाने योग्य है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह Versus Counsel for Applicant(s) : Abhishek Chauhan, Rakesh Dubey, Vijay Singh Sengar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Satish Kumar @ Golu Tiwari .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
इस प्रकरण में िद० 01.07.2022 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है , इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
6.
उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। BAIL No. 25275 of 2023 2
9. िवचारण न्यायालय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस मामलें के सत्र परीक्षण का िनस्तारण शीघ्रता के आधार पर अितशीघ्र करना सुिनिश्चत करें। September 25, 2025 CP.sahani BAIL No. 25275 of 2023 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad