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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 29288 (CHH)
AKASH SHARMA v. STATE OF CHHATTISGARH
CRMP/1906/2025 · 2025-07-13
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 29288 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 4 (Cr.M.P. No.-1906 of 2025)
2025:CGHC:32529 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक
क्रमां%क
-1906
/2025
1. आकश शमां" तिपु-स्वेग1या रमांक% शमां", उम्र-लगभग 29 वेर्ष", ति5वेस -मांरपुर, धमांध, पुलिलस था5 वे हस ल-धमांध, लि:ल-दाग", छत्ती सगढ़ -----यातिचकक"/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ
1. छत्ती सगढ़ शस5, द्वार था5 प्रभर , पुलिलस था5-सपुल, लि:ल-दाग", छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार : श्री रूर्ण 5स5, अलिधवेक्त । शस5/उत्तीरवेदा द्वार : श्री अलिBलश क मांर, शसक या अलिधवेक्त । मां55 या न्यायामांCति" श्री स%:या क मांर :यासवेल
, न्यायाध श
!! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 14/07/2025
1. भर या 5गरिरक सरक्षा स%तिह, 2023 क धर-528 क ह प्रस् इस यातिचक मांM पु5र क्षार्ण न्यायालया-सप्तमां अपुर सत्र न्यायाध श, दाग", लि:ल-दाग", छत्ती सगढ़ द्वार आपुरलिधक पु5र क्षार्ण क्रमां%क-05/2025 “आकश शमां" तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ शस5" मांM पुरिर आदाश तिदा5%क-29/04/2025 कR च5S दा गई हU । लि:सक ह POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.14 14:44:18 +0530
2 / 4 (Cr.M.P. No.-1906 of 2025) यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार तिवेचरर्ण न्यायालया-न्यातियाक मांलि:स्ट्रेWट्रे प्रथामां श्रीर्ण , दाग", लि:ल-दाग", छत्ती सगढ़ द्वार दाण्डिक प्रकरर्ण क्रमां%क-7022/2016 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ आकश शमां"" मांM पुरिर आदाश तिदा5%क-17/12/2024 कR च5S दा गई था । लि:स पु5र क्षार्ण कR ति5रस् कर तिदाया गया और तिवेचरर्ण न्यायालया क आदाश क पुतिZ क गई । लि:स आदाश क ह अतिभयाक्त द्वार अ%ग" धर-311 दा प्रतिक्रया स%तिह क ह प्रस् इस आशया क आवेदा5 ति5रस् तिकया गया था तिक सक्षा रमांअवेर लिस%ह कR प्रतिपुर क्षार्ण ह पु5[ आह\ तिकया :ए ।
2.
प्रकरर्ण क थ्या, स%क्षापु मांM, इस प्रकर ह_ तिक अतिभयाक्त/यातिचकक" क तिवेरूद्घ अ%ग" धर-409, 201 भर या दा स%तिह क ह आरRपु तिवेरतिच कर अतिभयाR:5 सक्ष्या लिलया गया । अतिभयाR:5 सक्षा क्रमां%क-16 रमांअवेर लिस%ह क पुर क्षार्ण तिदा5%क-03/ 05/2024 कR तिकया गया न्यायालया क आदाश पुत्र क अ5सर चवे अलिधवेक्त श्री
सRह5लल चन्द्रपुक्षा उपुण्डिस्था था लि:न्हb5 प्रतिपुर क्षार्ण मांM सक्षा स कRई प्रश्5 5हd तिकए । पुश्च मांM, अतिभयाक्त क ओर स तिदा5%क-17/12/2024 कR अथा" पुर क्षार्ण स कर
07 मांह पुश्च अ%ग" धर-311 दा प्रतिक्रया स%तिह क ह इस आशया क आवेदा5 पुश तिकया गया तिक सक्षा रमांअवेर लिस%ह क प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर प्रदा5 कर ह\ए सक्षा
कR प्रतिपुर क्षार्ण क लिलए पु5[ आह\ तिकया :ए । लि:स आवेदा5 कR तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार ति5रस् कर तिदाया गया । लि:स आदाश कR पु5र क्षार्ण मांM च5S दा गई, पु5र क्षार्ण आवेदा5 भ ति5रस् कर तिदाया गया । लि:स इस यातिचक मांM च5S दा गई हU और सक्षा
रमांअवेर क प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर क मां%ग क गई हU ।
3. यातिचकक"/अतिभयाक्त क तिवेद्वा5 अलिधवेक्त क क" हU तिक तिदा5%क-03/05/2024 कR सक्षा रमांअवेर लिस%ह क पुर क्षार्ण ह\आ अलिधवेक्त श्री सRह5लल चन्द्रपुक्षा न्यायालया
3 / 4 (Cr.M.P. No.-1906 of 2025) मांM उपुण्डिस्था 5हd था ण्डिfक अन्या न्यायालया मांM व्यास् था, तिक% तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार उ5क 5मां उल्लेलिB कर, प्रतिपुर क्षार्ण मांM कRई प्रश्5 5हd पुCछ गया, उल्लेलिB कर तिदाया गया हU । सक्षा एक मांहत्वेपुCर्ण" सक्षा हU । अ[ उसक प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर प्रदा5 तिकया :ए ।
4. रज्या/उत्तीरवेदा पुक्षा क तिवेद्वा5 अलिधवेक्त 5 इस यातिचक क तिवेरRध कर ह\ए कह हU तिक यातिचकक"/अतिभयाक्त पुक्षा द्वार उठए गए क" स्वे कर याRग्या 5हd हU । "प्रश्5ध 5 आदाश" उतिच और वेUध हU । अ[ याह यातिचक Bरिर: क :ए ।
5. उभयापुक्षा क क" श्रीवेर्ण तिकया गया था अतिभलB क पुरिरश ल5 तिकया गया ।
6.
अतिभलB क स%पुCर्ण" पुरिरश ल5 स दातिश" हR हU तिक सक्षा रमांअवेर लिस%ह क पुर क्षार्ण तिदा5%क-03/05/2024 कR : ह\आ चवे अलिधवेक्त श्री सRह5लल चन्द्रपुक्षा कR प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर तिदाया गया था तिक% उ5क ओर स कRई भ प्रश्5 5हd पुCछ गया हU । स्वेया% यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार तिदा5%क-03/05/2024 क आदाश पुत्र क प्रतिलिलतिपु :R पुश क गई हU उसमांM भ चवे अलिधवेक्त क रूपु मांM श्री सRह5लल चन्द्रपुक्षा क उपुण्डिस्थाति दाश"या गई हU । ऐस दाश मांM, यातिचकक"/अतिभयाक्त क याह क" उतिच 5हd पुया : तिक चवे अलिधवेक्त श्री सRह5लल चन्द्रपुक्षा क अ5पुण्डिस्थाति मांM सक्षा क पुर क्षार्ण तिकया गया ।
7. चC%तिक, सक्षा रमांअवेर स कRई भ प्रश्5 5हd तिकया हU । ऐस दाश मांM, चवे पुक्षा कR सक्षा
क प्रतिपुर क्षार्ण क अलिधकर समांतिच रूपु स तिमांल5 चतिहए, इस लिसद्घ% कR दृतिZग रB ह\ए "प्रश्5ध 5 आदाश" कR अपुस् तिकया : हU । अतिभयाक्त पुक्षा कR इस श" क सथा, सक्षा रमांअवेर लिस%ह क प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर प्रदा5 तिकया : हU तिक वे 07 तिदावेस क
4 / 4 (Cr.M.P. No.-1906 of 2025) भ र पुरिरव्याया रतिश 1,000/-रूपुया लि:ल तिवेलिधक सवे प्रलिधकरर्ण, दाग", लि:ल-दाग", छत्ती सगढ़ क समांक्षा :मां कर उसक पुवे तिवेचरर्ण न्यायालया मांM प्रस् करM । तिवेचरर्ण न्यायालया कR ति5दाmतिश तिकया : हU तिक सक्षा रमांअवेर क प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर यातिचकक"/अतिभयाक्त कR प्रदा5 कर ह\ए मांमांल क तिवेलिधवे श घ्रपुCवे"क ति5रकरर्ण तिकया :ए । पुरिरव्याया रतिश :मां 5 हR5 क दाश मांM प्रतिपुर क्षार्ण क तिदाया गया याह अवेसर समांप्त मां5 :याग । अन्या पुरिरण्डिस्थाति ति5तिमां" हR5 पुर तिलिथा वे समांया क तिवेर्षया मांM तिवेचरर्ण न्यायालया पुरिरवे"5 क लिलया तिवेवेक5सर ति5श्चया कर सक ग ।
8. उपुरRक्त5सर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क ति5रकरर्ण प्रर%तिभक स्र पुर तिकया : हU ।
9. रलि:स्ट्रेW कR ति5दाmतिश तिकया : हU तिक इस आदाश क प्रति याथाश घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया कR सCच5था" वे पुल5था" प्रतिर्ष क :ए । सह /- (स%:या क मांर :यासवेल) न्यायाध श पोमन