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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 29065 (ALL)

JAAKIR v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/2076/2025 · 2025-08-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:135858 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 2076 of 2025 Applicant :- Jaakir Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Ajai Mani Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A.,Sajiya Parveen Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक Jaakir ककी ओर सवे पररवमाद ससं० 725/2024, अन्रररर धमारमा 376, 504, 506 भमा.दसं.ससं., रमानमा समासनन, जजलमा हमाररस मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार ययोजजर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारन ककी णसरगर मम आववेदक कयो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा, पररवमादन कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कयो ससुनमा ररमा पतमावलन कमा पररशनलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरयोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरयोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कयोई गवश्वसननय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभन कयोई भन बमाध्यकमारन प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयन हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा कयोई भन कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक पररवमाद मम उलवेजखिर गकयमा रयमा हहै। आववेदक दमारमा पनगड़िरमा कवे समार शमादन कमा झमासंसमा दवेकर कभन भन शमारनररक ससंबसंध सरमागपर नहहीं गकयमा रयमा हहै। वमासरगवकरमा यह हहै गक पपूवर मम वमागदनन कवे भमाई दमारमा आववेदक सवे जलयवे रयवे पहैसवे वमापस न कर पमानवे ककी णसरगर मम आववेदक कयो वररममान वमाद मम गमथ्यमारयोगपर कर गदयमा रयमा हहै। पसुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहययोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसन यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानपून ककी प्रगक्रियमा मम सहययोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भन आवश्यकरमा हयोरन वह ईममानदमारन सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खिसुद कयो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभन शरर्दोसं कयो सवनकमार करनवे कवे जलए भन रहैयमार हहै, जयो न्यमायमालय उस पर अजधरयोगपर करवेरन। 4. पररवमादन कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयसुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरयोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयसुक ककी भपूगमकमा पररलगक्षिर हयो रहन हहै ररमा इस घटनमा मम इनककी भपूगमकमा ससंभमाव्य हहै। इसजलए अगभयसुक कयो अगग्रिम जममानर पर मसुक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममानननय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक गर और रसंभनररमा, आरयोपन ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कयो आरयोपन कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभन समामग्रिन कमा समावधमानन सवे मपूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरयोपन ककी वमासरगवक भपूगमकमा पर भन गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधन गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों , आरयोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भपूगमकमा और ममामलवे कवे सभन रथ्यपों एवसं गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनयर गरजरयपों पर आववेदक कवे गनयगमर रूप सवे उपणसरर हयोनवे , पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए, ममामलवे कवे रसुर-दयोष पर गबनमा कयोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवनकमार गकए जमानवे ययोग्य हहै। 7. रद्नसुसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरयोक पररवमाद ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारन ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंजधर गवचमारर न्यमायमालय ककी ससंरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसन धनरमागश कवे दयो प्रगरभपू प्रसरसुर करनवे पर , सत परनक्षिर कवे गनसरमारर हयोनवे रक गनमन शरर्दो कवे अधनन अगग्रिम जममानर पर मसुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेदक अगभययोजन पक्षि कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करवेरमा। ii) आववेदक अगभययोजन पक्षि कवे रवमाहपों कयो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरमा। iii) आववेदक गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर प्रत्यवेक गरजर एवसं समय पर उपणसरर हयोरमा ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरमा। iv) आववेदक उस अपरमाध कवे सममान कयोई अपरमाध नहहीं करवेरमा, जजसकमा आरयोप आववेदक पर लरमायमा रयमा हहै यमा जजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेदक ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचर गकसन व्यगक कयो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कयोई प्रलयोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरमा जजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसन पसुजलस अजधकमारन कवे समक्षि रथ्यपों कमा खिसुलमासमा करनवे सवे गवमसुखि हयो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़िछमाड़ि करवे। 9. उपरयोक उलवेजखिर शरर्दोसं मम सवे गकसन भन शरर कवे उलघसंन ककी णसरगर मम ससंबजधर गवचमारर न्यमायमालय आववेदक कयो प्रदत्त जममानर गनरसर करनवे हवेरसु सवरसंत हहै। Order Date :- 11.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad