Research › Search › Judgment

High Court of Rajasthan · body

2025 DAILYLAW 28110 (RAJ)

SMT. ANITA SHARMA W/O MAHENDRA KUMAR SHARMA v. JAIPUR DEVELOPMENT AUTHORITY

CW/13452/2025 · 2025-09-23

Sameer Jain

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

[2025:RJ-JP:39153] HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN BENCH AT JAIPUR S.B. Civil Writ Petition No. 13452/2025 Smt. Anita Sharma W/o Mahendra Kumar Sharma, Aged About 64 Years, R/o 381, Shanti Nagar Durgapura, Jaipur ----Petitioner Versus 1. Jaipur Development Authority, Jaipur Through Secretary, Indra Circle, Jawaharlal, Nehru Marg, Jaipur 2. Ajay Kumar Jain S/o Shri Shri Abhay Kumar Jain, Aged About 59 Years, R/o Plot No. 381-A, Shanti Nagar, Durgapura, Jaipur ----Respondents For Petitioner(s) : Mr. T. C. Vyas For Respondent(s) : HON'BLE MR. JUSTICE SAMEER JAIN Judgment 23/09/2025 Present petition is filed being aggrieved of the order dated 16.07.2025 passed by JDA Tribunal. Relevant portion of the abovesaid order is reproduced as under:- "9. भूखण्ड सं0 381 व 381- ए के लीजडीड व साईट प्लान, जो जविवप्रा द्वारा जारी विकये गये, की प्रवि पत्रावली पर उपलब्ध है विजसके अनुसार दोनों ही भूखण्डधारिरयों के विलए अग्र सेटबेक 15 फीट था पीछे का सेटबेक 8.3 फीट विनधा,रिर विकया गया है। दोनों ही पक्षों द्वारा एक- दू सरे पर सेटबेक में विनमा,ण करने का आक्षेप गवि3 विकया गया है। 10. यह स्थाविप विवविध है विक सेटबेक क्षेत्र में विनमा,ण अनुज्ञेय नहीं है था साईट प्लान के विवपरी सेटबेक क्षेत्र में विकया गया विनमा,ण अवैध विनमा,ण की श्रेणी में आा है। जविवप्रा अविधविनयम, 1982 की धारा 32 के ह 10 वर्ष, से अविधक पुराने विनमा,ण के संबंध में यह धारा लागू नहीं होने का उपबंध विकया गया है, परंु सेटबेक क्षेत्र में विकये गये विनमा,ण के संबंध में उक्त धारा में उपबंविध 10 वर्ष, की समय सीमा, इस अविधकरण की [2025:RJ-JP:39153] (2 of 3) [CW-13452/2025] विवनम्र राय में, लागू नहीं होी है। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा न्यावियक दृष्टां डी.बी. विसविवल रिरट (पीआईएल) यावि?का सं० 1554/2004, गुलाब को3ारी बनाम राजस्थान राज्य व अन्य में भी यह मंव्य विदया है विक सेटबेक क्षेत्र में विनमा,ण न ो अनुज्ञेय है न ही कम्पाउण्डेबल है। माननीय उच्चम न्यायालय के न्यावियक दृष्टां राजेन्द्र कु मार बडजात्त्या व अन्य बनाम यू.पी. आवास एवं विवकास परिरर्षद् व अन्य विसविवल अपील नं0 14604/2024 में पारिर विनण,य विदनांक 17.12.2024 में न्यायालय को अवैध विनमा,ण के प्रवि सख्त रुख अपनाया जाना ?ाविहये था ऐसे गमले में नरमी का रूख नहीं अपनाया जाकर उसे लोहे के हाथों से डील करने अथा,् सख्त रूख अपनाये जाने का मंव्य विदया है। 11. जविवप्रा द्वारा विदनांक 09.05.2022 को जविवप्रा अविधविनयम की धारा 32 के ह श्री अजय कु मार जैन को नोविटस जारी विकया विजसमें आगे का सेटबेक सेटबेक 10X5 फीट था पीछे का सेटबेक 5 फीट छोडकर भूल व प्रथम मंविजल का विनमा,ण विकया जाना उल्लेखिख विकया गया है, इससे स्पष्ट है विक उक्त भूखण्ड हेु विनधा,रिर सेटबेक को नहीं छोडा गया है। श्रीमी अविना शमा, के द्वारा सेटबेक क्षेत्र में विनमा,ण करने का आक्षेप गवि3 करे हुये श्री अजय कु मार जैन द्वारा जविवप्रा के समक्ष विशकाय विदनांक 25.09.2020 को प्रस्तु की, विजसकी प्रवि भी पत्रावली पर उपलब्ध है विजस पर जविवप्रा के रिरसीप्ट रविजस्टर में इंद्राज की कम संख्या भी अंविक है। इससे यह प्रकट होा है विक श्री अजय कु मार जैन की विशकाय के आधार पर जविवप्रा द्वारा कोई काय,वाही नहीं की गई। श्रीमी अविना शमा, के विवद्वान अविधवक्ता द्वारा प्रश्नग भूखण्ड पर विनमा,ण 10 वर्ष, से अविधक पुराना होने का क, विदया था इस संबंध में उनके द्वारा प्रस्तु विबजली के विबल, नगर विनगम की रसीद इत्याविद पर न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट विकया है, परंु जैसा विक उंपर विववे?न विकया जा ?ुका है विक सेटबेक क्षेत्र में विनमा,ण के संबंध में जविवप्रा अविधविनयम, 1982 की धारा 32 में उपबंविध 10 वर्ष, की समय सीमा लागे नहीं होी है और न ही यह विनमा,ण कम्पाउण्डेबल है, ऐसी खिस्थवि में श्रीमी अविना शमा, के विवद्वान अविधवक्ता द्वारा विदया गया उक्त क, भी कोई विवविधक बल नहीं रखा है। 12. उपरोक्त विववे?न था माननीय उच्चम न्यायालय एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त न्यावियक दृष्टां में पारिर विवविध के परिरप्रेक्ष्य में दोनों ही पक्षकारों द्वारा अपने- अपने भूखण्डों पर सेटबेक [2025:RJ-JP:39153] (3 of 3) [CW-13452/2025] क्षेत्र में विकये गये विनमा,ण को बनाये रखने का कोई विवविधक अविधकार नहीं है। 13. अः जविवप्रा को विनद\शिविश विकया जाा है विक वह दोनों पक्षों के द्वारा अपने- अपने भूखण्ड सं0 381 व 381-ए, शांवि नगर, दुगा,पुरा, जयपुर में सेटबेक क्षेत्र में विकये गये विनमा,ण को अविवम्ब ध्वस्त करे।" Learned Tribunal has duly considered the nitty-gritty of the matter and had directed the JDA to demolish the illegal construction by placing reliance upon the judgment of Gulab Kothari Vs. State of Raj. registered as D. B. Civil Writ (PIL) Case No. 1554/2004. It is also noted in the said order that the petitioner herein and complainant/respondent have pleaded that the setbacks were not violated. However, from a bare perusal of the said order, it is noted that the learned Tribunal upon due consideration of vital aspects had passed directions for removal of set-backs in the plot No. 381 and 381A plot at Shanti Nagar, Durgapura, Jaipur, at their own. In view of the aforementioned, this Court is of the view that no interference is ought to be made in the present matter specifically when the learned Tribunal has passed a speaking order in light of the ratio of Gulab Kothari (supra). Thence, it is directed that Zonal Head, JDA shall evaluate the matter within a period of 30 days from the date of passing of the order and if there is any setback left, same be demolished. Accordingly, present petition is disposed of. Pending application, if any, also stands disposed of. (SAMEER JAIN),J Pooja /34