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High Court of Rajasthan · body

2025 DAILYLAW 27874 (RAJ)

DINESH SHARMA S/O. LATE SHRI MOOL CHAND SHARMA v. STATE OF RAJASTHAN

CW/12909/2025 · 2025-09-03

Sameer Jain

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

[2025:RJ-JP:35323] HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN BENCH AT JAIPUR S.B. Civil Writ Petition No. 12909/2025 Dinesh Sharma S/o. Late Shri Mool Chand Sharma, Resident Of Old Rtu Building, Sarawati Colony, Baran Road, Police Station Borkheda, District Kota (Raj.) ----Petitioner Versus State Of Rajasthan, Through District Collector, Kota ----Respondent For Petitioner(s) : Mr. Vaibhav Sharma with Mr. Tushar Bhatnagar For Respondent(s) : HON'BLE MR. JUSTICE SAMEER JAIN Judgment 03/09/2025 Present petition has been filed with the following prayers:- "(i) Quash and set aside the order dated 31.05.2024, passed by the subordinate licensing authority, whereby the petitioner's Arms License No. 647/99 (pertaining to N.P. Bore 0.32 Revolver No. 59125) was cancelled arbitrarily and without following due process. (ii) Direct the concerned licensing authority to restore the petitioner's arms license and permit him to take back possession of his weapon deposited at police station weapon deposited at police station Borkheda, Kota or alternatively, direct the authority to pass a fresh and reasoned order strictly in accordance with law, after providing the petitioner an adequate opportunity of hearing, as per the order dated 23.06.2025 passed by the appellate authority." Considering the impugned order dated 23.06.2025, this Court has analyzed that order dated 31.05.2025 was set aside and [2025:RJ-JP:35323] (2 of 3) [CW-12909/2025] directions were passed to follow the principle of law and thereafter pass an order in accordance with law in a speaking manner. Relevant portion of the impugned order dated 23.06.2025, is reiterated herein below:- "7. उपरोक वववेचनानुसार अधीनस नायालय की पतावली का अवलोकन करने से पकट होता है वक वशकायतकतार मंजूर आलम पुत स० अशरफ अली वनवासी मकान नं० 33. आकाशवाणी कॉलोनी, कोटा राजसान दारा अधीनस नायालय के समक दैवनक सुनवाई के दौरान पाररना- पत वदनांक 27.05.2024 को पेश वकया गया। वजसमे ववणरत वकया गया वक अपीलारर वदनेश शमार के ववरद लडाई- झगडे के फौजदारी पकरण वनरंतर दजर होते रहे है तरा अवैध जमीनों पर कबा करने का पयास करता है। वदनेश शमार तरा पारर की पती के मध दीवानी मुकदमे भी नायालय मे जेरकार है, वजससे रंवजशवश वदनेश शमार कोई बडी घटना काररत कर सकता है। उक वशकायत के संबंध मे वजला कलकर एवं वजला मवजस्ेट, कोटा के दारा पतांक नाय/आरर/2024/266 वदनांक 27.05.2024 से पुवलस अधीकक, कोटा शहर से अपीलारर के ववरद दजर जैरकार फौजदारी कायरवावहयां/ पकरणों के संबंध मे ररपोटर के सार लाईसेस वनरस करने या नहीं करने के संबंध मे सष ररपोटर चाही गई। वजसके संबंध मे पुवलस अधीकक, कोटा शहर के दारा पतांक कोश/परामशर /आरर/2024/1441 वदनांक 30.05.2024 से वशकायतकतार के दारा वजला सरीय जनसुनवाई वदनांक 16.05.2024 के दौरान पसुत उसी वशकायत के संदभर मे पसुत ररपाटर कमांक 1389 वदनांक 26.06.2024 से अपीलारर शी वदनेश शमार को सीकत आरर लाईसेस संखा 647/1999 को वनरस करने की अनुशंषा की गई। पसुत पकरण मे अधीनस नायालय दारा आदेश वदनांक 31.05.2024 से अपीलारर का उक शस अनुजापत पसुत वशकायत के संबंध मे पुवलस अधीकक कोटा शहर से पाप ररपोटर अनुसार वनरख वलया जोना पकट होता है। पसुत पकरण मे अधीनस नायालय की पतावली तरा वनणरय वदनांक 31.05.2024 के अवलोकन से अपीलारर को सुनवाई एवं पक पसुत वकये जाने का अबसर पदान नहीं वकया जाना पकट होता है। जबवक पाकृ वतक नाय के वसदान को दवषगत रखते हए अपीलारर के उक शस अनुजापत के संबंध मे पसुत वशकायत पर वनणरय वकये जाने से पूवर अपीलारर को वववधवत रप से नोवटस वदया जाकर सुनवाई वकया जाना [2025:RJ-JP:35323] (3 of 3) [CW-12909/2025] आवशक रा। पसुत पकरण मे अपीलारर का नायालय हाजा मे करन रहा है वक उसके दारा उक शस अनुजापत को वदनांक 31.12.2026 तक नवीनीकृ त करवाया हआ है। सार ही अपीलारर का यह भी करन रहा है वक अधीनस नायालय दारा वजन मुकदमों ( मुकदमा संखा 44/2000, मुकदमा संखा 60/2000, मुकदमा संखा 486/2014) का पुवलस अधीकक कोटा शहर से पाप ररपोटर के आधार पर अपने वनणरय वदनांक 31.05.2024 मे वववेचन वकया गया है, उक पकरण के पशात् अपीलारर का तीन बार नवीनीकरण हो चुका है तरा उपरोक ववणरत पकरणों के बाबत् पुवलस अधीनक ने पूवर मे वदनांक 20.02.2019 को नवीनीकरण करने की अनुशंसा कर रखी है। इस पकार सष होता है वक अधीनस नायालय के दारा अपीलारर को वशकायती पाररना- पत के संबंध मे पुवलस अधीकक, कोटा शहर से ररपोटर पाप वकये जाने के उपरांत पाकृ वतक नाय की दवष से सुनवाई एवं अपने पक के समररन मे साक / दसावेज पेश वकये जाने का समुवचत अवसर पदान वकया जाना चावहए रा। ऐसी ससवत मे अधीनस नायालय के वनणरय वदनांक 31.05.2024 को नायोवचत नहीं ठहराया जा सकता है। वलहाजा अपील अपीलारर सीकार की जाकर अधीनस नायालय का वनणरय वदनांक 31.05.2024 वववधववरद एवं तुवटपूणर होने से वनरस वकया जाता है। पकरण अधीनस नायालय को इन वदशा- वनदरशों के सार पेवतपेवषत वकया जाता है वक अपीलारर को सुनवाई एवं पक / साक / दसावेज पसुत करने का समुवचत अवसर पदान कर पकरण मे पुनः तकर संगत एवं वववधसमत वनणरय पाररत करे।" Taking note of the aforementioned, this Court directs that if representation is filed by the petitioner before the competent authority, same be decided in light of the para 7 of the order dated 23.06.2025, within a period of 30 days in a speaking manner. Accordingly, present petition is disposed of. All pending applications also stand disposed of. (SAMEER JAIN),J Pooja /156