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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 26888 (CHH)
STATE OF CHHATTISGARH v. SHIV KUMAR
ACQA/447/2024 · 2025-09-22
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 26888 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 4 {Acq. A. No.-447 of 2024}
2025:CGHC:48850 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दोषमुति
अपु ल क्रमु!क
-447
/2024
छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुलिलस थाना-पुल , लि.ल-कर, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा//रज्या तिवेरूद्घ
1. ति2वे क मुर तिपु-स्वेग/या सखलल लिस!ह क! वेर, उम्र-लगभग 25 वेष9, तिनावेस -रहडी ह मुनागडी ह, पुलिलस थाना-पुल , लि.ल-कर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदो /अतिभया अपु लथा//रज्या द्वार : श्री अना घोष, उपु 2सक>या अलि?वे । उत्तीरवेदो /अतिभया द्वार : श्री तिना2 क मुर .यासवेल, अलि?वे । मुनाना या न्यायामुAति9 श्री स!.या क मुर .यासवेल
, न्याया? 2
!! तिनार्ण9या पु ठ पुर पुरिर !! 23/09/2025
1. दोण्डी प्रतिक्रया स!तिह, 1973 क> ?र-378 (1) क ह प्रस् इस अपु ल मुN तिवेचरर्ण न्यायालया-अपुर सत्र न्याया? 2 कटघोर क अतिरिर न्याया? 2, कटघोर, लि.ल-कर, छत्ती सगढ़ द्वार सत्र प्रकरर्ण क्रमु!क-06/2018 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.09.24 14:39:17 +0530
2 / 4 {Acq. A. No.-447 of 2024} ति2वे क मुर” मुN पुरिर तिनार्ण9या तिदोना!क-29/07/2019 क> वेT? क चनाU दो गई हT । लि.सक ह अतिभया.ना क मुमुल प्रमुतिर्ण ना पु हWए अतिभया क ?र-306 भर या दोण्डी स!तिह, 1860 क अपुर? स दोषमु तिकया गया हT ।
2. याह अतिवेवेतिदो थ्या हT तिक मुZक र.ना , अतिभया ति2वे क मुर क> तिवेवेतिह पुत्ना था , . तिदोना!क 30/05/2017 क आग स झुलस था उपुचर क दोUरना तिदोना!क 04/ 06/2017 क उसक> मुZत्या ह गई । याह भ अतिवेवेतिदो हT तिक उभयापुक्ष क> कई स!ना नाह_ था ।
3. अतिभया.ना क मुमुल, स!क्षपु मुN, इस प्रकर हT तिक तिदोना!क 30/05/2017 क अतिभया ति2वे क मुर क अपुना पुत्ना र.ना स तिवेवेदो हWआ, लि.सक करर्ण र.ना ना स्वेया! पुर तिमुट्टी ल डीलकर आग लग ल । उस ग!भ र अवेस्था मुN समुदोतियाक स्वेस्थ्या क न्द्र, पुल , लि.ल कर ल .या गया, .हb उपुचर क दोUरना उसक मुZत्याकलिलक कथाना प्रदो29 डी -4 हस लदोर द्वार था प्रदो29 पु -23 अनातिवेभग या दोण्डीलि?कर श्री डी .एस. उइक (अ.स.-15) द्वार दो.9 तिकया गया । त्पुश्च उपुचर क दोUरना 04/06/2017 क र.ना क> मुZत्या ह गई । मुग9 .!च उपुर! थाना पुल मुN तिदोना!क 25/10/2017 क प्रथामु सAचना पुत्र (प्रदो29 पु -13) दो.9 तिकया गया था स!पुAर्ण9 तिवेवेचना क उपुर! अतिभयाग पुत्र प्रस् तिकया गया । तिवेचरर्ण उपुर! न्यायालया द्वार अतिभया क दोषमु कर तिदोया गया, लि.स इस अपु ल मुN चनाU दो गई हT ।
4.
तिवेचरर्ण क दोUरना स!कलिल सक्ष्या स याह थ्या प्रमुतिर्ण पुया गया हT तिक मुZक क> मुZत्या अत्यालि?क .लना एवे! उसस उत्पुन्न .तिटलओं! क करर्ण हWई । इस स!!? मुN पुस्मुट9मु रिरपुट9 (प्रदो29 पु -3) क तिचतिकत्सक याग2 गल (अ.स.-17) द्वार प्रमुतिर्ण तिकया गया हT ।
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5. अतिभया द्वार आत्मुहत्या ह दोष्प्ररर्ण क स!!? मुN मुZक क> मुb सकल ई (अ.स.-1) एवे! तिपु सतिह रमु (अ.स.-2) प्रमुख सक्ष हi । मुb सकल ई पुक्षद्रह रह , लि.सना प्रड़ना क आरपु क समुथा9ना नाह_ तिकया । उसना सAचक प्रश्नाk पुर पुतिl क>, तिक! प्रतिपुर क्षर्ण मुN अपुना कथाना पुर स्थिस्थार नाह_ रह । सथा ह उसना याह भ कह तिक मुZक र.ना क> कई स!ना नाह_ था लि.सस वेह पुर2ना रह था । इस प्रकर तिपु सतिह रमु (अ.स.-2) ना भ प्रड़ना क स!!? मुN कई स्पुl कथाना नाह_ तिकया । पुक्षद्रह
घोतिष कर सAचक प्रश्ना पुAछ .ना पुर उसना मुत्र इना या तिक . र.ना क तिलसपुर अस्पुल ल .ना क लिलए एम्लNस मुN रख गया था, वेह र हWए कह रह था तिक उस आग स .ल तिदोया गया हT ।
6. मुZक र.ना क प्रथामु मुZत्याकलिलक कथाना तिदोना!क 30/05/2017 क दोपुहर 12.30 . हस लदोर, पुल द्वार प्रदो29 डी -4 क रूपु मुN दो.9 तिकया गया, लि.समुN उसना तिकस
पुर कई आरपु नाह_ लगया और कह तिक तिचमुना स चAल्ह मुN आग .ल समुया उसक> सड़ मुN आग लग .ना स वेह .ल गई । इसक तिवेपुर , तिदोना!क 31/05/2017 क अनातिवेभग या दोण्डीलि?कर डी .एस. उइक (अ.स.-15) द्वार लिलया गया मुZत्याकलिलक कथाना (प्रदो29 पु -23) मुN उसना कह तिक अतिभया ति2वे क मुर ना झुगड़ क करर्ण उस घोर स हर तिनाकल तिदोया, लि.स करर्ण वेह क्रलि?
हकर अपुना ऊपुर तिमुट्टी ल डीलकर मुतिचस स आग लग ल । उल्लेखना या हT तिक मुZक क दो तिभन्न मुZत्याकलिलक कथाना हi इसलिलए पुश्च मुN लिलया गया कथाना ना क वेल स!दोहस्पुदो हT, स्थिल्क याह थ्या भ मुहत्वेपुAर्ण9 हT तिक अनातिवेभग या दोण्डीलि?कर डी ०एस० उइक द्वार लिलया गया मुZत्याकलिलक कथाना प्रदो29 पु -23 क तिकस तिचतिकत्सक द्वार सत्यातिपु नाह_ तिकया गया तिक मुZक क> 2र रिरक एवे! मुनालिसक स्थिस्थाति कथाना दोना याग्या था ।
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7. उपुर क अतिरिर, स!पुAर्ण9 अतिभया.ना सक्ष्या क अवेलकना स याह स्पुl हWआ तिक अतिभया द्वार मुZक क आत्मुहत्या क लिलए दोष्प्ररिर तिकए .ना क कई वेT?तिनाक सक्ष्या नाह_ हT ।
8. इस प्रकर, अतिभलख मुN उपुलब्? थ्या और सक्ष्या क दृतिlग रख हWए तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार . दोषमुति क तिनार्ण9या पुरिर तिकया गया हT उसमुN कई अवेT? या अ2द्घ नाह_ हT । इसलिलए उसमुN तिकस हस्क्षपु क> आवेश्याक नाह_ पुया . ।
9. अw दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् याह अपु ल स्वे कर याग्या ना हना स खरिर. क> . हT ।
10. तिनार्ण9या क> प्रतिलिलतिपु क सथा तिवेचरर्ण न्यायालया क अतिभलख 2 घ्रपुAवे9क वेपुस प्रतिष ह । सह /- (स!.या क मुर .यासवेल) न्याया? 2 पुमुना