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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 23879 (CHH)

RAJESH BATRA v. STATE OF CHHATTISGARH

CRMP/1873/2025 · 2025-06-18

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 2025:CGHC:25784 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क्रमां%क -1873 /2025 1. रजेश त्रा तिपु नं%दालल त्रा, उम्र-लगभग 49 वेर्ष", तिनंवेस -दालदालसिसवेनं , मां9वे, सिजेल-रयापुर, छत्ती सगढ़ -----यातिचकक" तिवेरूद्घ 1. छत्ती सगढ़ शसनं, द्वार थानं-तिवेधानंसभ, सिजेल-रयापुर, छत्ती सगढ़ 2. स्वेर्ण"पुल सिस%ह चवेल उर्फ" B तिपु मां%ग सिस%ह च%वेल, तिनंवेस -सक्टर 4, मां गट, दावेन्द्र नंगर, थानं-दावेन्द्र नंगर, सिजेल-रयापुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा गर्ण यातिचकक" द्वार : श्री आकश क% दाI, असिधावेक्ता । शसनं/उत्तीरवेदा क्रमां%क-1 द्वार : श्री तिवेवेक शमां", अतिरिरक्ता मांहसिधावेक्ता । उत्तीरवेदा क्रमां%क-2 द्वार : क9ई उपुण्डिस्था नंहN । मांनंनं या न्यायामांIति" श्री स%जेया क मांर जेयासवेल , न्यायाधा श !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 19/06/2025 1. उभयापुक्ष क9 सनं गया । 2. भर या नंगरिरक सरक्ष स%तिह, 2023 क धार-528 क ह प्रस् इस यातिचक मांT तिवेचरर्ण न्यायालया-न्यातियाक मांसिजेस्टUट प्रथामां श्रीर्ण , रयापुर, छत्ती सगढ़ द्वार दाण्डिक POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.06.19 15:53:10 +0530 2 प्रकरर्ण क्रमां%क-8655/2018 “शसनं तिवेरूद्घ स्वेर्ण"पुल सिस%ह चवेल उर्फ" B " मांT पुरिर आदाश तिदानं%क-04/03/2025 क9 चनंX दा गई हY । सिजेसक ह प्रथाZ रजेश त्रा क आवेदानं अ%ग" धार-302 दा प्रतिक्रया स%तिह था प्रथाZ द्वार प्रस् दास्वेजे अतिभलख मांT सिलया जेनं स%%धा आवेदानं क9 तिनंरस् कर तिदाया गया । सिजेस आग स%क्षपु मांT "प्रश्नंधा नं आदाश" स स%9सिधा तिकया जे रह हY । 3. प्रकरर्ण क थ्या स%क्षपु मांT इस प्रकर ह^ तिक प्रथाZ रजेश त्रा नं थानं-तिवेधानंसभ, रयापुर मांT तिदानं%क-23/09/2017 क9 अतिभयाक्ता स्वेर्ण"पुल सिस%ह चवेल उर्फ" B क तिवेरूद्घ इस आशया क तिशकया दाजे" करवेया था तिक अतिभयाक्ता स्वेर्ण"पुल सिस%ह चवेल उर्फ" B वेगYरह नं तिदानं%क-02/09/2017 क9 दा9पुहर कर 01:00 जे उसक ख क मांड़ मांT 9ड़- र्फ9ड़ कर गल -गलXजे तिकया था । सिजेसपुर अपुरधा क्रमां%क-233/2017 क कयामां क जेकर तिवेवेचनं पुIर्ण" कर ह`ए धार-294, 427, 447 भर या दा स%तिह क ह अतिभया9गपुत्रा प्रस् तिकया गया । 4. अतिभया9जेनं सक्ष्या क स्र पुर प्रथाZ रजेश त्रा द्वार इस आशया क आवेदानं पुश तिकया गया तिक घटनं तिदानं%क क9 अतिभयाक्ता पुक्ष जे उसक ख मांT जे.स . . मांश नं लकर 9ड़- र्फ9ड़ कर रह था एक पुसिलस वेल भ मांXक पुर उपुण्डिस्था था सिजेसक र्फ9ट9ग्राफ्स उसक पुस उपुलब्धा हY । कसिथा र्फ9ट9ग्राफ्स क9 ल9क अतिभया9जेक क मांध्यामां स तिवेचरर्ण न्यायालया मांT प्रस् करनं चह ह^ तिक% ल9क अतिभया9जेक नं कसिथा र्फ9ट9ग्राफ्स क9 प्रस् करनं स मांनं कर तिदाया जेतिक प्रकरर्ण क तिनंरकरर्ण मांT वेह र्फ9ट9ग्राफ्स आवेश्याक हY । प्रथामां सIचनं पुत्रा दाजे" करनं वेल सहयाक उपु तिनंर क्षक जे०पु ० तिमांश्री क तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्ष पुर क्षर्ण भ ह9 गया हY । सिजेसक सक्ष्या लखद्घ करनं क दाXरनं ल9क अतिभया9जेक द्वार उतिच रूपु स अतिभया9जेनं क स%चलनं नंहN तिकया गया हY । वे जे०पु ० 3 तिमांश्री क9 पुनंj सक्ष्या मांT आह` करनं चह ह^ सिजेसक सिलए ल9क अतिभया9जेक Yयार नंहN हY । ऐस दाश मांT, ल9क अतिभया9जेक द्वार उनंक मांमांल क उतिच रूपु स स%चलनं नंहN तिकया जे रह हY । अj उसनं असिधावेक्ता क मांध्यामां स अतिभया9जेनं क स%चलनं क अनंमांति दानं और र्फ9ट9ग्राफ्स अतिभलख मांT प्रस् करनं ह आवेदानं प्रस् तिकया था, सिजेस तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार तिनंरस् कर तिदाया गया । जेतिक भर या नंगरिरक सरक्ष स%तिह क धार-339 क प्रवेधानं था मांनंनं या उच्चमां न्यायालया द्वार न्यायादृष्टां% Dhariwal Industries Limited v. Kishore Wadhwani and others, (2016) 10 SCC 378 क अवेधारर्ण अनंसर यातिदा, ल9क अतिभया9जेक द्वार उतिच रूपु स अतिभया9जेनं क स%चलनं नंहN तिकया जे रह हY 9 अपुवेतिदा मांमांलo मांT न्यायालया द्वार पुक्षकर क9 तिनंजे असिधावेक्ता क मांध्यामां स अतिभया9जेनं क स%चलनं क अनंमांति प्रदानं क जे सक हY । मांनंनं या उच्चमां न्यायालया द्वार अवेधारिर कण्डिक-12 तिनंम्नंनंसर हYj- “12. In J.K. International v. State (Govt. of NCT of Delhi), (2001) 3 SCC 462 (supra), a three-Judge Bench was adverting in detail to Section 302 CrPC. In that context, it has been opined that (SCC pp. 466-67, para 12) the private person who is permitted to conduct prosecution in the Magistrate’s Court can engage a counsel to do the needful in the court in his behalf. If a private person is aggrieved by the offence committed against him or against any one in whom he is interested he can approach the Magistrate and seek permission to conduct the prosecution by himself. This Court further proceeded to state that it is open to the court to consider his request and if the court thinks that the cause of justice would be served better by granting such permission the court would generally grant such permission. Clarifying further, it has been held that the said wider amplitude is limited to Magistrate’s Court, as the right of such private individual to participate in the conduct of prosecution in the Sessions Court is very much restricted and is made subject to the control of the public prosecutor.” 5. उत्तीरवेदा क्रमां%क-1/शसनं क तिवेद्वानं असिधावेक्ता द्वार इस यातिचक क तिवेर9धा कर ह`ए 4 क" तिदाया गया हY तिक ल9क अतिभया9जेक क अलवे तिनंजे असिधावेक्ता क मांध्यामां स अतिभया9जेनं क स%चलनं क अनंमांति अपुवेतिदा मांमांलo मांT ह दा जे सक हY जेतिक इस मांमांल मांT पुहल र्फ9ट9ग्राफ्स क्याo पुश नंहN तिकया गया था, इसक करर्ण नंहN या गया हY । र्फ9ट9ग्राफ्स कह% स और कY स प्रप्त ह`आ, इसक भ करर्ण तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्ष तिदाया गया आवेदानं मांT स्पुष्टां नंहN तिकया गया हY । कसिथा दास्वेजे क9 प्रमांतिर्ण करनं वेस् धार-65( ) भर या सक्ष्या असिधातिनंयामां क ह क9ई प्रमांर्णपुत्रा पुश नंहN तिकया गया हY । कसिथा र्फ9ट9ग्राफ्स क9 प्रमांतिर्ण करनं वेस् तिकस सक्ष क9 आह करनं चह ह^ उसक क9ई नंमां-पु नंहN या गया हY । अभ क मांमांल मांT स्वेया% प्रथाZ क यानं नंहN करवेया गया । तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्ष जे9 आवेदानं प्रथाZ पुक्ष द्वार प्रस् तिकया गया हY उसमांT ल9क अतिभया9जेक क स%चलनं क तिवेर्षया मांT तिकस प्रकर क क9ई आपुसित्ती स्पुष्टां नंहN क गई हY । इस प्रकर, प्रथाZ द्वार प्रस् आवेदानं स9च तिवेचर उपुर% प्रकरर्ण मांT तिवेल% करिर करनं क तिनंया मांत्रा स प्रस् तिकया गया हY । तिवेचरर्ण न्यायालया क तिनंष्कर्ष" उतिच और उपुयाक्ता हY । अj याह आवेदानं खरिरजे तिकया जेया । 6. अतिभलख क पुरिरश लनं स स्पुष्टां हY तिक मांमांल वेर्ष"-2017 क हY तिक% र्फ9ट9ग्राफ्स प्रथाZ रजेश त्रा द्वार कर 07 वेर्ष" पुश्च तिदानं%क-30/12/2024 क9 प्रस् तिकया गया हY सिजेस तिवेल% क क9ई समांधानंप्रदा स्पुष्टां करर्ण नंहN तिदाया गया हY । र्फ9ट9ग्राफ्स प्रथाZ रजेश त्रा क9 तिकसस प्रप्त ह`ई इसक क9ई स्पुष्टां जेनंकर नंहN दा गई हY । अ क प्रथाZ क न्यायालया मांT पुर क्षर्ण क्याo नंहN करवेया गया इसक भ क9ई समांधानंप्रदा करर्ण नंहN या गया हY । कसिथा र्फ9ट9ग्राफ्स क प्रमांर्णनं वेस् नं 9 सक्ष क नंमां या गया हY और नं ह धार-65( ) भर या सक्ष्या असिधातिनंयामां क ह प्रमांर्णपुत्रा प्रस् तिकया गया हY । तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्ष प्रस् तिकया गया आवेदानं मांT ल9क अतिभया9जेक क कया"प्रर्णल क तिवेर्षया मांT क9ई आपुसित्ती व्याक्ता नंहN क गई हY । 5 7. उपुर9क्ता अवेस्था मांT, प्रस् न्यायादृष्टां% Dhariwal Industries Limited (Supra) क सहया यातिचकक" क9 नंहN तिमांल । तिवेचरर्ण न्यायालया क "प्रश्नंधा नं आदाश" मांT क9ई अवेYधा या त्रातिट नंहN पुया जे सिजेसस तिक उसमांT हस्क्षपु तिकया जेया । 8. अj याह यातिचक प्रर%तिभक स्र पुर ह खरिरजे क जे हY । 9. रसिजेस्टU क9 तिनंदाvतिश तिकया जे हY तिक इस आदाश क प्रति याथाश घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया क9 प्रतिर्ष तिकया जेया । 10. उपुर9क्तानंसर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क तिनंरकरर्ण तिकया जे हY । सह /- (स%जेया क मांर जेयासवेल) न्यायाधा श पो मन