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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 23874 (ALL)

NILESH SAHANI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/1832/2025 · 2025-07-30

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:128698 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1832 of 2025 Applicant :- Nilesh Sahani Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Anand Kumar,Nilesh Kumar Dubey,Shashi Shekhar Maurya Counsel for Opposite Party :- G.A.,Nagendra Pratap Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक गनलवेश समाहननी ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 715/2024 अन्रररर धमारमा 69/ 352/ 351(3) भमाररनीय न्यमाय ससंगहरमा, रमानमा गचिलमुआरमाल, जजलमा रगोरखपमुर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार यगोजजर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारनी ककी णसरगर मम आववेदक कगो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कगो समुनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरगोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा रयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरगोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उनकवे गवरूद्ध कगोई गवश्वसननीय समाक्ष्य नहहीं हहै। यहमासं प्रमाससंगरक रथ्य यह हहै गक प्रश्नरर प्रकरर मम आरगोप पत प्रवेगषर गकयमा जमा चिमुकमा हहै, गकसं रमु अभनी आरगोप पत न्यमायमालय मम दमाजखल नहहीं हहै। हगो सकरमा हहै गक आरगोप पत अभनी उच्चिमाजधकमारनी सरर पर लसंगबर हगो। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचिमारर और जमॉचि कवे ददौरमान सहयगोर करनवे कमा वचिन दवेरवे हहै गक वह जमॉचि एजमसनी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहमरवे एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयगोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हगोरनी वह ईममानदमारनी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कगो उपलब्ध करमाएसंरवे और उन सभनी शरर्दोसं कगो सवनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै, जगो न्यमायमालय उस पर अजधरगोगपर करवेरनी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुकरर कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरगोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयमुक ककी भनूगमकमा पररलगक्षिर हगो रहनी हहै ररमा इस घटनमा मम उसककी भनूगमकमा ससंभमाव्य हहै। इसनी आधमार पर आरगोप पत प्रवेगषर गकयमा जमा चिमुकमा हहै। इसजलए अगभयमुक कगो अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यहमासं प्रमाससंगरक रथ्य हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममानननीय उच्चिरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचिकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कगो आरगोपपों ककी प्रकक गर और रसंभनीररमा , आरगोपनी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचिमार करनमा चिमागहए और यह गक न्यमायमालय कगो आरगोपनी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभनी समामग्रिनी कमा समावधमाननी सवे मनूल्यमासंकन करनमा चिमागहए और आरगोपनी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भनी गवचिमार करनमा चिमागहए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधनी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कगो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों, आरगोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभनी रथ्यपों एवसं पररणसरगरयपों कगो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर -दगोष पर गबनमा कगोई गवचिमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवनीकमार गकए जमानवे यगोग्य हहै। 7. रद्नमुसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनीकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरगोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदकरर ककी गररफ्रमारनी ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधर गवचिमारर न्यमायमालय ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसनी धनरमागश कवे दगो-दगो प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे पर, आरगोप पत गवरगचिर गकयवे जमानवे रक गनमन शरर्दो कवे अधनीन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेदक अगभयगोजन पक्षि कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। ii) आववेदक अगभयगोजन पक्षि कवे रवमाहपों कगो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरमा। iii) आववेदक गवचिमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर प्रत्यवेक गरजर पर उपणसरर हगोरमा। iv) आववेदक उस अपरमाध कवे सममान कगोई अपरमाध नहहीं करमरवे, जजसकमा आरगोप आववेदक पर लरमायमा रयमा हहै यमा जजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेदक ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचिर गकसनी व्यगक कगो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कगोई प्रलगोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरमा, जजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसनी पमुजलस अजधकमारनी कगो रथ्य बरमानवे सवे गवममुख हगो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ करम। 9. उपयमुरक गकसनी भनी शरर कवे उलसंघन ककी णसरगर मम , गवचिमारर न्यमायमालय कमाननून कवे अनमुसमार आववेदक ककी जममानर रद्द करनवे कवे जलए सवरसंत हगोरमा। Order Date :- 31.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad