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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 23615 (ALL)

DEVENDRA KUMAR SHARMA v. STATE OF U.P.

BAIL/7419/2025 · 2025-09-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7419 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 126/2003 अन्तगर्त धारा 409, 420, 467, 468, 471, 109 भारतीय दण्ड संिहता, थाना चंदपा, िजला हाथरस में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है। प्रश्नगत प्रकरण में अिभयोगी द्वारा आवेदक पर यह आक्षेप आरोिपत िकया गया िक जब आवेदक किथत िवद्यालय में िलिपक के पद पदस्थ था तब उसके द्वारा वषर् 2001 में किथत अपराध कािरत िकया गया, िकतु इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह है िक उक्त िमथ्या तथ्यों के आधार पर पंजीकृ त अिभयोग के िवरूद्ध मा० उच्च न्यायालय में िरट 9443/2004 योिजत िकया गया, िजसमें मा० उच्च न्यायालय द्वारा आदेश िदनांक 23.11.2004 के द्वारा स्थगन का आदेश पािरत िकया गया था। आगे यह भी उल्लेखनीय तथ्य प्रस्तुत िकया गया िक अिभयोजन साक्षी िगरीश दुबे द्वारा अपने बयान में कथन िकया गया िक "िदनांक 26.5.01 से तत्कालीन प्रधानाचायर् श्री िगरीश पचौरी द्वारा देवेन्द्र कु मार से वषर् 2001 की बोडर् परीक्षा फीस जमा करने की बाउचरों की छाया प्रितियां ट्रेजरी से िमलान करने की द्वारा मांगी गयी थी। देवेन्द्र कु मार आलमारी की चाभी घर से लाने को कहकर घर चले गए तथा काफी देर वापस न आने पर उन्हें बुलवाया गया, परंतु जब वह नहीं आए तब मेरे तथा प्रबंध सिमित के सदस्य श्री बनवारी लाल के सामने देवेन्द्र कु मार की आलमारी का ताला प्रधानाचायर् श्री िगरीश पचौरी ने तोड़कर उसमें रखे कागजात िदये गये तो अन्य कागजात के साथ वषर् 2001 की बोडर् परीक्षा से संबंिधत दो कविरग लेटर िदनांक 12.3.01 हाईस्कू ल इन्टर मीिडएट Versus Counsel for Applicant(s) : Rahul Pandey, Rakesh Pande (Senior Adv.), Vishakha Pande, Yashaswin Venugopal Bajpai Counsel for Opposite Party(s) : Shantanu, G.A. Devendra Kumar Sharma .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) परीक्षआ की नामावली प्राप्त करने हेतु िलखा गया है जो देवेन्द्र कु मार शमार् के हस्तलेख में है। प्राधानाचायर् की मोहर के नीचे देवेन्दर कु मार के हस्ताक्षर है। मोहर के ऊपर िगरीश पचौरी के हस्ताक्षर बनाने का प्रयास िकया गया है। िगिरश पचौरी के हस्ताक्ष्र नहीं है। अनुबन्ध बत्र िदनांक 13.3.01 कोषपत्र संख्या टी-17 िदनांक 3.2.01 तथा कोष पत्र सं० टी-77 िद० 03.02.01 सभी देवेन्द्र कु मार शमार् के हस्तलेख में है।", िकतु उपयुर्क्त कथन में अिभकिथत संबंिधत दस्तावेज व हस्ताक्षर का िकसी िवशेषज्ञ द्वारा सत्यापन नहीं िकया गया है और न ही इसके संबंध में कोई एफ०ए०एल० िरपोटर् उपलब्ध है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक आवेदक को रंिजशन इस मामलें में िमथ्या तथ्यों के आधार पर नािमत िकया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 27.01.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक प्रश्नगत प्रकरण में अिभयुक्त लगभग इक्कीस वषोर्ं से फरार चल रहा है, जबिक इस मामलें में िदनांक 30.04.2004 को ही आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है। आगे यह कहा गया िक इस मामलें में अिभयुक्त की भूिमका स्वंतर् साक्षी िगरीश दूबे के बयान से स्पष्ट रूप से अिभकिथत िकया गया है। अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई 3. BAIL No. 7419 of 2025 2 अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। 8. िवचारण न्यायालय के िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस वाद से संबंिधत सत्र परीक्षण का िनस्तारण शीघ्रता के आधार पर अितशीघ्र करना सुिनिश्चत करें। September 8, 2025 CP.sahani BAIL No. 7419 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad