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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 22605 (ALL)

NANDU RAI @ JAI PRAKASH RAI v. STATE OF U.P.

BAIL/7019/2025 · 2025-04-28

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:66731 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7019 of 2025 Applicant :- Nandu Rai @ Jai Prakash Rai Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Shankar Bahadur Dwivedi,Sunil Kumar Misra Counsel for Opposite Party :- G.A.,Rudra Pratap Pandey,Vidhu Bhushan Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक नन्दद रमाय उरर जय प्रकमाश रमाय ककी ओर सवे ममु०अ०स० 108/2024 अन्रररर धमारमा 140(2) बब.एन.एस रमानमा भमावरककोल, जजलमा रमाजबपमुर मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एववं रजर्जी ढवंर सवे झदठमा रवं समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै, बयमान पबकड़िर अवंरररर धमारमा 180 बब.एन.एस.ए. मम करन ककयमा कक "रमाड़िब सवे चमार लकोर उररवे जजसमम मवेरवे रमावंव कमा नन्दद रमाय उरर जय प्रकमाश रमाय , रूपवेश रमाय, व दको अन्य जजसकमा नमाम मम नहहीं जमानरमा हहहूँ। ममुझवे ममार पबट कर अपनब सरवे द बवेजमा रमाड़िब मम बमाठवे जलए रूपवेश रमाय रमाण्डिब सवे वहब उरर रयमा रमा। बवेजमा रमाड़िब मम ममुझवे पहैर कवे पमास बहैठमा जलए एववं रमाण्डि सवे मवेरवे जसर पर ममार कदयवे जजससवे मम चकोट ककी वजह सवे वहब रमाड़िब मम सको रयमा। ममुझवे रमार कको जब सब लकोर जरमायवे रब महै जरमा।" 4. उक्त पबकड़िर कवे बयमान अवलकोकन सवे यह स्पष्ट हकोरमा हहै कक आववेदक दमारमा पबकड़िर सवे ककोई करररौरब ककी रकम नहहीं ममावंरब रयब इसजलए आववेदक पर धमारमा 140 (2) आरकोकपर नहहीं हकोरब हहै। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 08.08.2024 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ि कदयमा जमाय। 5. पररवमादब कवे कवदमान अजधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सवंजवेय एववं रवंम्भबर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़िमा जमायवे। 6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोवं कवे पररप्रवेक्ष्य प्रश्नरर प्रकरर मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एववं पररणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद, सबदरयों ककी प्रकक कर और ककसब भब ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रब ककी अनमुपणस्रकर एववं उपलब्ध समामग्रब सवे छवेड़िछमाड़ि ककी सवंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 7. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परब ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सवंबवंजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष्ट पर व्यकक्तरर बवंध -पत एववं उसब धनरमाकश कवे दको प्रकरभद प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखर शरर्दोवं कवे समार जममानर पर छकोड़ि कदयमा जमाय। 1. आववेदक कवववेचनमा यमा परबक्षर कवे दरौरमान अकभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षययों व पबकड़िरमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा , वह परबक्षर कवे दरौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परबक्षर मम ईममानदमारब सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहब करवेरमा और ककसब भब अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररकचर ककसब भब व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़ उपरकोक्त शरर्दोवं मम सवे ककसब कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरवंत हहै। Order Date :- 29.4.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad