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1 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024}
2025:CGHC:31147 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिर्णया सरति ति क-24/06/2025 तिर्णया उद्घो*ति+ ति क-08/07/2025 ण्डि/0क अपु ल क्रमां क
-1030
/2024
1. रक श उर्फ भू8पुन्द्र स तिपु-स्वेग;या क लमांर्ण स, उम्र-लगभूग 26 वे+,
2. श्री मां सवे स पुति-स्वेग;या क लमांर्ण स, उम्र-लगभूग 49 वे+, *? तिवेस -ग्रामां चट्टी तिगर*ल, था-सरयापुल , जिDल-मांहासमां , छत्ती सगढ़ -----अपु लथा;गर्ण तिवेरूद्घो छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार तिIलधी श, मांहासमां , जिDल-मांहासमां , छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवे अपु लथा;गर्ण द्वार : श्री स ल सहाL, अजिधीवेक्ता । शस/उत्तीरवे द्वार : श्री प्रज्ञा श्री वेस्वे, उपु शसकPया अजिधीवेक्ता । मां या न्यायामां8ति श्री स Dया क मांर Dयासवेल
, न्यायाधी श
!! स .ए.वे . तिर्णया !! 1. /0 प्रतिक्रया स तिहा, 1973 कP धीर-374 (2) क हा प्रस् इस ण्डि/0क अपु ल मांW तिवेचरर्ण न्यायालया-प्रथामां अपुर सत्र न्यायाधी श, सरयापुल , जिDल- POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.08 10:43:43 +0530
2 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} मांहासमां , छत्ती सगढ़ द्वार सत्र प्रकरर्ण क्रमां क-55/2020 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घो रक श उर्फ भू8पुन्द्र स वेगZरहा” मांW पुरिर तिर्णया ति क-25/05/2024 क* च]
गई हाZ । जिDसक हा अपु लथा;गर्ण क* तिम्सर *+जिसद्ध कर ण्डि/0 तिकया गया । जिDस आग स पु मांW “प्रश्धी तिर्णया” स स *जिधी तिकया D रहा हाZc- *+जिसतिद्ध /0श धीर-304 (ख) सहापुतिe धीर-34 भूर या /0 स तिहा, 1860 07 वे+ क सश्रीमां करवेस कP सD स ण्डि/0 तिकया गया ।
2. याहा अतिवेवेति थ्या हाZ तिक अपु लथा; रक श उर्फ भू8पुन्द्र स क तिवेवेहा र स (मांgक) क सथा ति क-07/07/2019 क* रगढ़ क रजिस गथा मां तिर मांW समांजिDक र ति-रिरवेI क असर सम्पुन्न हाiआ था । अपु लथा; रक श कP मांj अपु लथा; श्री मां सवे स हाZ । एक अन्या अतिभूयाक्ता क लमांर्ण स D* रक श क तिपु हाk उकP तिवेचरर्ण क ]र मांgत्या हा* गई । इस प्रकर, अपु लथा;गर्ण रक श वे श्री मां सवे स क्रमांशc मांgक र स क पुति और पुति क र हाk ।
3.
प्रकरर्ण क थ्या, स पु मांW, इस प्रकर हाZ तिक ति क-07/07/2019 क* तिवेवेहा सम्पुन्न हा* क पुश्च स र स अपु ससरल ग्रामां-चट्टी तिगर*ल, था-सरयापुल , जिDल-मांहासमां मांW तिवेस कर लग । कर 03 मांहा क अच्छ स रहा क पुश्च अपु लथा; पु उसस हाD मांW समां कमां लई हा* कहाकर मांयाक स हाD मांW स* कP चZ, वेnतिश ग मांश और पुZस मांjगकर ल क* कहा हाiए, मांरपु ट कर प्रतिp कर लग । अतिभूयाक्ता रक श द्वार Dल जिसगरट स
3 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} र स क हाथा मांW ग तिया गया था । र स क* याहा भू कहा D था तिक उसकP तिपु कP मांgत्या क र्फलस्वेरूपु D* रकमां तिमांल हाZ उसमांW स वेहा तिहास्स लकर आए । याहा W र स समांया-समांया पुर अपु पुरिरD? क* था । अपु लथा; पु द्वार र स क* घर स भू तिकल तिया गया था वेहा कर
01 मांहा क अपु मांमां पुद्मावे (अ०स०-12) क घर रहा । वेहा स भू
अपु लथा; रक श उस, याहा कहाकर ल गया तिक अ अच्छ स रखग । तिक पुc र स क* प्रतिp तिकया D लग । ति क-1/09/2020 क* अपु लथा; रक श द्वार स8तिच तिकया गया तिक र स र्फ स लग ल हाZ, उसक पुरिरD आकर खW । मांमां क]शल क मांर (अ०स०-11) आर क न्द्र-सरयापुल मांW स8च । जिDसपुर मांग कयामां कर शवे क पु चमां तिकया गया । शवे क पुर र्ण करवेया गया । घटस्थाल क मां]क-क्श Zयार तिकया गया । पुटवेर स क्श Zयार करया गया । मांग D च पुर ति क-09/09/2020 क* प्रथामां स8च पुत्र D तिकया गया । सतिया? क या जिलए गए । मांgक क गल मांW याल* कP रस्स कP Dब् कर रसयातिक पुर र्ण हा भूD गया । प्रथा; पु द्वार तिवेवेहा मांW तिए गए स्त्री धी कP स8च आतिटकल-ए पुर अपु लथा; रक श स समां? कP Dब् कर प्रश पु -8 Zयार तिकया गया । अतिभूयाक्तागर्ण क* तिगरफ्र तिकया गया । स पु8र्ण तिवेवेच उपुर अतिभूया*ग पुत्र पुश तिकया गया ।
4. अतिभूया*D कP ओर स अपु पु समांथा मांW 18 सतिया? क पुर र्ण था 21 स्वेD प्रश तिचन्हा तिक करए गए । धीर-313 /0 प्रतिक्रया स तिहा क हा या मांW अपु लथा;गर्ण अपु तिवेपुर सतिया? क कथा? क* इकर कर हाiए
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A. No.-1030 of 2024} कहा हाZ तिक वे तिy+ हाk और उन्हाW र जिDशवेश झू8e र्फ सया गया हाZ । अपु लथा; पु कP ओर चवे मांW तिकस स क पुर र्ण हा{ करवेया गया । उभूयापु क* स Dकर तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार अपु लथा;गर्ण क* इस तिर्णया कP कण्डि/0क-1 क असर *+जिसद्ध कर ण्डि/0 तिकया गया हाZ । जिDस इस अपु ल मांW च]
गई हाZ ।
5. चवे पु क क असर र स (मांgक) क अपु लथा; रक श क तिवेवेहा स पु8वे तिकस अन्या व्यातिक्ता क सथा प्रमां-प्रस ग था जिDसक सथा वेहा चल गई था और पुजिलस द्वार लकर D प्रथा; पु क* स}पु गई था प्रथा; पु द्वार इस थ्या कP Dकर अपु लथा; पु क* तिए गZर र स कP इच्छ क तिवेरूद्घो Dल्D मांW उp स क रजिस गथा मां तिर मांW उसक तिवेवेहा कर तिया गया जिDसस र स खश हा{ था । इस करर्ण स वेहा अपु मां-तिपु क पुस भू Dकर हा{ रहा
था और इस प्रमां-प्रस ग क करर्ण स र स स्वेया आत्मांहात्या कP हाZ । अतिभूया*D सतिया? क प्रतिपुर र्ण क ]र था-रगढ़, उp स मांW मांgक र
स क उसकP मांj क समांस (अ०स०-1) द्वार ति क-26/03/2019 अथा र स क तिवेवेहा स पु8वे D करई गई प्रथामां स8च पुत्र प्रश 0 -1 क रूपु मांW प्रस् तिकया गया हाZ जिDसस अतिभूया*D सतिया? क समां करवेया गया हाZ जिDसक असर र स कP मांj श्री मां क समांस (अ०स०-1) द्वार इस आशया कP रिरपु*ट था-रगढ़, उp स मांW D करई गई था तिक उसकP 16 वे+;या पुत्र र स ति क-25/03/2019 क* घर स कहा{ चल गई हाZ पुजिलस द्वार अज्ञा व्यातिक्ता क तिवेरूद्घो धीर-363 भूर या /0 स तिहा क अपुरधी D तिकया गया था ।
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6.
अपु लथा; पु क तिवेद्वा अजिधीवेक्ता क क हाZ तिक उक द्वार र स क* तिकस
प्रकर स क*ई प्रp हाiए हाD कP मां ग हा{ कP गई था । अतिभूया*D कP ओर स पुरिरति सभू स प्रथा; पु क तिकटमां रिरश्र हाk जिDन्हा? मांमांल मांW पुgथाक स अजिधीवेक्ता भू तियाक्ता कर रख था । क (अ०स०-17) एवे क न्ल (अ०स०-18) उक जिसखए-पुढ़ए गवेहा रहा हाk जिDन्हा? अपु सक्ष्या मांW इस थ्या क* स्वे कर भू तिकया हाZ । मांgक क सभू तिकटमां पुरिरD सतिया? ढ़-चढ़कर या तिया हाZ उक कथा तिकस भू
"मां ग" या "प्रp" क तिवे+या मांW स पु8र्ण ण्डिस्थाति क* स्पुष्ट कर वेल हा*कर ण्डिल्क अस्पुष्ट हाZ । आर*पु समांन्या प्रकg ति क हाk जिDक समांतिच तिवेवेरर्ण हा{ हाZ । इस प्रकर स, वे तिवेश्वेस या स
हा{ हाZ । अतिभूया*D याहा प्रमांतिर्ण कर मांW असर्फल रहा हाZ तिक "मांgत्या स e क पु8वे" र स क* "हाD कP मां ग" कर हाiए प्रतिp तिकया गया हा* । उपुर*क्ता ण्डिस्थाति मांW, तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार सक्ष्या कP उतिच रूपु स समां कर हाiए अपु लथा;गर्ण क* त्रतिटपु8वेक *+जिसद्ध कर ण्डि/0 तिकया गया हाZ । अपु लथा;गर्ण कP *+जिसतिद्ध स्पुष्ट, पु8र्ण, तिवेश्वेस या और वेZधी सक्ष्या पुर आधीरिर हा{ हाZ । अc
“प्रश्धी तिर्णया” ण्डिस्थार रख D या*ग्या हा* स अपु ल स्वे कर कर हाiए उन्हाW *+मांक्ता तिकया Dए । तिवेद्वा अजिधीवेक्ता द्वार अपु क क समांथा मांW न्यायादृष्ट Karan Singh v. State of Haryana, 2025 SCC OnLine SC 214 क हावेल तिया गया हाZ ।
7. उत्तीरवे /शस पु कP ओर स उपुण्डिस्था तिवेद्वा अजिधीवेक्ता इस अपु ल क तिवेर*धी कर हाiए क तिकया हाZ तिक अतिभूया*D सतिया? पु8र्ण रूपु स अतिभूया*D
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A. No.-1030 of 2024} मांमांल क समांथा तिकया हाZ जिDपुर अतिवेश्वेस तिकया D क क*ई करर्ण हा{ हाZ । तिवेचरर्ण न्यायालया क “प्रश्धी तिर्णया” सक्ष्या कP उतिच समां पुर आधीरिर हाZ । अतिभूया*D अपु लथा;गर्ण क तिवेरूद्घो अपु मांमांल स हा स पुर प्रमांतिर्ण तिकया हाZ । अपु लथा; पु द्वार अपु ल मांW उeया गया क स्वे कर या*ग्या हा{ हाZ । अc अपु ल खरिरD तिकया Dया ।
8. उभूयापु क क श्रीवेर्ण तिकया गया और अतिभूलख क स8क्ष्मांपु8वेक पुरिरश ल तिकया गया ।
9. तिवेचरधी मांमांल मांW, अतिभूया*D कP ओर स पुरिरति प्रमांख सतिया? मांW मांgक र स कP मांj क समांस (अ०स०-1), भूई शभूमां क मांर स (अ०स०- 2), मांमां क]शल क मांर (अ०स०-11), मांमां पुद्मावे (अ०स०-12), वेप्रकश उर्फ तिवेक्कP (अ०स०-13), क (अ०स०-17) वे क न्ल (अ०स०-18) हाk ।
10. तिचतिकत्सक प्रमां लल सहाL (अ०स०-14) शवे क पुर र्ण कर प्रतिवे प्रश पु -17 या हाZ । जिDसक मांसर गल मांW र्फ स लग स स स क रूक क करर्ण मांgत्या हाiई था । मांमांल मांW, तिवेवेच कयावेहा सहायाक उपुतिर क स पुतिर्णग्राहा (अ०स०-15) कP हाZ । इसक सथा-सथा प्रस् अन्या अतिभूया*D सतिया? क या था प्रश स्वेI? स याहा थ्या अतिवेवेति रूपु स स्थातिपु हाZ तिक र स क तिवेवेहा ति क-07/07/2019 क* अपु लथा; रक श क सथा उp स क रजिस गथा मां तिर मांW समांजिDक र ति-रिरवेI स सम्पुन्न हाiआ था । इस
7 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} प्रकर स, याहा ण्डिस्थाति स्पुष्ट हाZ तिक र स कP मांgत्या "तिवेवेहा स 07 वे+ क अ र" उसक ससरल घर मांW असमांन्या पुरिरण्डिस्थातिया? मांW हाiई हाZ था अपु लथा;गर्ण, उसक पुति और पुति क र हाk ।
11. धीर-304 (ख) भूर या /0 स तिहा, 1860 क प्रवेधी तिम्सर हाkc-
“304ख. हाD मांgत्या -- (1) Dहा तिकस स्त्री कP मांgत्या तिकस हा या शर रिरक ति द्वार करिर कP D हाZ या उसक तिवेवेहा क स वे+ क भू र समांन्या पुरिरण्डिस्थातिया?
स अन्याथा हा* D हाZ और याहा तिश तिकया D हाZ तिक उसकP मांgत्या क क छ पु8वे उसक पुति या उसक पुति क र , हाD कP तिकस मां ग क जिलए, या उसक स धी मांW, उसक सथा क्र8 र कP था , या उस ग तिकया था वेहा ऐस
मांgत्या क* “हाD मांgत्या” कहा Dएग, और ऐस पुति या र उसकP मांgत्या करिर कर वेल समांझू Dयाग । (2) D* क*ई हाD मांgत्या करिर करग वेहा करवेस स, जिDसकP अवेजिधी स वे+ स कमां कP हा{ हा*ग तिकन् D* आD वे करवेस क कP हा* सक ग , ण्डि/0 तिकया Dएग ।"
12. धीर-113(ख) भूर या सक्ष्या अजिधीतियामां, 1872 क उपु धीरर्ण क प्रवेधी तिम्सर हाkc-
“113(ख) हाD मांgत्या क र मांW उपु धीरर्ण.-D याहा प्रश् याहा हाZ तिक तिकस व्यातिक्ता तिकस स्त्री क* हाD मांgत्या करिर कP हाZ और याहा तिश तिकया गया हाZ तिक मांgत्या क क छ पु8वे ऐस व्यातिक्ता हाD कP तिकस मां ग क जिलए या उसक स धी मांW उस स्त्री क सथा क्र8 र कP था या उसक* ग तिकया था, * न्यायालया याहा उपु धीरर्ण करग तिक ऐस व्यातिक्ता हाD मांgत्या करिर कP था ।"
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13. उपुर*क्ता तिवेजिधीक ण्डिस्थाति क पुरिरश ल स याहा पुरिरलति हा* हाZ तिक "हाD मांgत्या" क मांमांल मांW याहा ख D आवेश्याक हाZ तिक हाD कP मां ग, "क्र8 र" या "प्रp" घट स e क पु8वे कP हा* चतिहाए । इस तिवे+या मांW, प्रस् न्यायादृष्ट Narayanamurthy v. State of Karnataka & Anr., AIR 2008 SC 2377 क मांमांल मांW मां या उच्चमां न्यायालया द्वार याहा अवेधीरिर तिकया गया हाZ तिक जिसर्फ
"क्र8 र" या "प्रp" क* प्रमांतिर्ण कर "हाD मांgत्या” क अपुरधी क जिलए पुयाप्त हा{ हाZ ण्डिल्क मांgत्या स e क पु8वे ऐस
"क्र8 र" या "प्रp" क* प्रमांतिर्ण कर आवेश्याक हाZ ।
14.
न्यायादृष्ट Charan Singh alias Charanjit Singh v. State of Uttarakhand, 2023 SCC OnLine SC 454 मांW मां या उच्चमां न्यायालया द्वार याहा अवेधीरिर तिकया गया हाZ तिक "हाD मांgत्या” क जिलए जिसर्फ याहा प्रमांतिर्ण कर पुयाप्त हा{ हाZ तिक तिवेवेतिहा या पुत् कP मांgत्या तिवेवेहा स 07 वे+ क अ र समांन्या स तिभून्न पुरिरण्डिस्थातिया? मांW हाiई । ण्डिल्क याहा भू प्रमांतिर्ण हा* चतिहाए तिक मांgत्या स e क पु8वे
"हाD कP मां ग" कP गया हा* या "प्रतिp" तिकया गया हा* या "क्र8 र" कP गया हा* । जिDस न्यायादृष्ट Karan Singh (Supra) मांW भू पुc पुष्ट तिकया गया हाZ ।
15. उपुर*क्ता तिवेजिधीक प्रवेधी था न्यायादृष्ट ? क प्रकश मांW याहा ख D हाZ तिक क्या र स (मांgक) क* उसकP "मांgत्या स e क पु8वे" हाD कP मां ग कर हाiए उसक सथा "क्र8 र" कर "प्रतिp" तिकया गया था? 16. इस तिवे+या मांW, मांहात्वेपु8र्ण स मांgक कP मांj क समांस (अ०स०-1), भूई शभूमां क मांर स (अ०स०-2), मांमां क]शल क मांर (अ०स०-11), मांमां पुद्मावे
(अ०स०-12) एवे रिरश् मांW भूई वेप्रकश उर्फ तिवेक्कP (अ०स०-13) हाk ।
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17. मांgक कP मांj क समांस (अ०स०-1) और भूई शभूमां क मांर स (अ०स०-2) याहा अवेश्या या हाZ तिक अपु लथा; पु द्वार र स क कमांर मांW स पु छ*p तिया गया था और एक घ/ट क पुश्च वे ख आए था तिक र स जिD हाZ या मांg हा* गई हाZ । तिक याहा उल्लेख या हाZ तिक इ सतिया? क पुजिलस या अ ग धीर-161 /0 प्रतिक्रया स तिहा मांW इस आशया क क*ई कथा हा{ हाZ तिक र स क कमांर मांW स पु छ*p कर उस प्रतिp तिकया गया हा* । इसजिलए स पु छ*p D कP D* "प्रp" स धी आर*पु या गया हाZ वेहा तिवेश्वेस या हा{ पुया D ।
18. मांgक र स कP मांj क समांस (अ०स०-1) याहा भू कहा हाZ तिक अपु लथा; पु कP रम्र मां ग पुर उस अपु रिरश्र? क समां 2,00,000/-रूपुया अपु लथा; रक श क* तिए था । तिक उसक तिकटमां अन्या पुरिरD सतिया? क या स इस थ्या कP पुतिष्ट हा{ हा* तिक उक समां मांgक कP मांj क समांस अपु लथा; रक श क* 2,00,000/-रूपुया उसकP मां ग पुर तिए रहा हा? । इस रकमां क तिवे+या मांW अतिभूया*D क मांहात्वेपु8र्ण स क (अ०स०-17) और क न्ल (अ०स०-18) ए गए हाk D* *?
हा सरयापुल क तिवेस हाk । उन्हा? कहा हाZ तिक र स क एक अन्या मांमां तिकश*र स हाZ जिDसकP पुत्
पुद्मावे (अ०स०-12) हाZ । उस तिकश*र स क याहा D र स आ था
था तिक अपु लथा; रक श उसक सथा मांरपु ट कर पुZस कP मां ग कर हाZ और र स क पुरिरD? उसक समां अपु लथा; रक श क* पुZस तिए था । तिक क न्ल (अ०स०-18) याहा भू कथा तिकया हाZ तिक वेहा 07-08 सल स ग्रापु क पुZस तिकश*र स क घर मांW Dमां कर हाk और र स D अपु मांमां
10 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} तिकश*र स क घर आ था
था तिक उसक ससरल वेल गल क चZ और कपुp धी* कP मांश लकर आ क* *ल हाk । तिक या *? हा स
प्रतिपुर र्ण मांW ण्डिस्थार हा{ रहा हाk । उन्हा? कहा हाZ तिक तिकश*र स उस कहा था तिक गवेहा Dओ, वे तिकश*र स क कहा पुर गवेहा हाk और DZस मांgक क पुरिरD? उन्हाW या और जिसखया वेZस वे या रहा हाk Dतिक वे क*ई हा{ D हाk । इस प्रकर स, 2,00,000/-रूपुया क तिवे+या मांW पुरिरति क (अ०स०-17) और क न्ल (अ०स०-18), अपु कथा मांW ण्डिस्थार हा{ रहा हाk इसजिलए वे तिवेश्वेस या हा{ पुए D । इस प्रकर, मांgक कP मांj क समांस क याहा कथा तिवेश्वेस या हा{ पुया D तिक उस 2,00,000/-रूपुया अपु लथा; रक श क* तिए हा* । मांj क समांस क इस कथा पुर तिवेश्वेस इसजिलए भू
हा{ तिकया D सक क्या?तिक स्वेया मांj क समांस क पुजिलस कथा मांW इस थ्या क क*ई उल्लेख हा{ तिमांल तिक उस 2,00,000/-रूपुया अपु लथा; रक श क* तिए रहा हा* ।
19.
मांgक कP मांj क समांस (अ०स०-1), भूई शभूमां क मांर स (अ०स०-2), मांमां क]शल क मांर (अ०स०-11), मांमां पुद्मावे (अ०स०-12) एवे रिरश् मांW भूई वेप्रकश उर्फ तिवेक्कP (अ०स०-13) क या मांW याहा थ्या अवेश्या आया हाZ तिक अपु लथा; पु द्वार र स क* याहा कहाकर प्रतिp तिकया D था तिक वेहा अपु मांयाक स तिपु कP मांgत्या पुर प्रप्त हाiए रकमां क तिहास्स लकर आए, स* कP चZ लए, वेnतिश ग मांश लए, उन्हाW हाD मांW कमां समां तिया गया हाZ और उस मांरपु ट कर प्रतिp तिकया D था । तिक इ सभू आर*पु? क तिवे+या मांW इस
11 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} स्पुष्ट हा{ हाZ तिक क और तिकस अतिभूयाक्ता वेस्c क्या कहाकर, तिकस च D कP मां ग कP । र स क अलवे उसक पुरिरD? स प्रत्या ]र पुर क*ई मां ग अतिभूयाक्ता पु कP हा*, ऐस सक्ष्या हा{ आया हाZ । र स क सथा अपु लथा; रक श मांरपु ट कP * तिकस वेस् स कP, तिकस ति कP, उस कहा च*ट आई, इस भू क*ई स्पुष्ट सक्ष्या हा{ हाZ । स* कP चZ और वेnतिश ग मांश कP मां ग तिकस तिजिथा क*, तिकसक समां, तिकस कP, इसक तिवे+या मांW भू
स्पुष्ट हा{ हाZ । इस प्रकर स, "हाD प्रp" और "हाD कP मां ग" क स धी मांW इ तिकटमां पुरिरD सतिया? अपु या मांW कथा तिकए हाk वे आर*पु अस्पुष्ट हाZ जिD पुर सहाD हा तिवेश्वेस हा{ तिकया D सक ।
20. मांgक र स क उपुर*क्ता तिकटमां पुरिरD सतिया? क या मांW D* थ्या आए हाk उसस याहा ण्डिस्थाति स्पुष्ट हाZ तिक इस मांमांल मांW उकP ओर स भू स्वेया क अजिधीवेक्ता तियाक्ता तिकया गया था । स क (अ०स०-17) एवे क न्ल (अ०स०- 18) क या स याहा स्पुष्ट हाZ तिक मांgक क इ पुरिरD सतिया? क कहा पुर हा वे स था D* अपु या मांW ण्डिस्थार हा{ रहा हाk ।
21.
चवे पु कP ओर स प्रश 0 -1 क D* प्रथामां स8च पुत्र था-रगढ़, उp स क पुश तिकया गया हाZ उसक तिवे+या मांW उक्ता रिरपु*ट D कर वेल मांgक र स कP मांj क समांस (अ०स०-1) उक्ता स्वेD क* हा वेट हा* कहा हाZ । तिक उसक पुत्र और मांgक क भूई शभूमां क मांर स (अ०स०-2) अपु प्रतिपुर र्ण मांW याहा स्वे कर तिकया हाZ तिक उसकP मांj था-रगढ़ मांW प्रश 0 -1 कP जिलजिख तिशकया कP था । उक्ता प्रश 0 -1 कP जिलजिख रिरपु*ट स याहा तिश
12 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} हा* हाZ तिक अपु लथा; रक श स तिवेवेहा ति क-07/07/2019 स कर 04 मांहा पु8वे ति क-25/03/2019 क* र स घर स ति ए कहा{ चल गई था उसकP मांj क समांस (अ०स०-1) रिरपु*ट D करई था * पुजिलस धीर-363 /0 प्रतिक्रया स तिहा क अपुरधी अज्ञा व्यातिक्ता क तिवेरूद्घो D तिकया था । मांgक क भूई शभूमां क असर पुश्च मांW पुजिलस वेल र स क* अपु सथा लकर आए था । ऐस ण्डिस्थाति मांW, D र स तिवेवेहा स कर 03-04 मांहा पु8वे पुरिरD? क* ति ए तिकस क सथा चल गई अपु लथा; पु क इस चवे और क क* Dर अ I हा{ तिकया D सक तिक र स क तिवेवेहा अपु लथा; रक श क सथा उसकP इच्छ क तिवेरूद्घो हाiआ था जिDसस र स खश हा{ था ।
22.
र स क भूई शभूमां क मांर स (अ०स०-2) याहा भू स्वे कर तिकया हाZ तिक उसकP हा क* ख क मां पुर अपु लथा; पु कभू रगढ़, उp स हा{ आए था । उस याहा भू स्वे कर तिकया हाZ तिक उभूयापु स ष्ट हा*कर समांजिDक र ति- रिरवेI क सथा रजिस गथा मां तिर मांW तिवेवेहा तिकए था और उस तिवेवेहा क समांया या उसक पु8वे "हाD" कP क*ई मां ग हा{ था । उस याहा भू स्वे कर तिकया हाZ तिक तिवेवेहा स 04-05 मांहा मांW र स और अपु लथा; रक श कभू उक घर हा{ आए था । उस याहा भू स्वे कर तिकया हाZ तिक अपु लथा; पु क लमांर्ण ब्राह्मर्ण हाk D* तिभूवेgजित्ती क कया कर हाk और उक पुक्क घर हा*कर ण्डिल्क तिमांट्टी क कच्च हाiआ घर हाZ । अपु लथा; पु क तिवेरूद्घो अपुरधी कP कयामां मांग D च पुर कP गई हाZ । प्रथा; पु क द्वार तिकस प्रकर कP हाD प्रp स धी पुजिलस मांW क*ई रिरपु*ट D हा{ करई गई । सतिया? याहा भू स्वे कर तिकया हाZ तिक उन्हा? D*
13 / 14 {Cr. A. No.-1030 of 2024} हाD प्रp क कथा तिकया हाZ उस तिवे+या मांW र स कP मांgत्या स पु8वे कभू
पुजिलस या समांD मांW तिकस प्रकर कP क*ई तिशकया हा{ कP था । इस अवेस्था मांW, चवे पु क द्वार प्रस् प्रश 0 -1 कP रिरपु*ट क* दृतिष्टग रख हाiए था अपु लथा; पु क क क* ख हाiए मांgक क तिकटमां पुरिरD सतिया? क द्वार D* "हाD कP मां ग" और "प्रp" स धी कथा तिकए हाk, वे तिवेश्वेस या हा{ पुए D । इस प्रकर, स हा स पुर याहा प्रमांतिर्ण हा{ पुया D तिक "मांgत्या स e क पु8वे" अपु लथा; पु र स क* "हाD कP मां ग" कर हाiए उस "प्रतिp" तिकया हा* । इसजिलए स हा क लभू अपु लथा; पु क* तिमांल हाZ ।
23.
उपुर*क्ता तिवेवेच क आधीर पुर याहा न्यायालया पु हाZ तिक अतिभूया*D स हा स पुर याहा प्रमांतिर्ण कर मांW असर्फल रहा हाZ तिक र स क* "मांgत्या स e क पु8वे" हाD क जिलए "प्रतिp" तिकया गया था । अपु लथा;गर्ण कP *+जिसतिद्ध स्पुष्ट, पु8र्ण, तिवेश्वेस या और वेZधी सक्ष्या पुर आधीरिर हा{ हाZ । अपु लथा;गर्ण क तिवेरूद्घो अतिभूया*D अपु मांमांल स हा स पुर प्रमांतिर्ण कर मांW असर्फल रहा हाZ । ऐस
श मांW, “प्रश्धी तिर्णया” ण्डिस्थार रख D या*ग्या हा{ पुया D ।
24. अc अपु ल स्वे कर कP D हाZ । “प्रश्धी तिर्णया” अपुस् तिकया D हाZ था अपु लथा;गर्ण क* स हा क लभू हाiए आर*तिपु अपुरधी स *+मांक्ता तिकया D हाZ ।
25. अपु लथा;गर्ण क* Dल मांW तिरूद्घो या गया हाZ । याति उकP अन्या मांमांल मांW आवेश्याक हा* * उन्हाW त्कल रिरहा तिकया Dए ।
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26. तिर्णया कP प्रति क सथा तिवेचरर्ण न्यायालया क* मां8ल अतिभूलख था तिर्णया कP प्रतिजिलतिपु स जिधी Dल अधी क क* आवेश्याक कयावेहा हा स8चथा एवे पुलथा श घ्रपु8वेक प्रति+ हा* । सहा /- (स Dया क मांर Dयासवेल) न्यायाधी श पु*मां