DHANANJAY SINGH CHAUHAN AND ANOTHER v. STATE OF U.P.
BAIL/6419/2025 · 2025-09-14
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 21938 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 6419 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदकगण धनंजय िसह चौहान एवं राम िनवास उफर् श्रीिनवास की ओर से मु०अ०स० 05/2024, अन्तगर्त धारा 395/ 397/ 412/ 427 भा.दं.सं., थाना मिडहान, िजला मीरजापुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदकगण नामजद अिभयुक्त नही हैं। आवेदकगण का तथाकिथत लूट-पाट में प्रयुक्त वाहन से कोई संबंध नहीं है। उक्त मुकदमे में िकसी भी प्रकार की कोई आई टी परेड नहीं हुई। आवेदकगण का नाम सहअिभयुक्त के बयान से प्रकाश में आया। आवेदकगण को उक्त वाद में घटना के संबंध में मोबाइल से बातचीत होना बताया गया है और काल िडटेल लगाया गया है, जबिक आवेदकगण का मोबाइल न. नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदकगण िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 10.12.2024 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर Versus Counsel for Applicant(s) : Ananya Upadhyay, Ashutosh, Pavan Kumar, Rakesh Chandra Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dhananjay Singh Chauhan And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदकगण को जमानत पर न छोड़ा जाये।
5.
आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
1. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं।
2. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे।
3. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे।
4. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 15, 2025 S.Mishra BAIL No. 6419 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad