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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7410 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक ओमवीर िसह की ओर से मु०अ०स० 19/2018, अन्तगर्त धारा 307/511/ 406, 504, 506 भा.दं.सं., थाना हाइवे, िजला मथुरा में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा संशोधन ्ऺाथर्ना प्ऴ दािखल िकया गया, उसे प्ऴावली पर रखा जाए।
4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् के अनुसार आरोप है िक वादी ने आवेदक की पु्ऴी कल्पना िसह से एक मकान और एक प्लॉट खरीदने का सौदा 46,49,840/- रूपये में िकया था। िजसका भुगतान वादी ने कल्पना िसह को बैंक के माध्यम से कर िदया था, लेिकन कल्पना िसह ने मकान और प्लॉट का बैनामा नहीं िकया था। बार-बार कहने पर िदनांक 10.01.2018 को कल्पना ने बैनामा करने के बहाने वादी को सुबह 11 बजे िबजार्पुर स्टैंट बैंका के सामने बुलाया था। जब वादी वहाँ पहुँचा तो वहाँ पहले से मौजूद आवेदक, कल्पना, ्ऺदीप व कु लदीप ने वादी के साथ गाली गलौज की और धमकी दी िक अपने िदये हुये रूपयों को भूल जा, वरना तुझे और तेरे पिरवार को जान से मार देंगे। चादी जैसे ही अपनी गाड़ी से चलने को तैयार हुआ तो ्ऺदीप और कु लदीप ने गाड़ी की चाबी खींच ली गाडी की िखडकी बन्द कर दी, गाड़ी पर पै्िोल डाल िदया और मािचस से गाड़ी में आग लगाने लगे। शोर मचाने पर लोग आ गये, िजन्होनें वादी को बचाया। उसके बाद कल्पना Versus Counsel for Applicant(s) : Amit Daga, Mayank Counsel for Opposite Party(s) : Amit Kumar, Adarsh Verma, Bhanu Prakash Verma, Bhanu Pratap Verma, G.A. Omveer Singh .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
ने धमकी दी िक कोई कायर्वाही की तो बलात्कार के मुकदमें में फं सा दूँगी। आवेदक, कल्पना, ्ऺदीप और कु लदीप ने िमलकर वादी का रुपया हडप िलया और वादी को सदोष हािन पहुँचायी है। ्ऺथम सूचना िरपाटर् के सभी आरोप गलत व असत्य है।
5.
घटना में वादी के कोई चोट आना नहीं बताया गया है और न आग लगा देने का आरोप है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् में आवेदक के िवरु्ध कोई िविश्ि व ्िि्वगत आरोप नहीं है। आवेदक की घटना में कोई ्िि्वगत भूिमका नहीं दशार्यी गयी है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् में वादी ्षारा आवेदक को कोई रुपया देने का आरोप नहीं है। तथाकिथत घटना का कोई भी चश्मदीद व स्वतं्ऴ सा्षी नहीं है न ही घटना की कोई सीसी.टी.वी फु टेज प्ऴावली पर उपलब्ध है। न ही वादी को िकसी भी ्ऺकार की कोई चोट आना दिशत है। उ्व वाद िसिवल नेचर का है। सभी आरोप 7 वषर् से कम सजा से दण्डनीय है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नही है। आवेदक िवचारण हेतु न्यायालय में उपिस्थत आता रहेगा और िवचारण में सहयोग करेगा। अतः जमानत आवेदन एवं संलग्न शपथप्ऴ में िदये आधारों पर जमानत पर िरहा िकये जाने की याचना की गयी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 05.12.2024 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
7. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
8. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1.
आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परी्षण के दौरान िबना कोई
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अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 6, 2025 S.Mishra BAIL No. 7410 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad