Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 21264 (ALL)
JUNAID v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/1587/2025 · 2025-05-22
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 21264 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 21264 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:88691 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1587 of 2025 Applicant :- Junaid Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Amit Rana Counsel for Opposite Party :- G.A.,Vivek Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा जय वकशन चचौरधसयद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा
2. ससूचली पसुनरलीवक्षित वतरमद्वान दद्वासणण्डिक प्रककीरर अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत, आववेदक जसुननैद ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 0427 सनन् 2017, अन्तररत धिद्वारद्वा 376/ 377/ 323/ 504/ 506 भद्वा०दवं०वव०, स्थिद्वानद्वा भद्वावनपसुर, धजलद्वा मवेरठ मम अवग्रिम जमद्वानत ककी ममॉर करतवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि दद्वायर वकयद्वा रयद्वा हनै वक वररफ्तद्वारली ककी ससस्थिवत मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा रयद्वा हनै वक आववेदक वनदर्दोष हनै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हनै वक उसवे उपयसुरक मद्वामलवे मम वररफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हनै , प्रस्थिम ससूचनद्वा ररपकोरर ववलम्ब सवे करद्वायली रयली धजसकद्वा ककोई सपषलीकरर प्रस्थिम ससूचनद्वा ररपकोरर मम नहहीं वदयद्वा रयद्वा। आववेदक प्रस्थिम ससूचनद्वा ररपकोरर मम नद्वामजद अवभयसुक नहहीं हनै। उनकद्वा यह भली तकर हनै वक आववेदक कद्वा ककोई आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हनै तस्थिद्वा आववेदक कवे ववरुद्ध अब तक ककोई बलपसूवरक प्रवक्रियद्वा जद्वारली नहहीं ककी रई हनै। यह भली प्रसतसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परलीक्षिर कवे दचौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतवे हनै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसली अस्थिवद्वा न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षित हकोनवे पर उपससस्थित हहोंरवे।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरकोधि करतवे हहए यह तकर प्रसतसुत करतवे हहए न्यद्वायद्वालय कद्वा ध्यद्वान पलीवड़ितद्वा कवे धिद्वारद्वा 164 दवं.प्रसवं. कवे बयद्वान ककी ओर आकक ष वकयद्वा धजसमम पलीवण्डितद्वा दद्वारद्वा कस्थिन वकयद्वा रयद्वा वक 10.12.
16 कको मम अपनवे कमरवे मम सको रहली स्थिली मम अकवे लवे स्थिली। मवेरवे पवत रटक चलद्वातवे हनै। वको रटक पर रए स्थिवे। मवेरद्वा दवेवर मसुननैद लरभर 11 बजवे मवेरवे कमरवे मम घसुस आकर दरवद्वाजद्वा भवेज हहआ स्थिद्वा धसरकरली नहहीं बन्द स्थिली, दवेवर तमन्चद्वा लवेकर आयद्वा स्थिद्वा तमन्चद्वा हल्कद्वा हरवे रवंर कद्वा स्थिद्वा दवेवर नवे तमन्चद्वा मवेरली कनपरली पर रखद्वा और चसुप रहनवे कको बकोलद्वा मम सको रहली स्थिली पर कनमवे मम घसुसतवे हली मवेरली नहींद खसुल रयली स्थिली जसुननैद
नवे मवेरवे कपण्डिवे फद्वाण्डिवे छद्वातली भलीचली और मवेरवे सद्वास्थि बलद्वात्कद्वार वकयद्वा। उसनवे कमरवे कद्वा दरवद्वाजद्वा आतवे हली बन्द कर वदयद्वा स्थिद्वा। मम वचलद्वाई स्थिली पर ककोई नहहीं आयद्वा। सद्वास, सससुर दसूर कमरवे मम सको रहवे स्थिवे। उन्हहोंनवे आरवे यह भली कस्थिन वकयद्वा वक ववधधि व्यवसस्थिद्वा प्रवतभद्वा मनचन्दद्वा बनद्वाम हररयद्वानद्वा रद्वाज्य AIR 2023 SC 3307 मम मद्वाननलीय न्यद्वायद्वालय नवे यह अवभवनधिद्वारररत वकयद्वा हनै वक व्यवकरत सवतवंततद्वा महत्वपसूरर हनै, परन्तसु न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत प्रदद्वान वकयवे जद्वातवे वक इस तथ्य कको भली दृवषरत रखनद्वा चद्वावहयवे वक मद्वामलवे सवे सवंबवंधधित अपरद्वाधि ककी क्यद्वा रवंभलीरतद्वा हनै तस्थिद्वा उसकद्वा समद्वाज पर क्यद्वा प्रभद्वाव पण्डिवेरद्वा। इस मद्वामलम मम ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा समसत तथ्यहों कद्वा समग्रि पररशलीलन कको दृवषरत रखतवे हहए उवचत आदवेश पद्वाररत वकयद्वा रयद्वा हनै, इस प्रश्नरत आदवेश मम हसतक्षिवेप वकयवे जद्वानवे ककोई औवचत्य नहहीं हनै। उनकद्वा यह भली तकर हनै वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि रवंभलीर प्रकक वत कद्वा हनै तस्थिद्वा आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हनै।
5. उभय पक्षिहों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वारर कको ससुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम वकए रए कस्थिनहों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत, यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हनै वक आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार प्रसतसुत नहहीं वकयद्वा रयद्वा हनै।
6. तदनसुसद्वार, आववेदक जसुननैद कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत वनरसत वकयद्वा जद्वातद्वा हनै।
7. हद्वालद्वावंवक, आववेदक कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय कवे समक्षि वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत प्रसतसुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हनै। Order Date :- 23.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad