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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 20731 (ALL)

SMT SANTOSH DEVI v. STATE OF UP

ABAIL/1290/2024 · 2025-07-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:107709 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1290 of 2024 Applicant :- Smt Santosh Devi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Amit Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A.,Jalaj Singh,Rajneesh Kumar Srivastava Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा शश्रीमरश्री ससंरतोष दवेवश्री ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 409/2023, अन्रररर धमारमा 498 ए, 304 बश्री भमाररश्रीय दणण्डि ससंगहिरमा एवसं धमारमा 3/4 दहिवेज प्रगरषवेध अधधगनयम, रमानमा भमतोरमा, धजलमा बरवेलश्री मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हिहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हिहै गक गररफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेगदकमा कतो जममानर पर ररहिमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा, पररवमादश्री कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा कतो समुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा। 3. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हिहै, उसवे उपरतोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हिहै , उसवे आशसंकमा हिहै गक उसवे उपरतोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हिहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध कतोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहिहीं हिहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभश्री रक कतोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहिहीं अपनमाई रयश्री हिहै। आववेगदकमा दमारमा ऐसमा कतोई भश्री कक त्य कमाररर नहिहीं गकयमा रयमा हिहै, जहैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेधखिर हिहै। आववेगदकमा मकरकमा ककी समास हिहै ररमा उसकवे दमारमा पश्रीगड़िरमा कतो भश्री अगरररक दहिवेज कवे धलए ममानधसक अरवमा शमारश्रीररक रूप सवे प्ररमागड़िर नहिहीं गकयमा रयमा हिहै। प्ररम ससूचनमा ररपतोरर गवलणमबर हिहै ररमा गवलमब कमा कतोई सपषश्रीकरर नहिहीं गदयमा रयमा हिहै। मकरकमा दमारमा सवयसं फमाफाँसश्री लरमाकर आत्महित्यमा ककी रयश्री , धजसमम आववेगदकमा ककी कतोई भसूगमकमा नहिहीं हिहै। वररममान वमाद मम आरतोपपत दमाधखिल गकयमा जमा चमुकमा हिहै ररमा आववेगदकमा कमा कतोई पसूवर आपरमाधधक इगरहिमास नहिहीं हिहै। आववेगदकमा कतो पसूवर मम भश्री असंरररम जममानर प्रदमान ककी रयश्री हिहै। अगग्रिम आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा दमारमा करन गकयमा रयमा गक आववेगदकमा गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर प्रत्यवेक गरधरययों पर उपणसरर हितोरश्री रहिश्री हिहै ररमा आरवे भश्री गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहियतोर करनवे कमा वचन दवेरश्री हिहै गक वहि जमॉच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहिवेरश्री एवसं आववेगदकमा ककी ओर सवे यहि आश्वमासन गदयमा रयमा हिहै गक वहि कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहियतोर करनवे कवे धलए रहैयमार हिहै और जब भश्री आवश्यकरमा हितोरश्री वहि ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खिमुद कतो उपलब्ध करमाएरश्री और उन सभश्री शरर्दोसं कतो सवश्रीकमार करनवे कवे धलए भश्री रहैयमार हिहै, जतो न्यमायमालय उस पर अधधरतोगपर करवेरश्री। 4. पररवमादश्री कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभयमुकमा कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरतोध मम यहि रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयमुकमा ककी भसूगमकमा प्ररम दृषयमा पररलगक्षिर हितो रहिश्री हिहै ररमा इस घरनमा मम इनककी भसूगमकमा ससंभमाव्य हिहै , इसधलए अगभयमुकमा कतो अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यहि कहिमा जमा सकरमा हिहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यहि अवधमाररर गकयमा रयमा हिहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कतो आरतोपयों ककी प्रकक गर और रसंभश्रीररमा, आरतोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहिए और यहि गक न्यमायमालय कतो आरतोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभश्री समामग्रिश्री कमा समावधमानश्री सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमागहिए और आरतोपश्री ककी वमासरगवक भसूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहिए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दोसं एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधश्री गवधध कवे सरमागपर धसद्धमासंरयों कतो ध्यमान मम रखिरवे हिहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आरतोपयों ककी प्रकक गर, आववेगदकमा ककी भसूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्ययों एवसं गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनयर गरधरययों पर आववेगदकमा कवे गनयगमर रूप सवे उपणसरर हितोनवे, पररणसरगरययों कतो ध्यमान मम रखिरवे हिहए, चसूसंगक आववेगदकमा गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर प्रत्यवेक गरधरययों पर उपणसरर हितोरश्री रहिश्री हिहै, अरतः ममामलवे कवे रमुर-दतोष पर गबनमा कतोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे यतोग्य हिहै। 7. रद्नमुसमार, यहि अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयमा जमारमा हिहै। 8. उपरतोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेगदकमा ककी गररफ्रमारश्री ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर गवचमारर न्यमायमालय ककी ससंरमुगष पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसश्री धनरमागश कवे दतो प्रगरभसू प्रसरमुर करनवे पर , सत परश्रीक्षिर कवे गनसरमारर हितोनवे रक गनमन शरर्दो कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेगदकमा अगभयतोजन पक्षि कवे समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहिहीं करवेरश्री। ii) आववेगदकमा अगभयतोजन पक्षि कवे रवमाहियों कतो धमकमाएरश्री यमा परवेशमान नहिहीं करवेरश्री। iii) आववेगदकमा गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर गरधर एवसं समय पर उपणसरर हितोरश्री ररमा अनमावश्यक सररन नहिहीं लवेरश्री। iv) आववेगदकमा उस अपरमाध कवे सममान कतोई अपरमाध नहिहीं करवेरश्री, धजसकमा आरतोप आववेगदकमा पर लरमायमा रयमा हिहै यमा धजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेहि हिहै। v) आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसश्री व्यगक कतो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कतोई प्रलतोभन, धमककी यमा वमादमा नहिहीं करवेरश्री धजससवे वहि व्यगक न्यमायमालय यमा गकसश्री पमुधलस अधधकमारश्री कवे समक्षि रथ्ययों कमा खिमुलमासमा करनवे सवे गवममुखि हितो जमाए यमा समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़िछमाड़ि करवे। 9. उपरतोक उलवेधखिर शरर्दोसं मम सवे गकसश्री भश्री शरर कवे उलघसंन ककी णसरगर मम ससंबधधर गवचमारर न्यमायमालय आववेगदकमा कतो प्रदत्त जममानर गनरसर करनवे हिवेरमु सवरसंत हिहै। Order Date :- 8.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad