M/S AMIT ENTERPRISES THRU. PROPRIETOR MR. AMIT VERMA AND 2 OTHERS v. U.O.I. MINISTRY FINANCE DEPTT. FINANCIAL SERVICES JEEVAN DEEP NEW DELHI THRU/ SECY. AND 2 OTHERS
/9018/2025 · 2025-10-13
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 203619 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 9018 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार्गण की िवद्वान अिधवक्ता सुश्री ज्योती राजपूत, के न्द्र सरकार के िवद्वान अिधवक्ता श्री अश्वनी कु मार िसह तथा िवपक्षी संख्या 3-L&T फाइनेंस िलिमटेड के िवद्वान अिधवक्ता श्री श्याम कु मार राय को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अन्तगर्त प्रस्तुत इस िरट यािचका द्वारा यािचकाकतार्गण ने ऋण वसूली न्यायािधकरण द्वारा प्रितभूितकरण आवेदन संख्या 22 सन् 2025 में पािरत आदेश िदनांक 13.08.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके द्वारा िवपक्षीगण को प्रश्नगत सम्पित्त का भौितक कब्जा लेने के पूवर् यािचकाकतार्गण को 15 िदन की नोिटस देने का िनदेर्श िदया गया था। अिग्रम कायर्वाही के िलए न्यायािधकरण ने िदनांक 09.04.2026 की ितिथ िनयत करते हुए यह भी कथन िकया िक यिद कोई शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता होती है तो पक्षकार प्राथर्ना पत्र दे सकते हैं।
3. यािचकाकतार्गण के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक प्रश्नगत आदेश के क्रम में िवपक्षी संख्या 3 ने अिधिनयम की धारा 13(4) के अन्तगर्त जो नोिटस िनगर्त की उसमें कब्जे की कोई ितिथ अंिकत नहीं है।
4. उक्त तकर् के उत्तर में िवपक्षी संख्या 3 के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक प्रश्नगत आदेश पािरत होने के उपरांत िवपक्षी संख्या 3 ने यािचकाकतार्गण को भौितक कब्जे के िलए कोई नोिटस िनगर्त नहीं की है तथा सम्पित्त का सांके ितक कब्जा िदनांक 20.11.2024 को िलया जा चुका है।
5. भारत सरकार के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक यद्यिप पूवर् कब्जा नोिटस में एक स्थान पर कब्जे की ितिथ खाली रह गई थी, िकन्तु नोिटस के साथ संलग्न अनुसूची में ितिथ 20.11.2024 अंिकत है। एक अन्य स्थान पर ितिथ अंिकत होने से छू ट जाना मात्र िलिपकीय त्रुिट है, िजससे नोिटस की वैधता पर कोई प्रितकू ल प्रभाव नहीं पड़ता है।
6. ऐसी पिरिस्थित में, जबिक आदेश िदनांक 03.08.2025 के अनुपालन में िवपक्षी संख्या 3 ने कोई नवीन नोिटस िनगर्त नहीं की है, यािचकाकतार्गण को यह यािचका प्रस्तुत करने का कोई आधार प्राप्त नहीं है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Gaurav Gupta, Jyoti Rajpoot Counsel for Respondent(s) : A.S.G.I., Ashwani Kumar Singh, Shyam Kumar Ray M/S Amit Enterprises Thru. Proprietor Mr. Amit Verma And 2 Others .....Petitioner(s) U.O.I. Ministry Finance Deptt. Financial Services Jeevan Deep New Delhi Thru/ Secy. And 2 Others .....Respondent(s)
7.
तदनुसार, यािचका िनरस्त की जाती है।
October 13, 2025 Himanshu WRIC No. 9018 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench