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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 20328 (CHH)

STATE OF CHHATTISGARH v. SHYAM KUMAR MARAR (PATEL)

ACQA/184/2018 · 2025-09-18

Shri Sanjay Agrawal, Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} 2025:CGHC:48254-DB अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दोषमुति अपु ल क्रमु!क -184 /2018  छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थाना प्रभार , पुलिलस थाना-पुल , लि0ल-कर, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा1/रज्या तिवेरूद्घ 1. श्यामु क मुर मुरर (पुटेल) तिपु-0ग8रमु पुटेल, उम्र-लगभाग 22 वेष:, 2. 0ग8रमु मुरर, तिपु-मुरिर रमु मुरर, उम्र-लगभाग 48 वेष:, 3. श्री मु नानाक=ई पुति-0ग8 रमु मुरर, उम्र-लगभाग 45 वेष:, सभा तिनावेस -ग्रामु चAमु, नातिदोयापुर, थाना-पुल , लि0ल-कर, छत्ती सगढ़ । -----उत्तीरवेदो गण/अतिभायागण अपु लथा1/रज्या द्वार : श्री अतिपु: अग्रावेल, पुAनाल अलिEवे । उत्तीरवेदो गण/अतिभायागण द्वार : श्री टे ०आर० पुटेल, अलिEवे । यागल पु ठःI मुनाना या न्यायामु8ति: श्री स!0या अग्रावेल , न्यायाE श मुनाना या न्यायामु8ति: श्री स!0या क मुर 0यासवेल , न्यायाE श !! तिनाण:या पु ठः पुर पुरिर !! द्वार स!0या क मुर 0यासवेल , न्यायाE श POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.09.20 15:05:35 +0530 2 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} 19/09/2025 1. दोण्ड प्रतिक्रया स!तिO, 1973 क= Eर-378 (1) क O दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् इस अपु ल मुT तिवेचरण न्यायालया-अपुर सत्र न्यायाE श, कटेघोर, लि0ल-कर, छत्ती सगढ़ द्वार सत्र प्रकरण क्रमु!क-37/2015 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ श्यामु क मुर मुरर (पुटेल) वेगAरO” मुT पुरिर तिनाण:या तिदोना!क-09/03/2017 क= वेAE क चनाY दो गई OA । लि0सक O अतिभाया0ना क मुमुल प्रमुतिण ना पु OZए अतिभायागण क Eर-304(ख) सOपुतिठः Eर-34 या वेAकल्पि^पुक Eर-302 सOपुतिठः Eर-34 भार या दोण्ड स!तिO, 1860 क अपुरE स स!दोO क लभा दो OZए दोषमु तिकया गया OA । लि0स आग “प्रश्नाE ना तिनाण:या” स स!लिE तिकया 0 रO OA । 2. याO थ्या अतिवेवेतिदो OA तिक अतिभायागण, मुaक पुवे: ई क क्रमुशI पुति, ससर, सस रO Ob । पुवे: ई क तिवेवेO अतिभाया श्यामु क मुर मुरर (पुटेल) क सथा वेष: 2014 क चAत्र मुO मुT सम्पुन्न OZआ था । याO थ्या भा तिनातिवे:वेदो OA तिक पुवे: ई क= मुaत्या तिदोना!क 18/11/2014 क OZई था । 3. अतिभाया0ना क मुमुल स!क्षेपु मुT इस प्रकर OA तिक वेष: 2014 मुT श्री मु पुवे: ई क तिवेवेO अतिभाया श्यामुक मुर पुटेल क सथा सम्पुन्न OZआ । तिवेवेO क उपुर! वेO अपुना ससरल ग्रामु चAमु मुT रOना लग । क छ समुया पुश्च अतिभायागण द्वार मुaक स दोO0 कमु लया O था मुटेरसइतिकल नाOg लया O कOकर मुटेरसइतिकल क= मु!ग क= 0ना लग । इना मु!गh क= पु8ति: ना Oना पुर मुaक क शर रिरक एवे! मुनालिसक रूपु स प्रतिi तिकया 0ना लग और मुयाक 0ना स रक 0 था । गभा:वेस्था क सवेT मुO मुT भा अतिभायागण ना मुaक क सथा मुरपु टे एवे! क्र8 रपु8वे:क व्यावेOर तिकया । इस स!!E मुT 3 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} मुaक क पुरिर0नाh ना समु0 क मुध्यामु स समुझौY करना क प्रयास भा तिकया, तिक! अतिभायागण क व्यावेOर नाOg दोल । तिदोना!क 18.11.2014 क अतिभाया श्यामुक मुर ना मुaक क पुरिर0नाh क उसक= ल्पिस्थाति ग!भा र Oना क= स8चना दो । लि0ल अस्पुल कर पुOZoचना पुर मुaक क पुरिर0नाh क ज्ञा OZआ तिक पुवे: ई क= मुaत्या O चक= OA । 0oच मुT पुया गया तिक मुaक ना अतिभायागण क= प्रiना एवे! दोO0 क= मु!ग स क्षेब्E Oकर ज़Oर क सवेना कर आत्मुOत्या कर ल । इस घोटेना क= स8चना पुर मुग: कयामु कर शवे पुर क्षेण करया गया था तिवेसर क रसयातिनाक पुर क्षेण O भा0 गया । मुग: 0oच उपुर! तिदोना!क 09/01/2015 क थाना पुल , लि0ल कर मुT अपुरE क्रमु!क 09/2015 क प्रथामु स8चना पुत्र दो0: कर तिवेवेचना क= गई । तिवेवेचना उपुर! अतिभायाग पुत्र प्रस् तिकया गया । 4. तिवेचरण न्यायालया क समुक्षे अतिभाया0ना क= ओर स अपुना पुक्षे समुथा:ना मुT 14 सतिक्षेयाh क पुर क्षेण था 29 दोस्वे0 प्रदोश: तिचन्O!तिक करए गए । Eर-313 दोण्ड प्रतिक्रया स!तिO क O याना मुT अतिभायागण ना अपुना तिवेपुर सतिक्षेयाh क कथानाh क इनाकर कर OZए स्वेया! क तिनादोtष Oना या OA लि0नाक= ओर स चवे मुT तिकस सक्षे क पुर क्षेण नाOg करया गया । उभायापुक्षे क सना 0कर तिवेचरण न्यायालया द्वार प्रश्नाE ना दोषमुति क तिनाण:या पुरिर तिकया गया OA लि0स इस अपु ल मुT चनाY दो गई OA । 5. अपु लथा1/रज्या पुक्षे क तिवेद्वाना अलिEवे क क: OA तिक अतिभाया0ना सक्षे क रूपु मुT मुaक क= मुo स0Yतिनाई (अ०स०-1), तिपु मुतिO रमु (अ०स०-2), भाई स!0या क मुर (अ०स०-3), Oना स!ग (अ०स०-4) था समु0 अध्याक्षे फू8 फू मुनाOरण पुटेल (अ०स०-10) ना अतिभाया0ना क मुमुल क समुथा:ना तिकया OA । उनाक सक्ष्या स याO स्पुष्ट O OA तिक अतिभायागण ना समुन्या आशया क अग्रासरण मुT दोO0 स्वेरूपु पुAस, 4 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} मुटेरसइतिकल, टे वे , आलमुर एवे! अन्या दोO0 क= मु!ग क= था मुaक क शर रिरक एवे! मुनालिसक रूपु स प्रतिi तिकया, लि0सक फूलस्वेरूपु पुवे: ई ना आत्मुOत्या कर ल । इस प्रकर, अतिभायागण क तिवेरुद्ध अतिभाया0ना क मुमुल प्रमुतिण रO OA । तिफूर भा , तिवेचरण न्यायालया ना उपुलब्E सक्ष्या क समुतिच मु8^या!कना नाOg तिकया और प्रश्नाE ना तिनाण:या पुरिर कर अतिभायागण क दोषमु कर तिदोया । च8oतिक प्रश्नाE ना दोषमुति क तिनाण:या त्रतिटेपु8ण: OA, इसलिलए ल्पिस्थार रख 0ना याग्या नाOg OA । अI अपु ल स्वे कर कर दोषमुति क तिनाण:या अपुस् तिकया 0ए था अतिभायागण क दोषलिसद्ध कर तिवेलिE अनासर दोल्पिण्ड तिकया 0ए । 6. उत्तीरवेदो /अतिभाया पुक्षे क तिवेद्वाना अलिEवे क क: OA तिक अतिभाया0ना सक्ष्या स याO स्पुष्ट OA तिक अपुरE क= कयामु प्रथा1 पुक्षे क= तिकस तिशकया पुर नाOg, ल्पि^क मुग: 0!च उपुर! क= गई OA । अतिभाया0ना द्वार प्रयागशल क= रिरपुटे: भा प्रस् नाOg क= गई OA । घोटेना स पु8वे: दोO0 मु!ग या प्रiना क स!!E मुT अतिभायागण क तिवेरुद्ध पुलिलस मुT तिकस प्रकर क= कई लिललिख अथावे मुYलिखक तिशकया दो0: नाOg करई गई था , तिवेशष रूपु स मुaक क सस-ससर क तिवेरुद्ध तिकस सक्षे ना कई कथाना नाOg तिकया OA । अतिभाया0ना क अलिEकर गवेO मुaक क रिरश्दोर Oकर तिOद्ध सक्षे Ob, और लि0नाक याना मुT ग!भा र तिवेरEभास OA-तिवेशषकर दोO0 क= मु!ग क, क्या और तिकसना दोO0 क=? इसलिलए प्रश्नाE ना दोषमुति क तिनाण:या उतिच OA । अपु लथा1/रज्या पुक्षे क क: स्वे कर याग्या नाOg OA । अI अपु ल खरिर0 क= 0ए । 7. उभायापुक्षे क क: श्रीवेण तिकया गया और अतिभालख क स8क्ष्मुपु8वे:क पुरिरश लना तिकया गया । 8. Recently, applying the law governing the scope of interference in an appeal against acquittal, the Hon’ble Supreme Court in the case of 5 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} “State of Rajasthan vs. Kistoora Ram” reported in 2022 SCC OnLine SC 984, has held as follows:- “8. The scope of interference in an appeal against acquittal is very limited. Unless it is found that the view taken by the Court is impossible or perverse, it is not permissible to interfere with the finding of acquittal. Equally if two views are possible, it is not permissible to set aside an order of acquittal, merely because the Appellate Court finds the way of conviction to be more probable. The interference would be warranted only if the view taken is not possible at all.” 9. स!पु8ण: अतिभालख एवे! प्रस् सक्ष्या क पुरिरश लना स याO स्पुष्ट O OA तिक मुaक पुवे: ई क तिवेवेO अतिभाया श्यामु क मुर क सथा वेष: 2014 क चAत्र मुO मुT सम्पुन्न OZआ था था 0Oर सवेना क फूलस्वेरूपु उसक= मुaत्या तिवेवेO क स वेष: क अ!दोर O तिदोना!क 18/11/2014 क समुन्या स तिभान्न पुरिरल्पिस्थातियाh मुT OZई । 10. इस ल्पिस्थाति मुT तिवेचरण या प्रश्ना याO OA तिक क्या मुaत्या स ठः क पु8वे: अतिभायागण ना समुन्या आशया क अग्रासरण मुT मुaक स दोO0 क= मु!ग कर OZए उस प्रतिi तिकया अथावे उसक सथा क्र8 रपु8ण: व्यावेOर तिकया था? 11. इस तिवेषया मुT प्रमुख पुरिरतिक्षे सक्षे , मुaक क= मुo स0Yतिनाई (अ०स०-1), तिपु मुतिOरमु (अ०स०-2), भाई स!0या क मुर (अ०स०-3), Oना स!ग (अ०स०- 4) और फू8 फू मुनाOरण पुटेल (अ०स०-10) Ob, 0 मुनाOरण पुटेल उनाक समु0 क अध्याक्षे भा Ob । इस प्रकर, दोO0 प्रiना क तिवेषया मुT पुरिरतिक्षे उ सभा सक्षे मुaक क तिनाकटेमु नादोर और पुरिर0ना Ob लि0नाक कथाना मुT इस स्पुष्ट रूपु स कई आरपु नाOg आया OA तिक मुaक क ससर अतिभाया 0ग8रमु अथावे सस नानाक=ई ना दोO0 क= कई मु!ग क= O अथावे प्रiना दो O । 6 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} 12. A. No.-184 of 2018} 12. उपुर तिनाकटेमु नादोर और पुरिर0ना सतिक्षेयाh ना याO कO OA तिक अतिभाया श्यामु क मुर अपुना पुत्ना पुवे: ई स पुAस और मुटेरसइतिकल क= मु!ग कर OZए मुरपु टे कर था, तिक! पुAस क= मु!ग क कई उल्लेख प्रथामु स8चना पुत्र मुT नाOg OA । भाई स!0या क मुर (अ०स०-3) और Oना स!ग (अ०स०-4) ना भा पुAसh क= मु!ग क= नाOg कO OA, ल्पि^क स8चक प्रश्ना पुर उन्Ohना ढ़कर याO कO तिक टे .व्O . ना लना पुर प्रतिi तिकया 0 था । पुवे: उन्OT था तिक अतिभायागण उस याO भा ना दो था तिक 0 अलमुर और दो वेना लया OA, वे टे ना क Ob । इस प्रकर, पुवे: क दोO0 क लिलए तिकस वेस् क= मु!ग पुर ना तिदोया गया अथावे प्रतिi तिकया गया, याO ल्पिस्थाति स्पुष्ट नाOg OA। उसस पुAस, मुटेरसइतिकल, टे .व्O . अथावे टे ना क समुना क लकर प्रतिi करना क तिवेषया मुT पुरिरतिक्षे सतिक्षेयाh क कथानाh मुT ग!भा र तिवेरEभास क= ल्पिस्थाति OA । अतिभाया0ना मुमुल क अनासर इना पुरिर0ना सतिक्षेयाh ना इस थ्या क= भा स्पुष्ट पुतिष्ट नाOg क= OA तिक ससर 0ग8रमु या सस नानाक=ई ना पुवे: क प्रतिi तिकया O । ऐस दोश मुT इना तिOद्घ सतिक्षेयाh क कथानाh क स!दोO स पुर नाOg दोख 0 सक । 13. उल्लेखना या OA तिक मुaक क= मुaत्या तिदोना!क 18/11/2014 क OZई और पुलिलस द्वार मुग: 0!च उपुर! तिदोना!क 19/01/2015 क, अथा: लगभाग दो मुO पुश्च, अपुरE कयामु क= गई OA । इस अवेलिE मुT प्रथा1 पुक्षे ना ना पुलिलस मुT और ना O समु0 मुT कई लिललिख तिशकया प्रस् क= । इसलिलए याO थ्या स!दोO स पुर स्थातिपु नाOg रO OA तिक घोटेना स ठः क पु8वे: पुवे: क अतिभायागण द्वार दोO0 क= मु!ग कर OZए प्रतिi तिकया गया O । 14. याO भा उल्लेखना या थ्या OA तिक पुवे: क= मुo स0Yतिनाई (अ०स०-1) और तिपु मुतिO रमु (अ०स०-2) ना याO कO OA तिक दोO0 क= मु!ग और प्रiना क= 0नाकर उन्Ohना 7 / 7 {Acq. A. No.-184 of 2018} समु0 क अध्याक्षे मुनाOरण पुटेल (अ०स०-10) क दो था , 0 रिरश् मुT मुaक क फू8 फू OA और उनाक समु0 क अध्याक्षे भा OA । मुनाOरण पुटेल ना भा इस थ्या क स्वे कर तिकया OA तिक दोO0 क= मु!ग क= 0नाकर पुवे: क मु-तिपु ना उस दो था । उसना प्रतिपुर क्षेण मुT याO भा स्वे कर तिकया OA तिक उनाक समु0 मुT दोO0 प्रथा नाOg OA और दोO0 मु!गना वेलh क तिवेरूद्घ कया:वेO क= 0 OA । तिक! पुवे: क मु-तिपु द्वार स8चना दोना क वे08दो इस तिवेषया मुT ना समु0 मुT कई Aठःक क= गई और ना O समुलि0क रूपु मुT कई लिललिख तिशकया तिमुल । ऐस दोश मुT, मुaक क तिनाकटेमु पुरिर0ना सतिक्षेयाh क कथाना दोO0 क= मु!ग वे प्रiना क ति!दो पुर स!दोOस्पुदो O 0 OA । उपुर तिवेवेचना क फूलस्वेरूपु याO स्थातिपु नाOg रO OA तिक पुवे: क= मुaत्या स ठः क पु8वे: उस दोO0 क लिलए प्रतिi कर उसक सथा क्र8 र क= गई O । इस भा कई स्पुष्ट सक्ष्या नाOg OA तिक पुवे: क 0रना अतिभायागण द्वार 0Oर सवेना करकर उसक= Oत्या क= गई O । 15. इस प्रकर, प्रस् न्यायादृष्ट! क प्रकश मुT सक्ष्या तिवेवेचना क फूलस्वेरूपु याO न्यायालया पु OA तिक अतिभालख मुT उपुलब्E थ्या और सक्ष्या क दृतिष्टग रख OZए तिवेचरण न्यायालया द्वार 0 दोषमुति क तिनाण:या पुरिर तिकया OA उसमुT कई अवेAE या अशद्घ नाOg OA । इसलिलए उसमुT तिकस Oस्क्षेपु क= आवेश्याक नाOg पुया 0 । 16. अI दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् याO अपु ल स्वे कर याग्या ना Oना स खरिर0 क= 0 OA । 17. तिनाण:या क= प्रतिलिलतिपु क सथा तिवेचरण न्यायालया क अतिभालख श घ्रपु8वे:क वेपुस प्रतिष O । सO /- (स!0या अग्रावेल) न्यायाE श सO /- (स!0या क मुर 0यासवेल) न्यायाE श पुमुना