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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 200492 (ALL)

GHANSHYAM AND ANOTHER v. CIVIL JUDGE (SENIOR DIVISION ) HARDOI AND 2 OTHERS

/5981/2025 · 2025-10-13

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 5981 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सवेर्श कु मार शुक्ला को सुना तथा उनके द्वारा प्रस्तुत पूरक शपथ पत्र अिभलेख पर िलया गया। 2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अन्तगर्त प्रस्तुत इस यािचका द्वारा यािचकाकतार् ने मूल वाद संख्या 290 सन् 2022 में लिम्बत अंतिरम िनषेधाज्ञा प्राथर्ना पत्र के शीघ्र िनस्तारण का िनदेर्श िसिवल जज (प्रवर खंड) हरदोई को िदए जाने का अनुरोध िकया है। 3. उपरोक्त वाद यािचकाकतार् ने घोषणात्मक एवं स्थाई िनषेधाज्ञा आज्ञिप्त के िलए प्रस्तुत िकया था तथा वाद में अस्थाई िनषेधाज्ञा प्राथर्ना पत्र भी प्रस्तुत िकया गया था। 4. पूरक शपथ पत्र के माध्यम से वाद के आदेश पत्र की प्रित यािचकाकतार् ने प्रस्तुत की है, िजससे यह स्पष्ट होता है िक प्रितवादी ने वाद में प्रितवाद पत्र तथा अस्थाई िनषेधाज्ञा प्राथर्ना पत्र के िवरुद्ध आपित्त प्रस्तुत कर दी तथा न्यायालय ने अमीन के माध्यम से प्रश्नगत सम्पित्त का िनरीक्षण भी करा िलया है, िकन्तु इसके उपरांत भी वाद की सुनवाई अनेक ितिथयों पर िबना कोई कारण दशार्ए स्थिगत होती रही है। 5. जब अस्थाई िनषेधाज्ञा प्राथर्ना पत्र पर न्यायालय प्रितवादी को नोिटस िनगर्त करता है तथा एकपक्षीय अन्तिरम तथा स्थाई िनषेधाज्ञा आदेश पािरत नहीं करता है तो ऐसी पिरिस्थित में अस्थाई िनषेधाज्ञा प्राथर्ना पत्र का शीघ्र िनस्तारण िकया जाना अिनवायर् है। 6. तदनुसार, यह यािचका स्वीकार की जाती है। िसिवल जज (प्रवर खंड) हरदोई को िनदेर्श िदया जाता है िक मूल वाद संख्या 290 सन् 2022 में लिम्बत अस्थाई िनषेधाज्ञा प्राथर्ना पत्र का िनस्तारण अिवलम्ब िबना िकसी पक्षकार को अनावश्यक स्थगन देते हुए िविधनुसार करना सुिनिश्चत करें। October 13, 2025 Himanshu Versus Counsel for Petitioner(s) : Sarvesh Kumar Shukla, Harsh Mohan, Ramendra Shekhar Counsel for Respondent(s) : (Subhash Vidyarthi,J.) Ghanshyam And Another .....Petitioner(s) Civil Judge (Senior Division ) Hardoi And 2 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench