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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33739 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 91/2025, अन्तगर्त धारा 65(1) भारतीय न्याय संिहता एवं 3/4 पाक्सो एक्ट, थाना महेवाघाट, िजला कौशांबी में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयराम पाण्डेय को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। किथत पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में आवेदक पर किथत अपराध कािरत िकये जाने से इंकार िकया गया गया, इसके उपरांत किथत पीिड़ता ्षारा अपने धारा 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता का बयान अपने पिरजनों के दबाव व दुराशय के तहत आवेदक के साथ किथत अपराध कािरत िकये जाने का कथन िकया गया। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक किथत पीिड़ता के धारा 180 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता व धारा 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में परस्पर िवरोधाभाष है। किथत पीिड़ता बािलग है तथा उसका आवेदक के साथ बस दोस्ती थी। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण आख्या अनुसार अिभयोजन कथानक का समथर्न भी नहीं हो रहा है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 18.06.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Manvendra Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Rajesh Singh Kunal .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
4.
पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक पीिड़ता, किथत घटना के समय अवस्यक थी तथा अिभयु्व ्षारा पीिड़ता के साथ ्ऺवेशन लैंिगक हमला कािरत िकया गया। इसकी पिरपुि्ि किथत पीिड़ता के धारा 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान से स्प्ि रूप से हो रही है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है और इस संभावना से इंकार नहीं िकया जा सकता है िक जमानत पर िरहा होने के प्ाात् अिभयु्व गवाहों को डरा-धमका सकता है और साष्य से छेड़छाड़ कर सकता है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, किथत पीिड़ता के धारा 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान से स्प्ि रूप से हो रही है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 13, 2025 CP.sahani BAIL No. 33739 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad