SMT. LALITA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. FOOD AND CIVIL SUPPLIES AND ANOTHER
WRIC/9277/2025 · 2025-10-08
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 199818 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 9277 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ्शी सतीष कु मार शमार् तथा िव्षान स्थायी अिधव्वा ्शी सुनील कु मार खरे को सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अंतगर्त ्ऺस्तुत इस यािचका ्षारा यािचकाकतर् ने उपिजलािधकारी, मुसािफरखाना, अमेठी ्षारा पािरत आदेश िदनांिकत 10.09.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके ्षारा ्ऺािथनी का उिचत दर की दुकान का अनुबंध-प्ऴ िनरस्त कर िदया गया।
3. िव्षान स्थायी अिधव्वा ने यािचका की पोषणीयता के िवरु्ध ्ऺारंिभक आपि्त करते हुए कथन िकया िक याची को उ्तर ्ऺदेश आवश्यक वस्तु (िव्वय एवं िवतरण िनयं्ऴण का िविनयमन) 2016 आदेश के ्ऺस्तर 13 के अंतगर्त अपील ्ऺस्तुत करने का अवसर ्ऺाप्त है तथा इस कारण से िरट यािचका पोषणीय नहीं है।
4. उ्व आपि्त के उ्तर में यािचकाकतर् की िव्षान अिधव्वा ने तकर् िदया िक ्ऺश्नगत आदेश िबना यािचकाकतर् को सुनवाई का अवसर िदये हुए, ्ऺाकृ ितक न्याय के िस्धान्तों के उल्लंघन में पािरत िकया गया है तथा ऐसी िस्थित में वैधािनक उपचार की उपलब्धता िरट यािचका की पोषणीयता को ्ऺभािवत नहीं करेगी।
5. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ने इस न्यायालय की एक खण्डपीठ ्षारा हिरनाम बनाम उ०्ऺ० राज्य िरट-सी संख्या 2136 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांिकत 06.03.2025 का आ्शय िलया, िजसमें यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा के इस तकर् को स्वीकार िकया गया िक यािचकाकतर् को ्ऺश्नगत आदेश पािरत करने के पूवर् सुनवाई का अवसर नहीं िदया गया था तथा आलोच्य आदेश को िनरस्त करते हुए ्ऺकरण को सुनवाई का अवसर देते हुए पुनः िनस्तािरत करने के िनदरॏश के साथ ्ऺित्ऺेिषत िकया गया।
6. ्ऺस्तुत ्ऺकरण में यािचकाकतर् को सुनवाई का अवसर देते हुए िदनांक 04.08.2025 को प्ऴ Versus Counsel for Petitioner(s) : Satish Kumar Sharma Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Smt. Lalita .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Food And Civil Supplies And Another .....Respondent(s)
्ऺेिषत िकया गया था िजसके उ्तर में यािचकाकतर् ने िदनांक 08.08.2025 को अपना िवस्तृत िलिखत कथन ्ऺस्तुत िकया था। अतः ्ऺस्तुत ्ऺकरण ऐसा नहीं है िजसमें यािचकाकतर् को सुनवाई का अवसर न िदया गया हो तथा इस कारण से हिरनाम बनाम उ०्ऺ० राज्य िरट-सी संख्या 2136 सन 2025 के ्ऺकरण में िदया गया िनणर्य ्ऺस्तुत ्ऺकरण में लागू नहीं होता है।
7.
तद्नुसार, अन्य वैधािनक अनुतोष की उपलब्धता के कारण इस यािचका को स्वीकार करने का कोई औिचत्य नहीं पाया जाता है तद्नुसार, यािचका िनरस्त की जाती है।
8. यिद यािचकाकतर् उपरो्व ्ऺािवधान के अंतगर्त अपील ्ऺस्तुत करे तो उसे इस आदेश से ्ऺभािवत हुए िबना गुण-दोष के आधार पर िनस्तािरत िकया जाय। October 8, 2025 Ankit WRIC No. 9277 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench