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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 199558 (ALL)

SMT.SEEMA AGARWAL AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. FINANCE DEPTT. LKO AND 3 OTHERS

WRIC/9767/2025 · 2025-10-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 9767 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा ्शी रईस अहमद खान तथा राज्य सरकार की तरफ से उपिस्थत अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा ्शी संदीप ्शीवास्तव को सुना। 2. इस िरट यािचका ्षारा यािचकाकतार्गण ने अपर मुख्य न्याियक मिजस््िेट तृतीय, क्ष संख्या 27, लखनऊ ्षारा वाद संख्या 16121 वषर् 2025, शुभम हाउिसग डवलपमेंट फाइनेन्स कं पनी िलिमटेड बनाम सीमा अ्षवाल में पािरत आदेश िदनांक 14.05.2025 की वैधता को चुनौती दी गई है। िजसके ्षारा धारा 14 िव्तीय पिरसंपि्तयों का ्ऺितभूितकरण और पुनिनमार्ण तथा ्ऺितभूित िहत ्ऺवतर्न अिधिनयम के अंतगर्त ्ऺितभूत संपि्त का कब्जा लेने का आदेश िदया गया है। 3. िव्षान अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा ने कहा िक यािचका में कहे गए कथनों से ही स्प्ि है िक संपि्त का भौितक कब्जा िलया जा चुका है तथा यािचकाकतार् ने कब्जा वापस िदलाए जाने की ्ऺाथर्ना की है। यािचकाकतार् ने अिधिनयम की धारा 17 के अंतगर्त ऋण वसूली न्यायािधकरण के सम्ष एक ्ऺकरण संिस्थत कर रखा है ऐसी िस्थित में अन्य वैधािनक उपचार होने के कारण िरट यािचका पोषणीय नहीं है। 4. जबिक, िरट यािचकाकतार्गण को न िसफर् अन्य वैधािनक उपचार उपलब्ध हैं, िकतु यािचकाकतार्गण उ्व उपचार ्ऺाप्त भी कर रहे हैं। ऋण वसूली न्यायािधकरण के सम्ष यािचकाकतार्गण ्षारा ्ऺस्तुत ्ऺितभूित ्ऺाथर्ना-प्ऴ लंिबत है, इस िरट यािचका में हस्त्षेप िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है। 5. तदनुसार, यािचका िनरस्त की जाती है। October 15, 2025 Sumit Versus Counsel for Petitioner(s) : Rayees Ahmad Khan, Sateesh Kumar Counsel for Respondent(s) : C.S.C. (Subhash Vidyarthi,J.) Smt.Seema Agarwal And 2 Others .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Finance Deptt. Lko And 3 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench