DEEPENDRA SINGH @ SONU v. STATE OF U.P. and ANOTHER
A482/3358/2021 · 2025-12-10
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 198298 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 198298 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 3358 of 2021 Court No. - 29 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक दीपेन््श िसह उफर् सोनू की ओर से धारा 482 दं०्ऺ०सं० के अन्तगर्त यह आवेदन प्ऴ, मु०अ०सं० 1029/2019 अन्तगर्त धारा 498ए/ 323/ 504 भा०दं०िव० एवं 3/4 दहेज ्ऺितषेध अिधिनयम, थाना नानपारा, िजला बहराइच में ्ऺेिषत आरोप प्ऴ िद० 21/07/2020 से उ्यूत आपरािधक वाद सं० 11762 सन 2020 में मुख्य न्याियक मिजस््िेट, बहराइच, ्षारा पािरत ्ऺसं्ञान/तलबी आदेश िद० 29.10.2020 के िवरु्ध दायर िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल को ्शवणोपरान्त, प्ऴावली के पिरशीलन से न्यायालय ने पाया िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् में लगाए गए आरोप एक सं्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं और वह आरोप, की गयी िववेचना के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय ्षारा धारा 482 दं०्ऺ०सं० के तहत अपनी शि्व का ्ऺयोग करते हुए, जॉच के दौरान एक्ऴ की गयी साम्षी के आरोपों की शु्धता और िव्षसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदक/अिभयु्व के िववािदत बचाव पर िवचार नहीं िकया जा सकता है। तद्नुसार आरोप प्ऴ या उपरो्व वाद की कायर्वाही को र्द करने की ्ऺाथर्ना और पिरणामी कायर्वाही अस्वीकृ त की जाती है।
4. इस स्तर पर, आवेदक के िव्षान अिधव्वा का अनुरोध है िक आवेदक को अभी तक Versus Counsel for Applicant(s) : Gyan Singh Chauhan, Babita Verma, Pradeep Kumar Kovid, Rashmi Rajvanshi, Rushida Farheen, Sandhya Guha, Satya Prakash Verma, Sushil Kumar Sharma Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Deependra Singh @ Sonu .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
उपरो्व मामले में िगरफ् तार नहीं िकया गया है और पुिलस आवेदक को िगरफ् तार करने के ्ऺयास में है, और संबंिधत अवर न्यायालय ्षारा आवेदक के िखलाफ दण्डात्मक ्ऺि्वया जारी की जा सकती है, इसिलए आवेदक के जमानत आवेदन प्ऴ पर िवचार करने के िलए संबंिधत अवर न्यायालय को िनदरॏश जारी कर िदया जाय।
5. माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा Satendra Kumar Antil Vs.
Central Bureau of Investigation and another (Apecial Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के ्ऺकरण को आदेश िद० 7-10-2021 ्षारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदरॏश देते हुए िनस्तािरत िकया जा चुका है, इसके प्ाात् अब संबंिधत अवर न्यायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंि्ऴत करने वाले वैधािनक ्ऺािवधानों को ्ऺभािवत िकए िबना, इस न्यायालय ्षारा कोई िविश्ि िनदरॏश जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंिक यह अपे्षा की जाती है िक संबंिधत िवचारण न्यायालय आवेदक के जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ को िनस्तािरत करते समय माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा पहले से जारी आवश्यक िदशा-िनदरॏशों को ध्यान में रखेगा।
6. उपरो्व िटप्पिणयों के साथ, यह आवेदन प्ऴ अिन्तम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। December 10, 2025 S.Mishra A482 No. 3358 of 2021 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench