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2025:CGHC:36741 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिर्णया सरति ति क-10/07/2025 तिर्णया उद्घो*ति+ ति क-29/07/2025 ण्डि./क अपु ल क्रमां क
-1039
/2024
1. मां प्रस सहू5 तिपु-6रमां सहू5, उम्र-लगभग 35 वे+, तिवेस -भवेतिया टो*ल, तिजुर , पुलिलस था-अपुपुर, लिजुल-अपुपुर, मांध्या प्रश । -----अपु लथा@ तिवेरूद्घो छत्ती सगढ़ शस, द्वार लिजुल./लिCकर क*र, लिजुल-क*र, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवे अपु लथा@ द्वार : श्री ऋति+ रहूGल स* , अलिCवेक्ता । रज्या/उत्तीरवे द्वार : सश्री तिप्रया शमां, पुJल अलिCवेक्ता । मां या न्यायामां6ति श्री स जुया क मांर जुयासवेल
, न्यायाC श
!! स .ए.वे . तिर्णया !! 1. ./ प्रतिक्रया स तिहू, 1973 कN Cर-374 (2) क हू प्रस् इस ण्डि./क अपु ल मांS तिवेचरर्ण न्यायालया-अपुर सत्र न्यायाC श, एफ.टो .स . ( POCSO), कटोघो*र, लिजुल- क*र, छत्ती सगढ़ द्वार तिवेश+ प्रकरर्ण क्रमां क-13/2020 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घो मां POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.29 11:03:08 +0530
2 / 10 {Cr. A. No.-1039 of 2024} प्रस सहू5” मांS पुरिर तिर्णया ति क-07/03/2024 क* चZ
गई हूJ । लिजुसक हू अपु लथा@ क* तिम्सर *+लिसद्ध कर ण्डि./ तिकया गया हूJ । लिजुस आग स पु मांS
“प्रश्C तिर्णया” स स *लिC तिकया जु रहू हूJ`- *+लिसतिद्ध ./श Cर-366 भर या ./ स तिहू, 1860 01 वे+ क सश्रीमां करवेस एवे 1,000/- रूपुया क अथा./ था अथा./ रतिश अ कर कN श मांS 02 मांहू क अतिरिरक्ता सश्रीमां करवेस कN सजु स ण्डि./ तिकया गया । Cर-376 (2)( )
n भर या ./ स तिहू, 1860 10 वे+ क कठो*र करवेस एवे 1,000/- रूपुया क अथा./ था अथा./ रतिश अ कर कN श मांS 02 मांहू क अतिरिरक्ता सश्रीमां करवेस कN सजु स ण्डि./ तिकया गया । Cर-506 (भग-*) भर या ./ स तिहू, 1860 01 वे+ क सश्रीमां करवेस एवे 500/- रूपुया क अथा./ था अथा./ रतिश अ कर कN श मांS 01 मांहू क अतिरिरक्ता सश्रीमां करवेस कN सजु स ण्डि./ तिकया गया । सभ मां6ल सजुए सथा-सथा चलSग ।
2. इस मांमांल मांS सहू-अतिभयाक्ता प्र पु सहू5 क फ़रर घो*ति+ हू* क करर्ण, उसक स C मां तिर्णया पुरिर हूe तिकया गया ।
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3.
अतिभया*जु मांमांल स पु मांS इस प्रकर हूJ तिक पु तिf (अ०स०-1), लिजुसकN उम्र घोटो क समांया 18 वे+ स कमां था , वेहू अपु फ6 फ क घोर अध्याया हू गई हूGई था । उसकN मांh (अ०स०-2) क* याहू जुकर प्रप्त हूGई तिक पु तिf तिवेद्यलया हूe जु हूJ । ति क- 30/12/2017 क* पु तिf क फ6 फ क मां द्वार याहू स6च गई तिक पु तिf ति क-25/12/2017 क* घोर स कहूe चल गई हूJ, लिजुसक क*ई पु हूe चल पु रहू हूJ । पुसजु वे रिरश्रj स पु6छछ क उपुर भ जु क*ई जुकर प्रप्त हूe हूGई, मांh क द्वार था-पुस, लिजुल-क*र, छत्ती सगढ़ मांS रिरपु*टो जु करई गई । पुश्च मांS ति क-27/02/2018 क* मांh (अ०स०-2) स्वेया पु तिf क* सथा लकर था-पुस पुहूG च , जुहू उसकN रमांग कN कयावेहू कर हूGए पु चमां Jयार तिकया गया । पु6छछ पुर याहू ज्ञा हूGआ तिक पु तिf अपु
क सथा lक स पुJस तिकल हू पुस गई था , पुर पुJस हूe तिकल सकN । उस समांया अपु लथा@ मां प्रस सहू5 एवे उसक भ जु सहू-अतिभयाक्ता प्र पु सहू5 वेहूh पुहूGhच और क*टोमां क lक स पुJस तिकल क हू पु तिf क* मां*टोरसयाकल मांS Jठोकर पु./n रलवे स्टोश ल गया । वेहूh स अपु लथा@ मां सहू5, पु तिf क* टोn मांS Jठोकर अ ग*ल, आ ध्रप्रश ल गया और तिफर ग्रामां पुद्दा रड्डी पुल्ली ल जुकर तिकरए क मांक मांS रखा । वेहूh उस तिवेवेहू क प्रल*भ हूGए पु तिf क सथा लगर शर रिरक स C ए और उसक Jतिहूक श*+र्ण कर रहू । एक ति पु तिf अपु लथा@ क मां*इल स अपु मांZस (अ०स०-3) क* स6च , लिजुसक वेहू पुद्दा रड्डी पुल्ली पुहूGhच और पु तिf क* वेहूh स ल आया, तिफर पु तिf अपु मांमां क सथा रहू लग । तिक पु` मांहू अगस् 2018 मांS जु पु तिf भlस चर रहू था , अपु लथा@ उस CमांकN कर पु` अपु सथा पुद्दा रड्डी पुल्ली , आ ध्रप्रश ल गया और श क झाँhस कर शर रिरक स C रहू । ति क 29.07.2019 क* पुलिलस
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A. No.-1039 of 2024} द्वार पुद्दा रड्डी पुल्ली पुहूGhचकर पु तिf क* वेपुस लया गया । पुश्च मांS पु तिf क तिचतिकत्सकNया पुर र्ण करया गया, जुब् स पुलित्तीयाj क* रसयातिक पुर र्ण हू भजु गया, सतियाj क कथा लिलए गए, घोटोस्थाल क क्श Jयार तिकया गया था अन्या आवेश्याक तिवेवेच पु6र्ण कर अतिभया*ग पुत्र न्यायालया मांS प्रस् तिकया गया ।
4. अतिभया*जु कN ओर स अपु पु समांथा मांS 14 सतियाj क पुर र्ण था 20 स्वेजु प्रश तिचन्हू तिक करवेया गया । Cर-313 ./ प्रतिक्रया स तिहू क हू या मांS अपु लथा@ अपु तिवेपुर सतियाj क कथाj क* इकर कर हूGए कहू हूJ तिक वेहू तिz+ हूJ और उस झाँ6ठो फ सया गया हूJ । उसकN ओर स चवे मांS तिकस स क पुर र्ण हूe करवेया गया । उभयापु क स जुकर तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार अपु लथा@ क* इस तिर्णया कN कण्डि./क-1 क असर *+लिसद्ध कर ण्डि./ तिकया गया हूJ । लिजुस इस अपु ल मांS चZ
गई हूJ ।
5. “प्रश्C तिर्णया” कN कण्डि./क-13 मांS तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार सक्ष्या कN समां कर हूGए याहू तिष्कति+ तिकया गया हूJ तिक अतिभया*जु याहू प्रमांतिर्ण कर मांS असफल रहू हूJ तिक घोटो क समांया पु तिf कN उम्र 18 वे+ स कमां था ; इसलिलए अपु लथा@ क* भर या ./ स तिहू कN Cर-363 क अ ग आर*पु स *+मांक्ता तिकया गया हूJ ।
6. अपु लथा@ पु क तिवेद्वा अलिCवेक्ता क क हूJ तिक अतिभया*जु याहू प्रमांतिर्ण कर मांS असफल रहू हूJ तिक घोटो क समांया पु तिf कN उम्र-18 वे+ स कमां था । पु तिf एक वेयास्क मांतिहूल हू*कर सहूमां पुकर हूJ । स्वेया पु तिf अपु न्यायालया या मांS याहू हूe कहू हूJ तिक अपु लथा@ द्वार उस तिवेवेहू क प्रल*भ तिया गया था । इसक तिवेपुर , पु तिf लम् समांया क अपु स्वेच्छ स अपु लथा@ क सथा अन्या रज्या मांS क वेल
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A. No.-1039 of 2024} तिवेस कर रहू था , ण्डि~क स स्टोJ./, रलवे स्टोश आति सवेजुतिक स्थालj पुर भ उसक सथा घो6मां रहू हूJ, इस Zर उस कभ कहूe क*ई तिशकया हूe कN । पु तिf * र अपु लथा@ क सथा आ ध्रप्रश गई और क छ मांहू क वेहूe रहू । प्रथामां घोटो ति क- 25/12/2017 स ई गई हूJ, जुतिक 6सर घोटो अगस् 2018 स ई गई हूJ । इ *j घोटोओ क मांध्या लम् अ रल हूJ । इस मांध्या पु तिf कN मांh क द्वार गमांशग
रिरपु*टो जु करई गई था था उस आ ध्रप्रश स वेपुस भ घोर लया गया था, तिक वेहू पु` स्वेच्छ स अपु लथा@ क सथा चल गई था । पु तिf क अपु लथा@ क सथा जु कN जुकर उसकN क* भ था । इस प्रकर स पु6र्ण मांमांल सहूमांति क रहू हूJ । तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार सक्ष्या कN उतिच रूपु स समां कर हूGए अपु लथा@ क* त्रतिटोपु6वेक *+लिसद्ध कर ण्डि./ तिकया गया हूJ । अपु लथा@ कN *+लिसतिद्ध स हू स पुर स्पुष्ट, पुयाप्त और तिवेश्वेस या सक्ष्या पुर आCरिर हूe हूJ । “प्रश्C तिर्णया” ण्डिस्थार रखा जु या*ग्या हूe हूJ । अ` अपु ल स्वे कर कर उस *+मांक्ता तिकया जुए । तिवेद्वा अलिCवेक्ता द्वार अपु क क समांथा मांS तिम्सर न्यायादृष्ट j क हूवेल तिया गया हूJ`- .i Nirmal Premkumar and Another v. State Rep. By inspector of Police, 2024 SCC OnLine SC 260. ii. Rajak Mohammad v. State of Himachal Pradesh, (2018) 9 SCC 248. iii. Radhu v. State of Madhya Pradesh, (2007) 12 SCC 57. iv. State of Haryana v. Gurdial Singh and Another, (1974) 4 SCC 494. v. Thanda Ram Sidar v. State of Chhattisgarh, CRA No.-595 of 2024 decided on 22.07.2024
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7. उत्तीरवे /शस पु कN ओर स उपुण्डिस्था तिवेद्वा अलिCवेक्ता इस अपु ल क तिवेर*C कर हूGए क तिकया हूJ तिक अतिभया*जु सतियाj पु6र्ण रूपु स अतिभया*जु मांमांल क समांथा तिकया हूJ लिजुपुर अतिवेश्वेस तिकया जु क क*ई करर्ण हूe हूJ । तिवेचरर्ण न्यायालया क “प्रश्C तिर्णया” सक्ष्या कN उतिच समां पुर आCरिर हूJ । अतिभया*जु अपु लथा@ क तिवेरूद्घो अपु मांमांल स हू स पुर प्रमांतिर्ण तिकया हूJ । अपु लथा@ पु द्वार अपु ल मांS उठोया गया क स्वे कर या*ग्या हूe हूJ । अ` अपु ल खारिरजु तिकया जुया ।
8.
उभयापु क क श्रीवेर्ण तिकया गया और अतिभलखा क स6क्ष्मांपु6वेक पुरिरश ल तिकया गया ।
9. अतिभया*जु कN ओर स प्रस् स पु6र्ण सक्ष्या था तिवेचरर्ण न्यायालया क तिष्क+ स याहू ण्डिस्थाति स्पुष्ट हू* हूJ तिक अतिभया*जु याहू प्रमांतिर्ण कर मांS असफल रहू हूJ तिक घोटो क समांया पु तिf कN उम्र 18 वे+ स कमां था । इस अवेस्था मांS मां6ल रूपु स याहू खा जु हूJ तिक क्या पु तिf एक सहूमां पु रहू हूJ? 10. स्वेया पु तिf (अ०स०-1) अपु न्यायालया या मांS कहू हूJ तिक अपु लथा@ उस क*टोमां क lक चल और पुJस तिकल क झाँ स कर मां*टोरसयाकल मांS लकर गया था । रस् मांS सहू-अतिभयाक्ता प्र पु सहू5 भ तिमांल, लिजुसक पुश्च j उस तिजुर क*टोमां रलवे स्टोश ल गया, जुहू स अपु लथा@ जु स मांर कN CमांकN कर पु तिf क* टोn मांS Jठोकर आ ध्रप्रश क अ ग*ल ल गया । सहू-अतिभयाक्ता प्र पु वेहूe रूक गया था । इसक उपुर अपु लथा@ पु तिf क* अ ग*ल स मांमां6ल ग वे, था वेहू स ऑटो* मांS पुरपुल्ली ल गया, जुहू एक तिकरया क मांक मांS उस रखा था । वेहू पु तिf क सथा शर रिरक स C रहू और तिवेर*C कर पुर उस जु स मांर कN CमांकN था । एक ति पु तिf अवेसर पुकर अपु लथा@ क मां*ईल स अपु मांZस क* फ* कर घोटो कN जुकर
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, लिजुसक पुश्च उसक मांZस वेहू पुहूG च और उस वेपुस ग वे ल आया । त्पुश्च पुलिलस वेल आया और पु तिf कN रमांग कर रमांग पु चमां प्रश पु -1 Jयार तिकया गया । इस प्रकर स, अपु लथा@ द्वार गई जु स मांर कN CमांकN क करर्ण पु तिf /र और वे स उसक सथा जु या हूJ ।
11. न्यायादृष्ट Santosh Prasad @ Santosh Kumar v. State of Bihar, (2020) 3 SCC 443 मांS मां या उच्चमां न्यायालया द्वार अवेCरिर तिकया गया हूJ तिक लत्कर क अपुरC मांS एकमांत्र पु तिf क कथा पुर भ *+लिसतिद्ध कN जु सक हूJ तिकन् याहू हू* चतिहूए जु पु तिf क या तिवेश्वेस पुJ करS था पु6र रहू स तिवेश्वेस या, ग और उत्क„ ष्ट गर्णवेत्ती क प्र हू* । लिजुसक स C मांS कण्डि./क-5.4.3, 5.5 एवे 6 मांS तिम्सर अवेCरिर तिकया गया हूJ:-
“5.4.3.
In Krishan Kumar Malik v. State of Haryana (2011) 7 SCC 130 it is observed and held by this Court that no doubt, it is true that to hold an accused guilty for commission of an offence of rape, the solitary evidence of the prosecutrix is sufficient provided the same inspires confidence and appears to be absolutely trustworthy, unblemished and should be of sterling quality. 5.5 With the aforesaid decisions in mind, it is required to be considered, whether is it safe to convict the accused solely on the solitary evidence of the prosecutrix? Whether the evidence of the prosecutrix inspires confidence and appears to be absolutely trustworthy, unblemished and is of sterling quality?”
6. Having gone through and considered the deposition of the prosecutrix, we find that there are material contradictions. Not only there are material contradictions, but even the manner in which the alleged incident has taken place as per the version of the prosecutrix is not believable. In the examination- in-chief, the prosecutrix has stated that after jumping the fallen compound wall accused came inside and
8 / 10 {Cr. A. No.-1039 of 2024} thereafter the accused committed rape. She has stated that she identified the accused from the light of the mobile. However, no mobile is recovered. Even nothing is on record that there was a broken compound wall. She has further stated that in the morning at 10 O’clock she went to the police station and gave oral complaint. However, according to the investigating officer a written complaint was given. It is also required to be noted that even the FIR is registered at 4:00 p.m. In her deposition, the prosecutrix has referred to the name of Shanti Devi, PW1 and others. However, Shanti Devi has not supported the case of the prosecution. Therefore, when we tested the version of PW5-prosecutrix, it is unfortunate that the said witness has failed to pass any of the tests of “sterling witness”. There is a variation in her version about giving the complaint. There is a delay in the FIR. The medical report does not support the case of the prosecution. FSL report also does not support the case of the prosecution. As admitted, there was an enmity/dispute between both the parties with respect to land. The manner in which the occurrence is stated to have occurred is not believable.
Therefore, in the facts and circumstances of the case, we find that the solitary version of the prosecutrix-PW5 cannot be taken as a gospel truth at face value and in the absence of any other supporting evidence, there is no scope to sustain the conviction and sentence imposed on the appellant and accused is to be given the benefit of doubt.”
12. उपुर*क्ता न्यायादृष्ट क प्रकश मांS तिवेचरC मांमांल मांS, पु तिf क न्यायालया या क स6क्ष्मांपु6वेक तिवेवेच कर स पु6वे, अन्या सतियाj क या क* खाS * इस स C मांS मांहून्द्र यावे (अ०स०-3) जु* पु तिf क मांZस हूJ, अपु या मांS याहू या हूJ तिक पु तिf फ* पुर स6च था और जु वेहू आ ध्रप्रश स वेपुस आ रहू था , रस् मांS उस अक ल तिमांल था । पु तिf क (अ०स०-4) कहू हूJ तिक जु ग्रामां-पुरपुल्ली मांS पु तिf क* ढूं6 ढूं गए, वेहू एक मांक मांS तिमांल था , तिक अपु लथा@ वेहू स भग गया था ।
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A. No.-1039 of 2024}
13. स्वेया पु तिf (अ०स०-1) अपु पुर र्ण मांS याहू स्वे कर तिकया हूJ तिक अपु लथा@ पु6वे मांS उसकN क मांक मांS * वे+z क तिकरयार रहू था । उस याहू भ कहू हूJ तिक अपु लथा@ क सथा ग्रामां-पुरपुल्ली क पुहूG च मांS उन्हूS 2 स 3 ति लग था, इस Zर वे स और टोn *j स यात्र तिकए था । अपु लथा@ उस चया तिपुल था, था वेहू टोn मांS शZचलया जु था । टोn मांS सहू-यातित्रयाj स उसकN च भ हू* था , तिक उस अपु लथा@ कN CमांकN और भया क करर्ण तिकस क* भ घोटो क र मांS जुकर हूe
था । पु तिf याहू भ कहू हूJ तिक आ ध्रप्रश कN भ+ उस समांझाँ मांS हूe आ था और वेहू ग्रामां पुरपुल्ली मांS लगभग 01 वे+ क रहू , वेहू लिजुस मांक मांS वेहू ठोहूर था , उसक मांलिलक अपु पुत् -च्चj सतिहू गल क कमांर मांS तिवेस कर था । अपु लथा@ उस जुर लकर जु था था मांहू मांS एक र उस घो6मां क लिलए ल जु था । अपु लथा@ स्वेया जुर क समां ल था । इस रम्या पु तिf द्वार कभ कहूe क*ई तिशकया हूe कN गई ।
14. पु तिf कN द्वार इस स C मांS कहूe क*ई तिशकया हूe कN गई तिक पु तिf उसक सथा lक गई था और lक स लपु हू* गई । लिजुस प्रकर स मांमांल मांS, पु तिf लम् समांया क अपु लथा@ क सथा अन्या रज्या आ ध्रप्रश क ग्रामां-पुरपुल्ली मांS तिकरया क मांक मांS तिवेसर रहू , वेहू सवेजुतिक स्थाj पुर अपु लथा@ क सथा आ -जु रहू , तिक उस तिकस स क*ई तिशकया हूe कN । उक्ता घोटोक्रमां * र घोतिटो हूGआ, और *j घोटोक्रमां क मांध्या मांS पु तिf कN मांh द्वार रिरपु*टो जु करई गई, लिजुसक आCर पुर पु तिf कN * र रमांग हूGई हूJ । इ समांस् थ्याj क* दृतिष्टग रखा हूGए, पु तिf क याहू कथा, तिक अपु लथा@ उस जु स मांर कN CमांकN कर जुर आ ध्रप्रश ल जुकर उसकN सहूमांति क तिवेरुद्ध शर रिरक स C या वेहू स हूस्पु और अतिवेश्वेस या
10 / 10 {Cr.
A. No.-1039 of 2024} प्रकटो हू* हूJ । इस पुरिरप्रक्ष्या मांS अपु लथा@ पु क याहू क तिक पु तिf एक सहूमां पुकर रहू हूJ, वेहू जुर-अ ज़ हूe तिकया जु सक । सथा हू , अतिभया*जु इस थ्या क* प्रमांतिर्ण कर मांS भ असफल रहू हूJ तिक घोटो क समांया पु तिf कN आया 18 वे+ स कमां था । ऐस ण्डिस्थाति मांS, पु तिf क कथा क* स हू स पुर तिवेश्वेस या हूe पुया जु । अपु लथा@ क तिवेरूद्घो अतिभया*जु अपु मांमांल स हू स पुर प्रमांतिर्ण कर मांS असफल रहू हूJ । इसलिलए अपु लथा@ कN *+लिसतिद्ध और ./श ण्डिस्थार रखा जु या*ग्या हूe पुया जु ।
15. अ` अपु ल स्वे कर कN जु हूJ । “प्रश्C *+लिसतिद्ध वे ./श” अपुस् तिकया जु हूJ था अपु लथा@ क* स हू क लभ हूGए *+मांक्ता तिकया जु हूJ ।
16. अपु लथा@ क* जुल मांS तिरूद्घो या गया हूJ । याति उसकN अन्या मांमांल मांS आवेश्याक हू* * उस त्कल रिरहू तिकया जुए ।
17. तिर्णया कN प्रति क सथा तिवेचरर्ण न्यायालया क* मां6ल अतिभलखा था तिर्णया कN सत्याप्रतिलिलतिपु स लिC जुल अC क क* आवेश्याक कयावेहू हू स6चथा एवे पुलथा श घ्रपु6वेक प्रति+ हू* । सहू /- (स जुया क मांर जुयासवेल) न्यायाC श पु*मां