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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 198228 (ALL)

SMT. ANITA SRIVASTAVA AND ANOTHER v. MOTOR ACCIDENT CLAIMS TRIBUNAL UNNAO AND 6 OTHERS

A227/6606/2025 · 2025-11-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6606 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार्गण के िव्षान अिधव्वा सु्शी स्वाित िबसािरया को सुना व प्ऴावली का अवलोकन िकया। 2. इस यािचका ्षारा यािचकाकतार्गण ने मोटर दुघर्टना दावा न्यायािधकरण उन्नाव में मोटर दुघर्टना दावा यािचका संख्या 4 वषर् 2022 के शी्स िनस्तारण का िनदरॏश देने का अनुरोध िकया है। 3. यािचकाकतार्गण की िव्षान अिधव्वा ने मौिखक अनुरोध िकया िक उन्होंने ्ऴुिटवश न्यायािधकरण को यािचका में िवप्षी बना िदया है तथा न्यायािधकरण का नाम िवप्षीगण से हटाने तथा अन्य अनुवतर् संशोधन करने की अनुमित मांगी, जो ्ऺदान की जाती है। यािचकाकतार्गण की िव्षान अिधव्वा आवश्यक संशोधन तुरंत समावेिशत करें। 4. उपरो्व यािचका िदनांक 04.01.2022 को ्ऺस्तुत की गई थी तथा िवप्षीगण को नोिटस िनगर्त की गई। िदनांक 16.02.2022 के आदेश से न्यायािधकरण ने समस्त िवप्षीगण को नोिटस की ्ऺािप्त होने का संतोष अंिकत िकया, िकतु िवप्षी संख्या 2,3 तथा 4 मा्ऴ ने ्ऺितवाद प्ऴ ्ऺस्तुत िकया तथा ्ऺितवादी संख्या 1 ने कोई ्ऺितवाद प्ऴ ्ऺस्तुत नहीं िकया तथा इसके उपरांत िदनांक 20.01.2023 को न्यायािधकरण ने िवप्षी संख्या 1 को पुनः नोिटस िनगर्त करने का आदेश पािरत कर िदया। इसके उपरांत अनेक ितिथयों पर यह आदेश पािरत हुआ है िक यािचकाकतार्गण ने उ्व आदेश के अनु्वम में आवश्यक पैरवी नहीं की है। अंततः िदनांक 14.06.2024 को न्यायािधकरण ने िवप्षी संख्या 1 के उ्तरािधकािरयों को प्षकार बनाए जाने का आदेश िदया है जो यािचकाकतार् ्षारा ्ऺत्य्षता अब तक नहीं िकया गया है। 5. ऐसी पिरिस्थित में इस स्तर पर इस यािचका के माध्यम से न्यायािधकरण को ्ऺकरण के Versus Counsel for Petitioner(s) : Azam Shafeequi, Shishir Mohan, Swati Bisaria Counsel for Respondent(s) : Smt. Anita Srivastava And Another .....Petitioner(s) Motor Accident Claims Tribunal Unnao And 6 Others .....Respondent(s) शी्स िनस्तारण का िनदरॏश देने का कोई आधार नहीं है। 6. तदनुसार, यह यािचका इस िटप्पणी के साथ िनस्तािरत की जाती है िक यािचकाकतार्गण न्यायािधकरण के सम्ष िवप्षी संख्या 1 के उ्तरािधकािरयों को ्ऺितस्थािपत करेंगे तथा ्ऺकरण को सुनवाई हेतु पिरपक्व करने के संबंध में पहले स्वयं आवश्यक कायर्वाही सुिनि्ात करेंगे तथा उसके उपरांत शी्स िनस्तारण हेतु न्यायािधकरण के सम्ष ही ्ऺाथर्ना-प्ऴ ्ऺस्तुत करेंगे िजस पर न्यायािधकरण उिचत आदेश पािरत करेगा। November 15, 2025 Sumit A227 No. 6606 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench