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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 197827 (ALL)

ASHOK v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/9317/2025 · 2025-10-06

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9317 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. ्ऺाथर् के िव्षान अिधव्वा ्शी वरुण चन््शा, िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी सत्येन््श ्शीवास्तव तथा िशकायतकतार् के िव्षान अिधव्वा ्शी सुशील कु मार िम्शा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के अंतगर्त ्ऺस्तुत इस ्ऺाथर्ना-प्ऴ ्षारा ्ऺाथर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0159 सन 2025 अन्तगर्त धारा 318(2), 338, 336(2), 340(2) बी०एन०एस० थाना िबजनौर िजला लखनऊ में जमानत की ्ऺाथर्ना की है। 3. िदनांक 20.05.2025 को ्ऺाथर्, उसके िपता एवं भाई के िवरु्ध िलखाई गई ्ऺथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक अिभयु्वगण ने एक कू टरिचत दस्तावेज के सहारे तहसीलदार के सम्ष एक वाद िदसंबर 2024 में ्ऺस्तुत िकया। िशकायतकतार् ने अपनी आपि्त ्ऺस्तुत की िजसके उपरान्त वाद िनरस्त कर िदया गया िकन्तु ्ऺाथर् ने पुनः उसके उपरान्त एक पुनस्थार्पना ्ऺाथर्ना-प्ऴ ्ऺस्तुत कर िदया, जो तहसीलदार के सम्ष िवचाराधीन था। ्ऺथम सूचना िरपोटर् में यह भी कहा गया है िक किथत िव्वय-प्ऴ का संबंध गाटा संख्या 1198 से कदािप नहीं है तथा उसमें ्वे ता एवं िव्वे ता िभन्न ्िि्व हैं एवं ्ऺाथर् ्षारा ्ऺस्तुत िव्वय-प्ऴ फजर् है। 4. ्ऺाथर्ना-प्ऴ के साथ ्ऺस्तुत शपथ-प्ऴ में दो आपरािधक ्ऺकरणों में ्ऺाथर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है तथा एक पूरक शपथ-प्ऴ के माध्यम से एक अन्य ्ऺकरण में ्ऺाथर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजन सभी में उसको जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है। 5. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने ्ऺाथर्ना-प्ऴ का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुि्ि हुई तथा आरोप-प्ऴ िदनांक 24.06.2025 को ्ऺस्तुत िकया जा चुका है। 6. िशकायतकतार् के िव्षान अिधव्वा ने ्ऺाथर्ना-प्ऴ का घोर िवरोध िकया तथा उन्होंने कहा िक यिद ्ऺाथर् अपने कृ त्य में सफल हो जाता तो िशकायतकतार् के िहतों पर ्ऺितकू ल ्ऺभाव पड़ सकता था। उन्होंने यह भी कहा िक ्ऺाथर् का ्ऺाथर्ना-प्ऴ तहसीलदार के न्यायालय से िनरस्त हो चुका है। Versus Counsel for Applicant(s) : Varun Chandra, Awdhesh Kumar Kumar Singh Suryavanshi, Vivek Verma Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Sushil Kumar Misra Ashok .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) 7. उपरो्व तथ्यों को दृि्िगत रखते हुए, जबिक किथत िव्वय-प्ऴ के आधार पर नामान्तरण की कायर्वाही िनरस्त हो चुकी है; िशकायतकतार् के िहतों पर कोई ्ऺितकू ल ्ऺभाव नहीं पड़ा है; ्ऺाथर् िदनांक 12.06.2025 से न्याियक अिभर्षा में है; िववेचना पूणर् हो चुकी है, न्यायालय का मत है िक ्ऺाथर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 8. तद्नुसार, जमानत ्ऺाथर्ना-प्ऴ स्वीकार िकया जाता है। 9. आवेदक को िनम्निलिखत शतॏल के अधीन संबंिधत मिजस््िेट / न्यायालय की संतुि्ि के अनुसार एक ्िि्वगत बंधप्ऴ और समान रािश की दो जमानतें ्ऺस्तुत करने पर उपरो्व मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन प्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ्िायल कोटर् ्षारा तय की गई ्ऺत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। October 6, 2025 Ankit BAIL No. 9317 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench