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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 197023 (ALL)

SHAILESH KUMAR SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. REVENUE DEPTT. LKO.AND 6 OTHERS

WPIL/978/2025 · 2025-10-09

Subhash Vidyarthi

Public Interest Litigationbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW PUBLIC INTEREST LITIGATION (PIL) No. - 978 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा ्शी रिव शंकर िम्शा, िव्षान अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा ्शी राहुल शुक्ला तथा गाँव सभा के िव्षान अिधव्वा ्शी पंकज गुप्ता को सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया। 2. इस जनिहत यािचका ्षारा यािचकाकतार्गण ने िवप्षीगण को ्षाम-खभोर, पोस्ट-ताला, परगना तथा तहसील-प्टी, जनपद-्ऺतापगढ़ में िस्थित भूिम गाटा संख्या 479, 362 तथा 363 से अवैध अित्वमण हटाए जाने का िनदरॏश देने का अनुरोध िकया है। 3. िजला मिजस््िेट ्ऺतापगढ़ ने एक ्ऺित शपथ प्ऴ ्ऺस्तुत िकया, िजसमें कहा गया है िक इस न्यायालय के आदेश िदनांक 19.09.2025 के अनुपालन में िजला मिजस््िेट ने एक जाँच करवाई, िजससे यह तथ्य ्ऺकाश में आया है िक िववािदत भूिम के संबंध में िसिवल जज सीिनयर (्ऺवर खंड) ्ऺतापगढ़ के न्यायालय में एक मूलवाद संख्या 4 सन् 2007 लिम्बत है तथा उसमें एक स्थगन आदेश भी ्ऺभावी है। 4. गाटा संख्या 361 के संबंध में नक्सा संशोधन का वाद राजस्व अिधकारी के न्यायालय में तथा िवभाजन का वाद उप िजलािधकारी प्टी के न्यायालय में लिम्बत है, िजन वादों में यथािस्थित बनाए रखने का आदेश पािरत िकया गया है। गाँववािसयों के िलए दो तीन वैकिल्पक रास्ते भी िव्यमान हैं तथा आवागमन बािधत नहीं है। दीवानी न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों में वाद लिम्बत होने एवं स्थगन आदेश ्ऺभावी होने के कारण ्ऺश्नगत रास्ते का िनमार्ण कराया जाना सम्भव नहीं होगा। 5. ऐसी िस्थित में ्ऺस्तुत जनिहत यािचका में कोई आदेश पािरत करने का कोई उिचत आधार नहीं है। 6. तदनुसार, जनिहत यािचका िनरस्त की जाती है। October 9, 2025 Himanshu Versus Counsel for Petitioner(s) : Ravi Shankar Mishra Counsel for Respondent(s) : C.S.C., Pankaj Gupta (Subhash Vidyarthi,J.) Shailesh Kumar Singh .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Revenue Deptt. Lko.And 6 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench