ANURUDDH TIWARI AND 6 OTHERS v. CIVIL JUDGE J.D. SADAR DISTT. PRATAPGARH AND ANOTHER
A227/6058/2025 · 2025-10-10
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 196661 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6058 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री रमा शंकर दुबे को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त प्रस्तुत इस यािचका द्वारा यािचकाकतार् ने िसिवल जज (अवर खण्ड), सदर, प्रतापगढ़ को मूल वाद संख्या 165 सन 2000 के शीघ्र िनस्तारण का िनदेर्श िदये जाने का अनुरोध िकया है।
3. यािचकाकतार् उपरोक्त मूल वाद में िवपक्षी है। न्यायालय के प्रश्न के उत्तर में यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक यािचकाकतार् के िवरुद्ध कोई अंतिरम िनषेधाज्ञा का आदेश प्रभावी नहीं है तथा अन्य ऐसा कोई भी आदेश पािरत नहीं िकया गया है िजससे यािचकाकतार् - प्रितवादी के िहतों पर िवपरीत प्रभाव पड़ रहा हो।
4. यािचका के साथ संलग्न मूल वाद के आदेश पत्र की प्रित के अवलोकन से यह प्रतीत होता है िक अनेक ितिथयों पर िवचारण न्यायालय में प्रितवादी स्वयं ही उपिस्थत नहीं हुआ है। वादी ने भी आयुक्त आख्या के संबंध में वांिछत पैरवी नहीं की है। ऐसी िस्थित में न तो यह प्रतीत हो रहा है िक वाद की कायर्वाही िवचारण न्यायालय के कारण िवलंिबत हो रही है और न ही यह प्रतीत होता है िक वाद के िवलंिबत होने से यािचकाकतार् के िहतों पर कोई प्रितकू ल प्रभाव पड़ रहा है। अतः, इस यािचका में हस्तक्षेप करने का कोई औिचत्य नहीं है।
5. तद्नुसार, यािचका िनरस्त की जाती है। October 10, 2025 Ankit Versus Counsel for Petitioner(s) : Rama Shankar Dubey Counsel for Respondent(s) :
(Subhash Vidyarthi,J.) Anuruddh Tiwari And 6 Others .....Petitioner(s) Civil Judge J.D. Sadar Distt. Pratapgarh And Another .....Respondent(s) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench