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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 196530 (ALL)

RAKESH KUMAR AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME AND ANOTHER

NABAIL/1360/2025 · 2025-10-06

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1360 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. ्ऺाथर्गण की िव्षान अिधव्वा कु मार मानसी गुप्ता तथा िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी मनीष िव्वम िसह चौहान को सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 438 दं०्ऺ०सं० ्षारा ्ऺस्तुत ्ऺाथर्ना-प्ऴ ्षारा ्ऺाथर्गण ने मुकदमा अपराध संख्या 683 सन 2024 अन्तगर्त धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120-B भा०दं०सं० एवं धारा 3/21(3) Banning of Unregulated Deposit Schemes Act, 2019, थाना देवा िजला बाराबंकी में अि्षम जमानत की ्ऺाथर्ना की है। 3. उपरो्व ्ऺकरण िदनांक 09.10.2024 को ्ऺाथर् संख्या 1 राके श कु मार तथा एक अन्य अिभयु्व सुरेश कु मार के िवरु्ध िलखाई गई ्ऺथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ िजसमें िशकायतकतार् ने कहा िक उसने 6 माह पूवर् पुिलस को एक ्ऺाथर्ना-प्ऴ िदया था िजसपर थाना ्ऺभारी ने ़्ांच मैनेजर सुरेश कु मार से मैनेजर गोिवन्द को खोजकर लाने एवं िशकायतकतार् का रुपया वापस िदलवाने की बात कही िकन्तु सुरेश कु मार ने िशकायतकतार् का रुपया वापस नहीं िदया। िशकायतकतार् ने कहा िक उसने एल०यू०सी०सी० में 3 हजार रुपये ्ऺितमाह करके रुपये 1,08,000/- जमा िकया था िकन्तु उसे पिरपक्वता पर कोई धनरािश नहीं िमली। 4. ्ऺाथर्ना-प्ऴ के साथ ्ऺस्तुत शपथ-प्ऴ में कहा गया िक ्ऺाथर्गण िनदरॏष हैं तथा उनको ्ऺकरण में मा्ऴ इसिलए आरोपी बनाया गया क्योंिक वह एल०यू०सी०सी० के अिभकतार् के रूप में कायर् करते थे। ्ऺाथर् संख्या 1 की एक अन्य आपरािधक ्ऺकरण में संिलप्तता दशार्यी गयी है िजसमें उसे अि्षम जमानत िमल चुकी है। ्ऺाथर् संख्या 2 की 6 अन्य आपरािधक ्ऺकरणों में संिलप्तता दशार्यी गयी है िजनमें से दो ्ऺकरणों में इस न्यायालय ्षारा उसके प्ष में अंतिरम आदेश पािरत हुए हैं। 5. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने ्ऺाथर्ना-प्ऴ का िवरोध करते हुए कहा िक ्ऺाथर्गण िववेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। 6. इस आपि्त के उ्तर में ्ऺाथर्गण की िव्षान अिधव्वा ने कहा कहा िक अि्षम जमानत िदये जाने पर ्ऺाथर्गण िववेचना में सहयोग करेंगे। Versus Counsel for Applicant(s) : Farooq Ayoob, Mansi Gupta Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Rakesh Kumar And Another .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home And Another .....Opposite Party(s) 7. उपरो्व तथ्यों को दृि्िगत रखते हुए, जबिक ्ऺथम सूचना िरपोटर् पुिलस को िशकायत देने के 6 महीने प्ाात तब िलखाई गई जब िशकायतकतार्गण की धनरािश पुिलस को दी गयी पूवर् िशकायत के ्वम में वापस नहीं हुई; धनरािश एल०यू०सी०सी० कं पनी में जमा की गयी थी तथा ्ऺाथर्गण उस कं पनी में िनदेशक या अन्य कोई ्ऺमुख पदधारक नहीं हैं एवं वह मा्ऴ कं पनी के अिभकतार् के रूप में कायर्रत थे तथा ्ऺाथर्गण ने िववेचना में सहयोग करने का आ्षासन िदया, न्यायालय का मत है िक ्ऺाथर्गण अि्षम जमानत पाने के अिधकारी हैं। 8. तद्नुसार अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना-प्ऴ स्वीकार िकया जाता है। 9. उपरो्व मुकदमा अपराध संख्या में आवेदकगण, ्ऺत्येक, की िगरफ्तारी/न्यायालय के सम्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुि्ि के अनुसार ्िि्वगत बंध प्ऴ एवं दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर परी्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतॏल के अधीन अि्षम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदकगण, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी ्षारा जॉच हेतु अपेि्षत समय पर उपिस्थत होंगे। ख- आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को ्ऺत्य्ष या परो्ष रूप से कोई धमकी, वादा या ्ऺलोभन नहीं देंगे िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के सम्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के सम्ष ्ऺकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदकगण अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेंगे; घ- आवेदकगण को ्ऺत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ्िायल कोटर् के सम्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक ्िि्वगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदकगण अिभयोजन प्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेंगे / धमकी नहीं देंगे। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतं्ऴता का दुरुपयोग नहीं करेंगे। October 6, 2025 Ankit NABAIL No. 1360 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench