WING COMMANDER MONICA MISHRA v. CIVIL JUDGE (SR. DIV.) LKO. AND 3 OTHERS
A227/6607/2025 · 2025-11-15
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 196439 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6607 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ्शी रजनीश कु मार िसह को सुना व प्ऴावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त ्ऺस्तुत इस यािचका ्षारा यािचकाकतर् ने कहा है िक िव्षान िसिवल जज (्ऺवर खण्ड) लखनऊ ्षारा मूल वाद संख्या 1489वषर् 2024 के शी्स िनस्तारण हेतु िनदरॏश देने का अनुरोध िकया है।
3. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ने कहा िक उन्होंने ्ऴुिटवश िवप्षी संख्या-1 िव्षान िसिवल जज (्ऺवर खण्ड) लखनऊ को यािचका में िवप्षी बना िदया है तथा उ्व िवप्षी का नाम यािचका से हटाने का मौिखक अनुरोध िकया है, िजसे स्वीकार िकया जाता है। यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा वांिछत संशोधन यािचका में तुरंत समावेिशत करें। कायार्लय को आदेश िदया जाता है िक वह इस न्यायालय के अिभलेखों/कं प्यूटर िसस्टम में भी वांिछत संशोधन करें।
4. उपरो्व वाद यािचकाकतर् ने िदनांक 14.05.2024 को तीन ्ऺितवादीगण के िवरु्ध ्ऺस्तुत िकया था तथा िवचारण न्यायालय ने ्ऺितवादीगण को नोिटस िनगर्त करने का आदेश िदया।
5. मा्ऴ ्ऺितवादी संख्या 2 िदनांक 03.01.2025 को िवचारण न्यायालय के सम्ष हुआ है तथा अन्य ्ऺितवादीगण पर समन की ्ऺािप्त के संबंध न तो िवचारण न्यायालय ने कोई संतोष अंिकत िकया है और न ही यािचका में ऐसा कोई कथन िकया गया है, ऐसी पिरिस्थित में इस स्तर पर वाद के शी्स िनस्तारण का िनदरॏश देने हेतु कोई आधार नहीं है।
6. यािचकाकतर् ने ्ऺितवादीगण पर समन तामील होने के उपरांत िवचारण न्यायालय के सम्ष ही उिचत ्ऺाथर्ना-प्ऴ ्ऺस्तुत करने के िलए स्वतं्ऴ होंगे।
7. तदनुसार, यािचका िनरस्त की जाती है। (Subhash Vidyarthi,J.) November 15, 2025 Sumit Versus Counsel for Petitioner(s) : Rajnish Kumar Singh, Shashank Vikram Shah, Sonal Bajpai Counsel for Respondent(s) :
Wing Commander Monica Mishra .....Petitioner(s) Civil Judge (Sr. Div.) Lko. And 3 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench