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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 195178 (ALL)

VIDYADEVI @ VIDYAWATI v. STATE OF U.P. THRU. SECY. DEPTT. OF PANCHAYAT RAJ LKO. AND 2 OTHERS

WRIC/9922/2025 · 2025-10-17

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 9922 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ्शी लष्मण िसह तथा राज्य सरकार िव्षान अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा ्शी राहुल शुक्ला को सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया। 2. िव्षान अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा ने कहा िक उनको ्ऺाप्त अनुदेशों के आधार पर वह यािचका में तकर् करेंगे। 3. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अंतगर्त ्ऺस्तुत इस यािचका ्षारा यािचकाकतर् ने िजला मिजस््िेट, सीतापुर ्षारा पािरत आदेश िदनांक 25.09.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके ्षारा यािचकाकतर् के िवरु्ध लगाये गये कितपय आरोपों की िवस्तृत जांच संिस्थत करते हुए ्ऺारंिभक जांच आख्या के आधार पर यािचकाकतर् के ्षाम ्ऺधान के रूप में ्ऺशासिनक एवं िव्तीय अिधकारों पर रोक लगा दी गयी है। 4. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ने तकर् िदया िक यािचकाकतर् की ्ऺारंिभक जांच आख्या के उपरान्त एक कारण बताओ नोिटस िदया गया था िजसके उ्तर में उसने अपना प्ष रखा था। य्यिप आलोच्य आदेश में यािचकाकतर् के उ्तर को किथत कर िदया गया है िकन्तु उसके उ्तर में उठाये गये िबन्दुओं पर कोई िटप्पणी िकये िबना उसके िवरु्ध ्ऺशासिनक एवं िव्तीय अिधकारों को रोकने का आदेश पािरत कर िदया है। 5. यािचकाकतर् के िव्षान अिधव्वा ने िववेकानन्द यादव बनाम उ०्ऺ० राज्य (2011) 1 इलाहाबाद लॉ जनर्ल 694 में इस न्यायालय की एक पूणर् पीठ ्षारा पािरत िनणर्य का आ्शय िलया िजसमें यह कहा गया है िक य्यिप ्षाम ्ऺधान को ्ऺारंिभक जांच में सुनवाई का कोई अिधकार नहीं है तथा उसे ्ऺारंिभक जांच आख्या की ्ऺित ्ऺाप्त करने का भी अिधकार नहीं है िकन्तु िव्तीय तथा ्ऺशासिनक शि्वयों को रोके जाने के पूवर् उसका प्ष भी सुना जाना चािहए तथा उस पर िवचार Versus Counsel for Petitioner(s) : Lakshmana Singh Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Vidyadevi @ Vidyawati .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Secy. Deptt. Of Panchayat Raj Lko. And 2 Others .....Respondent(s) िकया जाना चािहए। 6. ्ऺस्तुत ्ऺकरण में य्यिप यािचकाकतर् का प्ष ्ऺाप्त िकया गया है िकन्तु आलोच्य आदेश से यह ्ऺतीत होता है िक उस पर कोई िवचार नहीं िकया गया है तथा यािचकाकतर् के ्षारा उठाये गये िबन्दुओं को मुखिरत आदेश अस्वीकार नहीं िकया गया। 7. य्यिप िव्षान अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा ने यािचका का िवरोध िकया तथा उन्होंने कहा िक यािचकाकतर् के िवरु्ध लगाये गये आरोप गंभीर ्ऺकृ ित के हैं तथा आरोपों की ्ऺकृ ित एवं संकिलत साष्य को दृि्िगत रखते हुए यािचकाकतर् के अिधकारों पर रोक लगायी गयी है। िव्षान अपर मुख्य स्थायी अिधव्वा यािचकाककतर् के उपरो्व तकर् का िवरोध नहीं कर सके । 8. उपरो्व तथ्यों को दृि्िगत रखते हुए िजला मिजस््िेट, सीतापुर ्षारा पािरत आदेश िदनांक 25.09.2025 िविध में संधायर् नहीं है, तद्नुसार, यह यािचका स्वीकार की जाती है। 9. िजला मिजस््िेट, सीतापुर ्षारा पािरत आदेश िदनांक 25.09.2025, िजसके ्षारा यािचकाकतर् की ्षाम ्ऺधान के रूप में ्ऺशासिनक एवं िव्तीय अिधकारों पर रोक लगायी गयी, को िनरस्त िकया जाता है। ्ऺकरण िजला मिजस््िेट, सीतापुर को ्ऺित्ऺेिषत िकया जाता है तथा िजला मिजस््िेट यािचकाकतर् ्षारा कारण बताओ नोिटस के उ्तर में िदये गये िबन्दुओं को दृि्िगत रखते हुए तथा उनपर िवचार करते हुए एक मुखिरत आदेश पािरत करने के िलए स्वतं्ऴ होंगे। October 17, 2025 Ankit WRIC No. 9922 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench