Rakesh Kumar Shukla v. Muneshwar Prasad Maruya and 4 Others
A227/6511/2025 · 2025-11-14
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 194913 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6511 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा ्शी सतीश कु मार िम्शा सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त ्ऺस्तुत इस यािचका ्षारा यािचकाकतार् ने िसिवल जज (्ऺवर खण्ड), क्ष संख्या.- 20, बाराबंकी को वाद संख्या 1134 सन 2025 तथा उसमें लंिबत अंतिरम िनषेधा्ञा ्ऺाथर्ना-प्ऴ के शी्स िनस्तारण का िनदरॏश िदये जाने का अनुरोध िकया है।
3. उपरो्व वाद यािचकाकतार् ने आ्ञिप्त िनरस्तीकरण हेतु िदनांक 04.08.2025 को ्ऺस्तुत िकया। वाद में ्ऺितवादी ने उपिस्थत होकर िदनांक 25.09.2025 को आपि्त ्ऺस्तुत कर दी।
4. न्यायालय ्षारा ्ऺश्न पूछे जाने पर िक क्या वाद में ्ऺितवादी को समन ्ऺाप्त हो चुका है, यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा ने उ्तर िदया िक ्ऺितवादी िवचारण न्यायालय के सम्ष उपिस्थत होकर अपनी आपि्त ्ऺस्तुत कर चुका है।
5. िवचारण न्यायालय के आदेश प्ऴ की ्ऺित संलग्नक संख्या 8 के रूप में संलग्न है िजसमें अंितम आदेश िदनांक 17.09.2025 का है, िजसके ्षारा ्ऺितवादीगण को नोिटस िनगर्त की गयी तथा वादी को पैरवी करने का आदेश िदया गया। इसके उपरान्त िकसी ितिथ का आदेश यािचका के साथ संलग्न नहीं है, िजससे यह ्ऺतीत हो िक ्ऺितवादी को नोिटस ्ऺाप्त हो चुकी है।
6. यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा ने िजस आपि्त को ्ऺितवादी ्षारा ्ऺस्तुत करना कहा है िक वह आपि्त धारा 47 ्िवहार ्ऺि्वया संिहता के अंतगर्त ्ऺस्तुत ्ऺकीणर् वाद संख्या 06 सन 2025 में ्ऺस्तुत की गयी है।
7. इस ्ऺकार यािचकाकतार् के िव्षान अिधव्वा ने इस न्यायालय के सम्ष िमथ्या कथन िकया है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Satish Kumar Misra Counsel for Respondent(s) : Rakesh Kumar Shukla .....Petitioner(s) Muneshwar Prasad Maruya And 4 Others .....Respondent(s)
8. जबिक, प्ऴावली से यह ्ऺतीत नहीं हो रहा है िक ्ऺितवादीगण को वाद का समन / नोिटस ्ऺाप्त हो चुके हैं। इस िवचारण न्यायालय को अस्थायी िनषेधा्ञा ्ऺाथर्ना-प्ऴ अथवा वाद के शी्स िनस्तारण देने का कोई औिचत्य नहीं है।
9. तद्नुसार, यािचका िनरस्त की जाती है। November 14, 2025 Ankit A227 No. 6511 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench