SHRI PRASAD YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
A227/6068/2025 · 2025-10-10
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 194760 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6068 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् की िवद्वान अिधवक्ता कु मारी नीरा यादव तथा राज्य सरकार के िवद्वान अिधवक्ता श्री धीरज ओझा को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त प्रस्तुत इस यािचका द्वारा यािचकाकतार् ने िसिवल जज (अवर खण्ड), सदर, अयोध्या, को मूल वाद संख्या 548 सन 2016 के शीघ्र िनस्तारण का िनदेर्श िदये जाने का अनुरोध िकया है।
3. उपरोक्त मूल वाद यािचकाकतार् ने संिवदा के िविनिदष्ट अनुपालन के िलए िदनांक 27.07.2016 को प्रस्तुत िकया था। पत्रावली के साथ प्रस्तुत आदेशों के पिरशीलन से यह प्रतीत होता है िक प्रितवादी िदनांक 22.10.2019 की कायर्वाही में िवचारण न्यायालय के समक्ष उपिस्थत था िकन्तु इसके पश्चात भी अभी तक प्रितवादी ने प्रितवाद पत्र प्रस्तुत नहीं िकया है।
4. वाद के आदेश पत्र के अवलोकन से यह प्रतीत होता है िक अनेक ितिथयों को िबना कोई कारण दशार्ए वाद की सुनवाई स्थगित की गयी।
5. उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत रखते हुए, जबिक वाद संिवदा के िविनदर्ष्ट अनुपालन हेतु संिस्थत िकया गया है तथा इसके िनस्तारण में िवलंब से वादी के िहतों पर प्रितकू ल प्रभाव पड़ रहा है; प्रितवादी ने िवचारण न्यायालय के समक्ष उपिस्थत होने के बाद कई वषोर्ं तक प्रितवाद प्रस्तुत नहीं िकया है तथा िवचारण न्यायालय ने कायर्वाही को तत्परता से चलाने हेतु कोई आदेश पािरत नहीं िकया; आदेश पत्र के अवलोकन से स्पष्ट है िक अनेक ितिथयों को िबना कोई कारण दशार्ए वाद की सुनवाई स्थिगत की गयी, यह यािचका इस िनदेर्श के साथ िनस्तािरत की जाती है Versus Counsel for Petitioner(s) : Neera Yadav Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Shri Prasad Yadav .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others .....Respondent(s)
िक िसिवल जज (अवर खण्ड), सदर, अयोध्या मूल वाद संख्या 548 सन 2016 की कायर्वाही िबना िकसी पक्ष को अनावश्यक स्थगन िदये हुए, शीघ्रतापूवर्क, िविधनुसार करना सुिनिश्चत करेंगे। October 10, 2025 Ankit A227 No. 6068 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench