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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 194598 (ALL)

MOHAMMAD MOHSIN @ ABDUL MOHSIN v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME LKO.

ABAIL/1147/2025 · 2025-10-15

Karunesh Singh Pawar

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1147 of 2025 Court No. - 15 HON'BLE KARUNESH SINGH PAWAR, J. १. ्ऺाथर् के िव्षान अिधव्वा तथा िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया। २. भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता की धारा 482/438 दं०्ऺ०सं० के अंतगर्त ्ऺस्तुत इस ्ऺाथर्ना-प्ऴ ्षारा ्ऺाथर् ने मुकदमा अपराध संख्या 252 सन 2017 अन्तगर्त धारा 2/3, उ०्ऺ० िगरोहबन्द समाज िवरोधी ि्वयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम, 1986, थाना धौरहरा, िजला लखीमपुर खीरी, में अि्षम जमानत की ्ऺाथर्ना की है। ३. गैंग चाटर् में एकमा्ऴ आपरािधक ्ऺकरण में ्ऺाथर् की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसकी कारर्वाई पर इस न्यायालय ्षारा ्ऺाथर्ना प्ऴ अंतगर्त धारा 482, संख्या 6163 सन 2017 में पािरत अंतिरम आदेश िदनांक 19/09/2017 से रोक लगाई जा चुकी है। उपरो्व आदेश अभी भी ्ऺभावी है। ४. ्ऺाथर्ना प्ऴ में ्ऺाथर् को मा्ऴ एक आपरािधक ्ऺकरण में सिम्मिलत होने के आधार पर िगरोहबन्द अिधिनयम के अन्तगर्त आरोपी बनाया गया है, है, िजस ्ऺकरण की कारर्वाई पर इस न्यायालय के आदेश िदनांक 19/09/2017 के ्षारा रोक लगाई जा चुकी है। ्ऺाथर्ना-प्ऴ के साथ ्ऺस्तुत शपथ-प्ऴ में यह भी कहा गया है िक ्ऺाथर् न तो िकसी िगरोह का नेता है और न ही सदस्य है। ५. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा जमानत की ्ऺाथर्ना का िवरोध िकया है, लेिकन वह मामले के उपरो्व पहलुओं पर िववाद नहीं कर सके । Versus Counsel for Applicant(s) : Rizwanul Haque Ansari, Santi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Mohammad Mohsin @ Abdul Mohsin .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s) ६. ्ऺथम दृ्िया ऐसा ्ऺतीत होता है िक ्ऺाथर् की वतर्मान मामले में के वल इसिलए फं साया गया है क्योंिक उसका आपरािधक इितहास है। ्ऺथम दृ्िया यह मानने का कोई उिचत आधार ्ऺतीत नहीं होता है िक ्ऺाथर् किथत अपराध का दोषी है। ७. ्ऺाथर् की दोषिसि्ध की िस्थित में न्यूनतम सजा दो वषर् का कारावास है। ८. प्ऴावली में ऐसी कोई भी साम्षी उपलब्ध नहीं है िजससे यह उिचत आशंका उत्पन्न हो िक ्ऺाथर् साष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है या गवाहों को ्ऺभािवत कर सकता है या ्ऺाथ्ल फरार हो जाएगा और मुकदमे का सामना नहीं करेगा या जमानत पर िरहा होने की िस्थित में उसके ्षारा कोई अन्य अपराध िकए जाने की संभावना है। ९. उपरो्व चचार् के म्देनजर, मामले के गुण-दोष पर कोई राय ्ि्व िकए िबना, यह न्यायालय इस िवचार पर है िक ्ऺाथर् अि्षम जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है। 10. तदनुसार, अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना-प्ऴ स्वीकार िकया जाता है। 11. आवेदक को उ्तर ्ऺदेश गैंगस्टसर् एवं असामािजक ि्वयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम, 1986 के अंतगर्त पंजीकृ त मामले में संबंिधत मिजस््िेट/न्यायालय की संतुि्ि के अनुसार ्िि्वगत बंधप्ऴ और समान रािश के दो िव्षसनीय जमानतदार ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के अधीन जमानत पर िरहा िकया जाएः क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी ्षारा जॉच हेतु अपेि्षत समय पर उपिस्थत होगा; ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को ्ऺत्य्ष या परो्ष रूप से कोई धमकी, वादा या ्ऺलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के सम्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के सम्ष ्ऺकट न करने पर मान जाए: ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को ्ऺत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ्िायल कोटर् के सम्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक ्िि्वगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन प्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा; च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतं्ऴता का ABAIL No. 1147 of 2025 2 दुरुपयोग नहीं करेगा। October 15, 2025 kkb/ ABAIL No. 1147 of 2025 3 (Karunesh Singh Pawar,J.) Digitally signed by :- KRISHNA KUMAR BARANWAL High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench