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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 194571 (ALL)

ARVIND KUMAR v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/34073/2025 · 2025-10-13

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34073 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 50/2005, अन्तगर्त धारा 64(2) भारतीय न्याय संिहता व धारा 5(I)/6 पाक्सो एक्ट, थाना लोनी बाडर्र, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी राजेन््श िसह को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा पूरकशपथ-प्ऴ दािखल िकया गया, इसे प्ऴावली पर रखा जाय। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् में अन्य ्िि्वयों को नािमत िकया गया है। आवेदक, ्ऺथम सूचना िरपोटर् में नािमत नहीं है। आवेदक का किथत पीिड़ता से कोई संबंध नहीं है, अिपतु ्ऺथम सूचना िरपोटर् में किथत पीिड़ता का पिरचय सहअिभयु्व आदी से होना विणत िकया गया है। ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक किथत पीिड़ता ्षारा अपना धारा 180 व 183 भारतीय सुर्षा संिहता का बयान सुिनयोिजत तरीके से आवेदक के िवरू्ध िदया गया है तथा आवेदक का नाम इस मामलें में किथत पीिड़ता के बयान के आधार पर ्ऺकाश में लाया गया है। किथत पीिड़ता ्षारा अपने िचिकत्सीय परी्षण के दौरान सहअिभयु्व आदी उफर् अ्षय के ्षारा छेड़छाड़ करने का कथन िकया गया है। वास्तिवक तथ्य यह भी है िक किथत पीिड़ता बािलग है तथा उसके बयान से अिभयोजन कहानी सुिनयोिजत बनायी गयी ्ऺतीत हो रही है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार उसके शरीर पर कोई चोट नहीं पायी गयी है, इससे अिभयोजन कहानी की संिदग्धता दिशत हो रही है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए Versus Counsel for Applicant(s) : Ashutosh Dwivedi Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Suhel Ahmad Azmi Arvind Kumar .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 24.04.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक पीिड़ता किथत घटना के समय अवयस्क थी। पीिड़ता के बयान के आधार पर ही अिभयु्व का नाम ्ऺकाश में लाया गया है। अिभयु्व ्षारा सुिनयोिजत तरीके से पीिड़ता को ब्लैकमेल करके उसे कई िदवस अपने अवैध संर्षण मे रखते हुए उसके साथ ्ऺवेशन लैंिगक हमला कािरत िकया गया है, पीिड़ता के बरामदगी के हेतु अिभयोगी ्षारा यािचका भी योिजत िकया गया था। पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में अिभयु्व के िवरू्ध िविश्ि भूिमका कथन िकया गया है, इससे पिरलि्षत हो रहा है िक इस घटना में अिभयु्व की ही मुख्य भूिमका है। आगे यह भी कहा गया िक मामलें के स्ऴ परी्षण/परी्षण में अिभयोजन सा्षी सं० 1 ्षारा अिभयोजन कथानक का समथर्न भी िकया गया है। आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है एवं सामािजक पिरवेश के ्ऺितकू ल है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 6. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में अिभयु्व की िवरू्ध िविश्ि भूिमका का कथन िकया गया है। इसिलए, मामलें के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है। 7. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 14, 2025 CP.sahani BAIL No. 34073 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad