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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33550 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु.अ.सं. 802/2024 अन्तगर्त धारा 137(2)/ 64/ 115(2)/ 87 बी.एन.एस. एवं 5/6 पाक्सो एक्ट., थाना सहजनवा, िजला गोरखपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺाथिमकी 09 िदन िवलम्ब से करायी गयी। िजसका कोई कारण ्ऺाथिमकी में दिशत नहीं है। वािदनी व आवेदक िरश्तेदारी में आते हैं। आवेदक के माता िपता ्षारा शादी से इंकार करने पर पीिड़ता ्षारा नाराज होकर आवेदक के िखलाफ उपरो्व मुकदमा दजर् करा िदया। पीिड़ता के अंतगर्त धारा 180 बी.एन.एस. में कथन िकया िक मै सूरज से शादी में 02 साल पहले िमली थी। मै सूरज से फोन पर दो साल से बात करती थी। िद० 05.12.2024 के स्कू ल से घर आते समय सूरज मुझे रास्ते में िमला। मैं तुमसे बहुत प्यार करता है। और शादी करना चाहता हू तो मै सूरज से बोली में तुमसे सादी नहीं करना चाहती। तब सूरज कहने लगा तुम मुझसे शादी नही करोगी तो मैं तुम्हे गोलीमार दूंगा और खुद को भी मार दूंगा। तब मुझे बहला फु सलाकर अपने साथ घर गायघाट ले गया। वहां मैं 23 िदन रही िद0 81224 को सूरज मुझे अपने साथ गािजयाबाद ले गया। और वहां एक कमरे रखा सूरज कारपेन्टर का काम करता था। जब बाहर जाता तो बाहर से ताला मारकर जाता था। सूरज ने मेरे साथ कई बार शारीिरक सम्बन्ध बनाया।
4. उ्व पीिड़ता के अंतगर्त धारा 180 बी.एन.एस.
उ्व पीिड़ता के अंतगर्त धारा 180 बी.एन.एस. के अवलोकन से यह दिशत होता है िक पीडिता ्षारा गायघाट से गािजयाबाद ले जाने तक कहीं भी जबरदस्ती ले जाने का िव्शोह नहीं िकया। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय Versus Counsel for Applicant(s) : Gaurav Kumar Singh, Sarwam Dwivedi Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Ranu Tiwari, Vikas Yadav Suraj Kanujiya .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 16.05.2025 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5.पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
6. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य ्ऺश्नगत ्ऺकरण में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
1. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
1. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
1.
आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
1. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 10, 2025 S.Mishra BAIL No. 33550 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad