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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 15941 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 177/2024, अन्तगर्त धारा 376डी/ 506 भा.दं.सं. एवं धारा 5/6 पाक्सो एक्ट, थाना कायमगंज, िजला फरूर्खाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी चन्दन िसह को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक के िव्षान अिधव्वा का कथन है िक अिभयोजन कथानक एवं पीिड़ता के अंतगर्त धारा 180/183 बी.एन.एस. में परस्पर िवरोधाभाष है। तथाकिथत घटना का कोई चश्मदीद सा्षी नहीं है। घटना का जो स्थान देशराज का घर िदखाया गया आवेदक का उस स्थान से कोई सबंध नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 02.09.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा सूची से हटकर यह कहा गया िक उ्व वाद समानता के आधार पर देख िलया जाए। जबिक प्ऴावली अवलोकन करने के बाद उ्व वाद से संबंिधत िजस सहअिभयु्व से समानता के आधार पर आवेदक के िव्षान अिधव्वा समानता Versus Counsel for Applicant(s) : Dharmendra Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Amit .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
की जमानत क्लेम कर रहे थे उसी के जमानत आवेदन प्ऴ में पािरत आदेश में यह उिल्लिखत है िक तथाकिथत घटना कािरत करने की मुख्य भूिमका आवेदक की ही है। इस ्ऺकार आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा न्यायालय को गलत तथ्य बताकर न्यायालय को गुमराह करने की कोिशश की गयी। अिभयु्व ्षारा आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5.
वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, तथाकिथत घटना में आवेदक की मुख्य भूिमका स्प्ि की गयी है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 14, 2025 S.Mishra BAIL No. 15941 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad