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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 193898 (ALL)

SANJAY KUMAR v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/33306/2025 · 2025-10-15

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33306 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 212/2025, अन्तगर्त धारा 65(1), 77, 351(3) भारतीय न्याय संिहता एवं धारा 5एल/6 पाक्सो एक्ट, थाना पिनयरा, िजला महाराजगंज में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, सूचनाकतार् के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया व जयराम पाण्डेय को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना अितिवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक किथत पीिड़ता सहमत प्षकार है तथा किथत पीिड़ता बािलग है। किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार उसके शरीर पर कोई चोट नहीं है, किथत पीिड़ता ्षारा दुराशय के तहत आवेदक को इस मामलें में रंिजश नािमत कर िदया गया है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता ्षारा आवेदक पर किथत रूप से अ्शील फोटो/वीिडयो वायरल करने आ्षेप आरोिपत िकया गया है, िकतु िववेचना के दौरान ऐसा कोई अ्शील फोटो/वीिडयों बरामद नहीं हुआ है, जो अिभयोजन कथानक को झूठा सािबत कर रहा है। किथत पीिड़ता ्षारा दबाव में आवेदक के िवरू्ध बयान िदया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 11.06.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Siddharth Yadav Counsel for Opposite Party(s) : Ashutosh Kumar Gautam, G.A., Rajesh Kumar Patel Sanjay Kumar .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) 4. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक किथत पीि़डता की आयु िचिकत्सीय आख्या के अनुसार 16 वषर् बतायी गयी है तथा किथत घटना के समय पीिड़ता अवयस्क थी। अिभयु्व ्षारा पीिड़ता को ब्लैकमेल करके उसके साथ किथत अपराध कािरत िकया गया। इसी पिरपुि्ि पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में भी िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक अिभयु्व के पिरजनों के ओर से वतर्मान मुकदमें में समझौता करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है व परेशान िकया जा रहा है, िजसके कारण पी़िड़ता की मां ्षारा अिभयु्व के पिरजनों के िवरू्ध अन्य अिभयोग भी पंजीकृ त कराया गया है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक अिभयु्व को जमानत पर मु्व िकये जाने पर उसके ्षारा अिभयोजन सा्षीगण को ्ऺभािवत िकया जा सकता है। आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता अवयस्क है तथा उसके ्षारा घटना का समथर्न अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में स्प्ि रूप से िकया गया है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 16, 2025 CP.sahani BAIL No. 33306 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad