Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 47113 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 0077/2024, अन्तगर्त धारा 70(2), 115(2), 352, 351(2) भारतीय न्याय संिहता व धारा 5g/6 पॉक्सो एक्ट, थाना नौगढ़, िजला चंदौली में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया व राजेन््श िसह को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें में आवेदक का नाम सहिभयु्व अिभषेक के संस्वीकृ ित बयान के आधार पर लाया गया है। ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक पीिड़ता/सूचनाकतार् की पु्ऴी के बयान के मा्ऴ अवलोकन से पता चलता है िक पीिड़ता/सूचनाकतार् की पु्ऴी ने, मुखिबर के बयान का खंडन िकया है और आरोप लगाया है िक घटना के बाद, पीिड़ता के िपता घटनास्थल पर आए थे, जबिक मुखिबर के बयान में, मुखिबर ने घटनास्थल पर जाने से इंकार िकया है। किथत पीिड़ता ने यह भी कहा है िक ्षामीणों ्षारा बताए गए नामों के आधार पर, अिभयु्वों को वतर्मान मामले में अिभयु्व के रूप में फं साया गया था। आवेदक का नाम अन्य अिभयु्व अिभषेक के स्वीकारोि्व बयान में आया था और घटनास्थल से अन्य अिभयु्व अिभषेक की मोटर साइिकल बरामद की गई थी। बयान में अन्य अिभयु्व सुजीत चौहान ने आरोप लगाया िक अन्य अिभयु्व अिभषेक ने उसे पीटा था, लेिकन किथत चश्मदीद गवाह सुजीत चौहान ने मेिडकल जाँच कराने से इनकार कर िदया। यह भी ्ऺस्तुत िकया गया है िक आवेदक का नाम अन्य अिभयु्व अिभषेक ने अपने Versus Counsel for Applicant(s) : Namit Srivastava, Parul Srivastava, Satyendra Pratap Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Pratibha Jaiswal Sunil Yadav .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) स्वीकारोि्व बयान में ्ऺकट िकया था, जो किथत चश्मदीद गवाह सुजीत चौहान के बयान पर आधािरत है, जो िक ्ऺाथिमकी दजर् होने के बाद हुआ था, जबिक आवेदक का नाम ्ऺाथिमकी में, अथार्त् किथत चश्मदीद गवाह सुजीत चौहान और सह-अिभयु्व अिभषेक के बयान से पहले दजर् हुआ था, िजससे अिभयोजन प्ष की कहानी पर संदेह उत्पन्न होता है। सह-अिभयु्व अिभषेक के बयान से यह भी पता चलता है िक कई ्िि्वयों की उपिस्थित के बावजूद, सह-अिभयु्व अिभषेक अपनी मोटर साइिकल पर घटनास्थल से भागने में सफल रहा, िजसे किथत तौर पर मौके पर मौजूद ्िि्वयों ्षारा तोड़ िदया गया था। पुिलस ने अच्छा काम िदखाने के िलए न के वल आवेदक को झूठे और तुच्छ मामले में फं साया, बिल्क आवेदक को िहरासत में लेने के बाद, आवेदक और सह-अिभयु्व अिभषेक को जंगल में ले जाया गया और पुिलस ्षारा मुठभेड़ का मामला िदखाने के िलए उनके पैर में गोली मार दी गई। उल्लेखनीय तथ्य यह भी है िक इस मामलें
में अिभयु्व का ्ऺमाणीकरण (आई०डी० परेड) नहीं कराया गया। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 10.08.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक उ्व घटना के समय अवयस्क थी। पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में अिभयु्व व अन्य सहअिभयु्व के िवरू्ध िविश्ि अिभकथन िकया गया है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक अिभयु्व ्षरा सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर पीिड़ता के साथ गुरू्तर ्ऺवेशन लैंिगक हमला करते हुए उसके साथ सामूिहक बलात्कार करने, गािलयां व जान से मारने की धमकी देते हुए उसे मारपीट की गयी है। ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक इस मामलें के स्ऴ परी्षण के दौरान अिभयोजन सा्षी सं० 1/पीिड़ता ्षारा अपने परी्षण में यह कथन िकया गया िक "हािजर अदालत मुिल्जमान अिभषेख यादव व सुिनल यादव को देखकर सा्षी ने बताया िक यह दोनों अिभयु्व वही ्िि्व है, िजन्होंने मेरे साथ रेप िकया था। मिहला िसपाही ने मेरा बयान िलया था तथा मेरे बयान की िविडयों िरकािडग भी हुआ था।" इससे पिरलि्षत हो रहा है िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है तथा अिभयु्व ्षारा ही सहअिभयु्व के साथ िमलकर उ्व अपराध कािरत िकया गया है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5.
वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की BAIL No. 47113 of 2024 2
भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान एवं मामलें के स्ऴ परी्षण के दौरान अिभयोजन सा्षी सं० 1/ पीिड़ता ्षारा अपने परी्षण में भी आवेदक/ अिभयु्व के िवरू्ध अिभकथन िकया गया है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 17, 2025 CP.sahani BAIL No. 47113 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad