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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 44023 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 163/2024, अन्तगर्त धारा 137(2), 87, 64, 351(2) भारतीय न्याय संिहता एवं धारा 3/4 पाक्सो एक्ट, थाना करारी, िजला कौशांबी में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी चन्दन िसह को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। किथत पीिड़ता के धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में परस्पर िवरोधाभाष है। आगे यह भी िक किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट आना अंिकत नहीं है, जो किथत घटना के संिदग्धता को दिशत कर रहा है। किथत पीिड़ता के ऑिसिफके शन टेस्ट के अनुसार उसकी आयु 18-20 वषर् होना बताया गया है। आवेदक को मामलें में दुराशय के तहत पिरिस्थितजन्य साष्यों के आधार पर नािमत िकया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 13.07.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Akhilesh Kumar Mishra, Devendra Kumar, Ram Pravesh Yadav, Rishabh Tiwari, Shashank Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Thakur Prasad Dubey Shanu .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
4.
पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा पीिड़ता को उसके िविधपूणर् संर्षक की संर्षता से िववाह/अयु्व संभोग करने के आशय से बहल फु सलाकर ले जाने, बलात्संग कािरत करने, जाने से मारने की धमकी तथा ्ऺवेशन लैिगक हमाल कािरत िकया गया है। इसकी पिरपुि्ि पीिड़ता के धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान एवं पीिड़ता के आंतिरक िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार भी हो रही है। आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता ्षारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में आवेदक/अिभयु्व के िवरू्ध िविश्ि भूिमका अिभकिथत की गयी तथा इसकी पिरपुि्ि पीिड़ता के आंतिरक िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार भी हो रही है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 7, 2025 CP.sahani BAIL No. 44023 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad