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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 192820 (ALL)

FARMAN v. STATE OF U.P.

BAIL/33523/2025 · 2025-10-09

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33523 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक फरमान की ओर से मु०अ०सं०73/2025, अन्तगर्त धारा 333/ 351(2)/ 64(1)/ 115(2) बी.एन.एस., थाना गंगोह, िजला सहारनपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। जो कहानी ्ऺथम सूचना िरपोटर् में िलखी गयी है, वह िबल्कु ल झूठी व मनघडंन्त बनायी गयी है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् में एक िदन की देरी है, देरी का कोई स्प्िीकरण भी नहीं िदया गया है। ्ऺाथर् को पाटर्बाजी व रंिजश के कारण इस मुकदमें में झूठा नामजद िकया गया है। वािदया का घर मौहल्ला गुलाम ओिलया में घनी आबादी के बीच में है। घनी आबादी के बीच इस ्ऺकार की घटना कािरत िकया जाना संभव नहीं है। घटनास्थल के आसपास कोई गवाह भी नहीं िदखाया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 17.03.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक के िवरू्ध दजर् करायी गयी। Versus Counsel for Applicant(s) : Rahul Kumar Tiwari, Sanjay Kr. Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Vikas Sharma Farman .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) आवेदक पर अिभयोग है िक उसने पीिड़ता के घर में घुसकर पीिडता की कनपटी पर तमंचा लगाकर बलात्कार िकया तथा मारपीट की एवं धमकी दी। पीिड़ता ्षारा बयान अंतगर्त धारा- 180 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता तथा अंतगर्त धारा 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता में अिभयु्व के ्षारा पीिडता के साथ बलात्कार िकया जाना अिभकिथत िकया गया है। प्ऴावली पर उपलब्ध िचिकत्सीय ्ऺप्ऴों में पीिडता के शरीर पर दो चोटें होना अंिकत है। सा्षी इसरार के बयान में अंिकत है िक आवेदक फरमान को उसने पीिडता के घर के गेट से बाहर जाते हुए देखा है। िजससे घटना होने की पुि्ि हो जाती है। अिभयु्व ्षारा अिभयु्व ्षारा आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 10, 2025 S.Mishra BAIL No. 33523 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad