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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 192534 (ALL)

GUDDU v. STATE OF U.P.

BAIL/35988/2025 · 2025-10-15

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 35988 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक गु्डू की ओर से मु०अ०सं० 158/2025, अन्तगर्त धारा 70(1) बी.एन.एस., थाना सरूरपुर, िजला मेरठ में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जय राम पाण्डेय को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। घटना का कोई ्ऺत्य्षदशर् व स्वतं्ऴ सा्षी नहीं है। घटना के समय पीिडता के पित का घटनास्थल पर मौजूद होना बताया गया है िकतु ्ऺथम सूचना िरपोटर् िकसी अन्य ्िि्व दुष्यंत पंवार ्षारा अपु्ि सूचना के आधार पर दजर् कराई गयी है। पीिडता पिरपक्व मिहला है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 21.05.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत करते हुए न्यायालय का ध्यान डाक्टर के बयान डा. रचना की ओर आकृ ्ि िकया िजसमें उनके ्षारा कथन िकया गया िक िदनांक 20/05/2025 को मेिडकल हेतु मिहला िजला अस्पताल मेरठ आयी थी। िजसका मेिडकल मेरे ्षारा िकया गया था तथा बल ्ऺयोग कर सेक्स करना ्ऺतीत होना पाया गया था। साथ ही उन्होंने पीिड़ता के धारा 180 बीएनएसएस के बयान Versus Counsel for Applicant(s) : Mukesh Chandra Gupta, Shubham Prakash Gupta Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Guddu .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ्ि िकया िजसमें पीिड़ता ्षारा कथन िकया है िक मै आजमगढ की रहने वाली हूं। पीिडता ने इशारे से बताया िक उसकी तिबयत खराब रहती है। अब भी तिबयत खराब है। बताया िक मेरे साथ कु छ लोगो ने गलत काम िकया है। पीिडता हादसे की वजह से कु छ बोल नही पा रही है। पीिडता ने इशारे से बताया िक उसके साथ 3 लोगो ने गलत काम िकया। आगे उन्होंने पीिड़ता के धारा 183 बीएनएसएस के बयान की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ्ि िकया िजसमें पीिड़ता ्षारा कथन िकया है िक मेरी आयु 40 वषर् है। िदनांक 20.5.2025 को शाम को मै व मेरा पित और बच्चा अस्पताल से लौट रहे थे। रास्ते मे मोिहत, गुडडू और सोनू िमले थे। मेरे पित को कहा िक गांव तक छोड दो। मैं ओर मेरा बेटा गु्डू और मोिहत के साथ दो पिहया पर बैठे और मेरा पित सोनू के साथ बैठे। सोनू अपनी दो पिहया आगे ले गया। गु्डू और मोिहत ने बेटे को उतार िदया। मेरा गला दबाते हुए खींचते खेत में ले गये। दोनो ने मेरी सलवार फाड िदया और बारी बारी से मेरा बलात्कार िकया। मैने आवाज लगाई पर कोई नहीं नहीं आया। अिभयु्व ्षारा अिभयु्व ्षारा आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 16, 2025 S.Mishra BAIL No. 35988 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad