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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34121 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 730/2025 , अन्तगर्त धारा 137(2), 64(1) भारतीय न्याय संिहता व धारा 3/4 पाक्सो एक्ट, थाना कोतवाली लिलतपुर, िजला लिलतपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, सूचनाकतर् की ओर से िव्षान अिधव्वा ्शी जलज िसह एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक किथत पीिड़ता के धारा 180 व धारा 183 दं०्ऺ०सं० के बयान से सहमत प्षकार होने का अिभकथन िकया गया है तथा इस मामलें के स्ऴ परी्षण/परी्षण में अिभयोिगनी/किथत पीिड़ता की मां ्षारा इस एक अनापि्त ्ऺाथर्ना प्ऴ के समथर्न में शपथ प्ऴ ्ऺस्तुत िकया गया, िजसमें उसके ्षारा यह कथन िक गया िक "रंिजश के आधार पर मुझे अिभषेक के िवरू्ध शक था िजसके आधार पर पर शपथकतर् ने मुकदमा पंजीकृ त कराया था बाद में जानकारी हुयी िक यह झूठ है" इससे पिरलि्षत हो रहा है िक अिभयु्व के िवरू्ध कोई ्ऺत्य्ष साष्य नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 02.07.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया गया िक अिभयोिगनी ्षारा उपरो्व ्ऺथम Versus Counsel for Applicant(s) : Hanuman Prasad Kushwaha, Nanhe Lal Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Abhishek Kushwaha .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
सूचना िरपोटर् शक के आधार पंजीकृ त कराना बताया गया है। इसिलए, उन्हें अिभयु्व को जमानत पर मु्व िकये जाने पर उन्हें कोई आपि्त नहीं है।
5.
उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 14, 2025 CP.sahani BAIL No. 34121 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad