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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 192052 (ALL)

NITISH ALIAS NITIN v. STATE OF U.P.

BAIL/34568/2025 · 2025-10-06

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34568 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक िनतीश उफर् िनितन की ओर से मु०अ०सं० 361/2024, अन्तगर्त धारा 70(1)/ 131/ 115(2)/ 351(3) बी.एन.एस., थाना ्िोिनका िसटी, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलम्ब से दजर् करायी गयी िजसका कोई स्प्िीकरण नहीं िदया गया। किथत घटना का कोई स्वतं्ऴ जनसा्षी नहीं है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 26.07.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक पीिड़ता ने अपने धारा 183 बी.एन.एस. के बयान अवलोकन से स्प्ि दिशत है िक तथाकिथत घटना में मुख्य भूिमका आवेदक की ही है। आवेदक अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर पीिड़ता के साथ जबरदस्ती बलात्संग िकया गया। अिभयु्व ्षारा अिभयु्व ्षारा आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Pavan Kumar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Nitish Alias Nitin .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता ्षारा अपने धारा 183 बी.एन.एस उ्व घटना में आवेदक की मुख्य भूिमका स्प्ि की गयी है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 7, 2025 S.Mishra BAIL No. 34568 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad