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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33800 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक जािहत उफर् जािहद खान की ओर से मु०अ०सं० 94/2025, अन्तगर्त धारा 70(1)/ 74/ 123/ 126(2)/ 127(2)/ 351(2) बी.एन.एस., थाना लालपुर पाण्डेयपुर, िजला वाराणसी में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। किथत घटना संदेहास्पद है ज मुकदमा उपरो्व की तहरीर से स्प्ि हो जाता है िजसमें किथत पीिड़ता कई िदनों तक सड़कों होटलों इत्यािद में अिभयु्वों ्षारा घुमाई जाती रही परंतु कहीं भी वो चीखी- िचल्लाई नहीं और उसका मोबाइल फोन भी उसके पास ही था फोन ्षारा भी उसने िकसी को भी घटना उपरो्व की सूचना नहीं दी। उपरो्व घटना के वल और के वल वािदनी मुकदमा और किथत पीिड़ता ्षारा के वल पैसों की वसूली के िलए दजर् कराया गया है। अिभयु्व को गलत तथ्यों एवं गलत अिभयोजन कथानक के आधार पर सह-अिभयु्व बना िदया गया है। आवेदक/अिभयु्व का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 11.04.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
Versus Counsel for Applicant(s) : Anjani Kumar Raghuvanshi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Zahir Alias Zahid Khan .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक जािहर उफर् जािहद खान ्ऺथा सूचना िरपोटर् में नामजद है। िजस पर वादी मुकदमा ्षारा यह अिभयोग लगाया है िक िदनांक 31.03.2025 को आयुष नाम का लड़का पीिडता के पास अपने पांच अन्य दोस्तों के साथ िजनमें आवेदक जािहर था, वे सभी पीिड़ता को अिभयु्व अनमोल के मलदिहया िसगरा िस्थत किन्टनेंटल कै फे लेकर गए। जहां पर सभी ने वादी मुकदमा की बेटी (पीिडता) को जबरदस्ती अत्यिधक मा्ऴा में नशीला पदाथर् िपला कर कै फे में िस्थत एक कमरें में ते जाकर बारी-बारी से पीिड़ता के साथ बलात्कार िकए। पीिडता ्षारा भी अपने बयान अंतगर्त धारा 180 बी.एन.एस.एस. में िदनांक 31.03.2025 को जब आयुष, सोहेल, दािनश उसे लेकर नलदिहया कै फे में गए तो वहां सािजद व जािहद पहले से उपिस्थत थे। उन सभी लोगों ने उसे अनमोल के कै फे में नशा कराया और उसके साथ गलत काम िकया। पीिड़ता ्षारा धारा 183 बी.एन.एस.एस. के बयानों में यह बताया गया है िक सोहेल व आयुष उसे एक कै फे में मलदिहया ले गए। जहां तीन अ्ञात लड़के थे। जहां पर सभी ने उसे नशा कराया और सोहेल, आयुष व तीन अन्य लड़कों ने बारी-बारी से अगले पांच िदन तक उसका बलात्कार िकया। अिभयु्व सािजद के बयानों में यह तथ्य आया है िक िदनांक 02.04.2025 को जब वह और उसका दोस्त जािहद, शािहद कं न्टीनेंटल कै फे मलदिहया पर बैठे थे तो आयुष, सोहेल शेख, दािनश अली पीिड़ता को लेकर आये और कै फे के ्ऺथम तल पर िस्थत एक छोटे कमरे में उन लोगों ने पीिड़ता को गांजा, बीयर तथा शराब िपलाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीिरक संबंध बनाया। सीडी पचार् 25 में अिभयु्वगण के मोबाइल नंबरों का घटनास्थल के आसपास के लोके शन के संबंध में सीडीआर का उल्लेख िकया गया है िजसमें यह तथ्य आया है िक िदनांक 31.03.2025 व 01.04.2025 को मलदिहया कं टीनेंटल के आसपास सहअिभयु्व सािजद का लोके शन पाया गया है जो सह-अिभयु्वगण अमन, जािहद, जैब व अनमोल से वातार् कर रहा था। आवेदक की घटनास्थल कं टीनेंटल कै फे के मािलक अनमोल गुप्ता से वातार् होना पाया गया है। िववेचक ्षारा सी.डी.
पचार् 26 में आरोप प्ऴ ्ऺेिषत करते समय अपने िनष्कषर् में भी यह उिल्लिखत िकया है िक िदनांक 31.03.2025 व 01.04.2025 को आवेदक/अिभयु्व ्षारा सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर पीिड़ता को कं टीनेंटल कै फे मलदिहया ले गए जहां पर पीिडता को रोककर जबदस्ती नशा कराकर बलात्कार की घटना को अंजाम िदया गया। पीिड़ता की मेिडकल परी्षण का उल्लेख सी.डी पचार् 3 में िकया गया है। िजसके अनुसार पीिड़ता की शरीर पर कोई चोट का िनशान नहीं है। हाइमन Fresh Torn होना उिल्लिखत है। जहां तक पीिड़ता के ्ऺाइवेट पाटर् पर चोट के िनशान न होने का ्ऺश्न है तो यहां यह उल्लेखनीय है िक तथाकिथत घटना 29.03.2025 से 03.04.2025 की है तथा ्ऺथम सूचना िरपोटर् िदनांक 07.04.2025 को दजर् होने के उपरान्त घटना के लगभग एक सप्ताह के बाद मेिडकल परी्षण कराया गया है। जो साष्य का िवषय है। आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
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5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 13, 2025 S.Mishra BAIL No. 33800 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad